{"_id":"6a34474bd5faa840360a5538","slug":"concern-expressed-over-supreme-courts-verdict-on-tet-udhampur-news-c-202-1-sjam1001-137253-2026-06-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"Udhampur News: टीईटी पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर जताई चिंता","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Udhampur News: टीईटी पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर जताई चिंता
संवाद न्यूज एजेंसी, उधमपुर
Updated Fri, 19 Jun 2026 01:00 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
रियासी। अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षणिक महासंघ ने शिक्षक पात्रता परीक्षा से जुड़े सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसले पर चिंता जताई है। रियासी में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में जिला महासचिव विपिन कुमार शर्मा और जिला अध्यक्ष अशोकशर्मा ने केंद्र सरकार से मांग की है कि आगामी संसद सत्र में एक उपयुक्त संशोधन विधेयक लाया जाए।
महासंघ का कहना है कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2010 लागू होने के बाद विभिन्न राज्यों में भर्ती नियमों को समान रूप से लागू नहीं किया गया। इसके चलते कई शिक्षकों की नियुक्तियां उस समय राज्य सरकारों द्वारा तय नियमों के अनुसार की गईं। अब सालों की सेवा के बाद इन शिक्षकों को अयोग्य ठहराना प्राकृतिक न्याय और नौकरी की सुरक्षा के सिद्धांतों के खिलाफ होगा।शैक्षिक महासंघ ने सेवारत शिक्षकों के लिए कानूनी संरक्षण और राहत की वकालत करते हुए जम्मू-कश्मीर सरकार से भी इस मामले में केंद्र के साथ मिलकर समाधान निकालने की अपील की है। महासंघ ने जिला उपायुक्तों के माध्यम से प्रधानमंत्री और केंद्रीय शिक्षा मंत्री को ज्ञापन भी भेजे हैं। संवाद
महासंघ का कहना है कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2010 लागू होने के बाद विभिन्न राज्यों में भर्ती नियमों को समान रूप से लागू नहीं किया गया। इसके चलते कई शिक्षकों की नियुक्तियां उस समय राज्य सरकारों द्वारा तय नियमों के अनुसार की गईं। अब सालों की सेवा के बाद इन शिक्षकों को अयोग्य ठहराना प्राकृतिक न्याय और नौकरी की सुरक्षा के सिद्धांतों के खिलाफ होगा।शैक्षिक महासंघ ने सेवारत शिक्षकों के लिए कानूनी संरक्षण और राहत की वकालत करते हुए जम्मू-कश्मीर सरकार से भी इस मामले में केंद्र के साथ मिलकर समाधान निकालने की अपील की है। महासंघ ने जिला उपायुक्तों के माध्यम से प्रधानमंत्री और केंद्रीय शिक्षा मंत्री को ज्ञापन भी भेजे हैं। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन