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Udhampur News: कचरा प्रबंधन को मजबूत करने पर जोर
संवाद न्यूज एजेंसी, उधमपुर
Updated Wed, 20 May 2026 01:56 AM IST
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ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम पर जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन
संवाद न्यूज एजेंसी
उधमपुर। ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग की ओर से उधमपुर में ''ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026'' को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए एक जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में जिला उपायुक्त मिंगा शेरपा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उनके साथ आईएएस प्रोबेशनर शगुन सिंह, एसीपी उधमपुर डॉ. अश्विनी हंसा, सभी खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) और पंचायत सचिव भी उपस्थित रहे।
कार्यशाला की शुरुआत में एसीपी डॉ. अश्विनी हंसा ने जिले की कार्ययोजना पर प्रकाश डाला। बैठक में सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुसार ग्रामीण क्षेत्रों में कचरा प्रबंधन व्यवस्था को मजबूत बनाने पर विस्तृत चर्चा की गई। उपायुक्त मिंगा शेरपा ने सभी खंड विकास अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में नियमों का सख्ती से पालन कराने के निर्देश दिए।उपायुक्त ने सर्वोच्च न्यायालय के दिशा-निर्देशों के तहत स्रोत स्तर (घरों) पर ही गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग करना अनिवार्य बताया।
उन्होंने अधिकारियों को घर-घर कचरा संग्रहण के लिए विस्तृत सर्वेक्षण करने और सभी पंचायतों में व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए। इसके अलावा, सभी बीडीओ को अपने क्षेत्रों में कम से कम एक डंप साइट की पहचान कर उसका मानचित्रण करने को कहा गया है, ताकि कचरे का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण कर स्वच्छ वातावरण सुनिश्चित किया जा सके।
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उधमपुर। ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग की ओर से उधमपुर में ''ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026'' को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए एक जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में जिला उपायुक्त मिंगा शेरपा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उनके साथ आईएएस प्रोबेशनर शगुन सिंह, एसीपी उधमपुर डॉ. अश्विनी हंसा, सभी खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) और पंचायत सचिव भी उपस्थित रहे।
कार्यशाला की शुरुआत में एसीपी डॉ. अश्विनी हंसा ने जिले की कार्ययोजना पर प्रकाश डाला। बैठक में सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुसार ग्रामीण क्षेत्रों में कचरा प्रबंधन व्यवस्था को मजबूत बनाने पर विस्तृत चर्चा की गई। उपायुक्त मिंगा शेरपा ने सभी खंड विकास अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में नियमों का सख्ती से पालन कराने के निर्देश दिए।उपायुक्त ने सर्वोच्च न्यायालय के दिशा-निर्देशों के तहत स्रोत स्तर (घरों) पर ही गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग करना अनिवार्य बताया।
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उन्होंने अधिकारियों को घर-घर कचरा संग्रहण के लिए विस्तृत सर्वेक्षण करने और सभी पंचायतों में व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए। इसके अलावा, सभी बीडीओ को अपने क्षेत्रों में कम से कम एक डंप साइट की पहचान कर उसका मानचित्रण करने को कहा गया है, ताकि कचरे का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण कर स्वच्छ वातावरण सुनिश्चित किया जा सके।