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Udhampur News: सेवा भारती ने 250 महिलाओं को बनाया आत्मनिर्भर
संवाद न्यूज एजेंसी, उधमपुर
Updated Mon, 22 Jun 2026 01:52 AM IST
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उधमपुर। सेवा भारती उधमपुर की निःशुल्क सिलाई प्रशिक्षण पहल की लाभार्थी महिलाएं : आयोजक
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संवाद न्यूज एजेंसी
उधमपुर। समाजसेवी संस्था ‘सेवा भारती उधमपुर’ जिले की बेरोजगार महिलाओं को निशुल्क सिलाई प्रशिक्षण देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कार्य कर रही है। पिछले 35 वर्षों से समाज सेवा के क्षेत्र में सक्रिय संस्था ने लगभग पांच वर्ष पूर्व महिलाओं के सशक्तीकरण और स्वरोजगार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सिलाई प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया था। इस पहल के तहत अब तक करीब 250 महिलाओं को प्रशिक्षित कर आत्मनिर्भर बनाया जा चुका है।
वहीं, प्रशिक्षण प्राप्त कर स्वरोजगार से जुड़ी लाभार्थी बिमला देवी, कौशल्या देवी, पिंकी ठाकुर और नेहा देवी ने बताया कि इस कार्यक्रम ने उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया है। पहले वे निर्भर थीं अब आत्मनिर्भर बन चुकी हैं। उन्होंने कहा कि पहले वे केवल घरेलू कार्यों तक सीमित थीं, लेकिन अब सिलाई कार्य के माध्यम से घर बैठे आय अर्जित कर रही हैं। इससे न केवल परिवार की आर्थिक स्थिति में सुधार हुआ है बल्कि उनका आत्मविश्वास भी बढ़ा है।
लाभार्थियों के अनुसार, आर्थिक स्वतंत्रता मिलने से समाज में उनकी पहचान मजबूत हुई है और वे परिवार के निर्णयों में भी अपनी सक्रिय भागीदारी निभा रही हैं। महिलाओं ने सेवा भारती की इस पहल को ग्रामीण महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में एक प्रेरणादायक कदम बताया।
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संस्था के प्रदेश अध्यक्ष अश्वनी पाबा ने बताया कि सेवा भारती का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में अनेक महिलाएं विवाह के बाद घरेलू जिम्मेदारियों तक सीमित रह जाती हैं और उनके पास रोजगार के अवसरों की जानकारी या संसाधनों की कमी होती है। ऐसी महिलाओं को ध्यान में रखते हुए संस्था उनके गांवों में ही प्रशिक्षण शिविर आयोजित करती है। प्रत्येक बैच में लगभग 20 महिलाओं को शामिल कर उन्हें सिलाई का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाता है। शिविर में शामिल होने के लिए कोई मानदंड नहीं हैं, कोई भी महिला व युवती इसमें भाग ले सकती है।
प्रशिक्षण के साथ-साथ महिलाओं को विभिन्न सरकारी योजनाओं और स्वरोजगार संबंधी अवसरों की जानकारी भी प्रदान की जाती है, जिससे वे अपना छोटा व्यवसाय शुरू कर सकें। संस्था का मानना है कि कौशल विकास के साथ सही मार्गदर्शन महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की कुंजी है। उनका यह प्रयास निरंतर जारी है।
उधमपुर। समाजसेवी संस्था ‘सेवा भारती उधमपुर’ जिले की बेरोजगार महिलाओं को निशुल्क सिलाई प्रशिक्षण देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कार्य कर रही है। पिछले 35 वर्षों से समाज सेवा के क्षेत्र में सक्रिय संस्था ने लगभग पांच वर्ष पूर्व महिलाओं के सशक्तीकरण और स्वरोजगार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सिलाई प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया था। इस पहल के तहत अब तक करीब 250 महिलाओं को प्रशिक्षित कर आत्मनिर्भर बनाया जा चुका है।
वहीं, प्रशिक्षण प्राप्त कर स्वरोजगार से जुड़ी लाभार्थी बिमला देवी, कौशल्या देवी, पिंकी ठाकुर और नेहा देवी ने बताया कि इस कार्यक्रम ने उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया है। पहले वे निर्भर थीं अब आत्मनिर्भर बन चुकी हैं। उन्होंने कहा कि पहले वे केवल घरेलू कार्यों तक सीमित थीं, लेकिन अब सिलाई कार्य के माध्यम से घर बैठे आय अर्जित कर रही हैं। इससे न केवल परिवार की आर्थिक स्थिति में सुधार हुआ है बल्कि उनका आत्मविश्वास भी बढ़ा है।
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लाभार्थियों के अनुसार, आर्थिक स्वतंत्रता मिलने से समाज में उनकी पहचान मजबूत हुई है और वे परिवार के निर्णयों में भी अपनी सक्रिय भागीदारी निभा रही हैं। महिलाओं ने सेवा भारती की इस पहल को ग्रामीण महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में एक प्रेरणादायक कदम बताया।
संस्था के प्रदेश अध्यक्ष अश्वनी पाबा ने बताया कि सेवा भारती का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में अनेक महिलाएं विवाह के बाद घरेलू जिम्मेदारियों तक सीमित रह जाती हैं और उनके पास रोजगार के अवसरों की जानकारी या संसाधनों की कमी होती है। ऐसी महिलाओं को ध्यान में रखते हुए संस्था उनके गांवों में ही प्रशिक्षण शिविर आयोजित करती है। प्रत्येक बैच में लगभग 20 महिलाओं को शामिल कर उन्हें सिलाई का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाता है। शिविर में शामिल होने के लिए कोई मानदंड नहीं हैं, कोई भी महिला व युवती इसमें भाग ले सकती है।
प्रशिक्षण के साथ-साथ महिलाओं को विभिन्न सरकारी योजनाओं और स्वरोजगार संबंधी अवसरों की जानकारी भी प्रदान की जाती है, जिससे वे अपना छोटा व्यवसाय शुरू कर सकें। संस्था का मानना है कि कौशल विकास के साथ सही मार्गदर्शन महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की कुंजी है। उनका यह प्रयास निरंतर जारी है।