{"_id":"6a821021aa0aa16fb80825b8","slug":"jammu-kashmir-news-udhampur-news-c-202-1-sjam1015-139339-2026-08-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"Udhampur News: समझौते के बाद आरोपी बरी, सीजेएम उधमपुर ने निस्तारित किया मामला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Udhampur News: समझौते के बाद आरोपी बरी, सीजेएम उधमपुर ने निस्तारित किया मामला
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उधमपुर। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) उधमपुर की अदालत ने थाना रेहम्बल में दर्ज एफआईआर से जुड़े एक मामले में समझौते के आधार पर आरोपी को बरी कर दिया। अदालत ने दोनों पक्षों के बीच हुए आपसी समझौते को स्वीकार करते हुए चालान को समझौते के आधार पर निस्तारित कर दिया।
आरोपी जीतू निवासी जंगल गली, तहसील मोंगरी, जिला उधमपुर के खिलाफ एफआईआर दर्ज थी। चालान अदालत में पेश होने के बाद घायल शिकायतकर्ता और आरोपी ने संयुक्त रूप से समझौते के लिए आवेदन दिया। आवेदन में बताया गया कि घायल शिकायतकर्ता ने आरोपी के साथ अदालत के बाहर आपसी समझौता कर लिया है। इस संबंध में दोनों के बयान दर्ज किए गए। शिकायतकर्ता की पहचान लोक अभियोजक ने जबकि आरोपी की पहचान उसके अधिवक्ता ने की।
सीजेएम रेखा कपूर निश्चल ने आदेश में कहा कि संबंधित धाराओं के अपराध समझौता योग्य हैं। पक्षकारों के बीच हुए समझौते को देखते हुए अदालत ने चालान को समझौते के आधार पर निस्तारित करते हुए आरोपी को बरी कर दिया। अदालत ने आरोपी के जमानत बांड और जमानती मुचलके समाप्त कर दिए। इसके बाद फाइल को नियमानुसार रिकॉर्ड में भेजने का आदेश दिया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन
आरोपी जीतू निवासी जंगल गली, तहसील मोंगरी, जिला उधमपुर के खिलाफ एफआईआर दर्ज थी। चालान अदालत में पेश होने के बाद घायल शिकायतकर्ता और आरोपी ने संयुक्त रूप से समझौते के लिए आवेदन दिया। आवेदन में बताया गया कि घायल शिकायतकर्ता ने आरोपी के साथ अदालत के बाहर आपसी समझौता कर लिया है। इस संबंध में दोनों के बयान दर्ज किए गए। शिकायतकर्ता की पहचान लोक अभियोजक ने जबकि आरोपी की पहचान उसके अधिवक्ता ने की।
विज्ञापन
सीजेएम रेखा कपूर निश्चल ने आदेश में कहा कि संबंधित धाराओं के अपराध समझौता योग्य हैं। पक्षकारों के बीच हुए समझौते को देखते हुए अदालत ने चालान को समझौते के आधार पर निस्तारित करते हुए आरोपी को बरी कर दिया। अदालत ने आरोपी के जमानत बांड और जमानती मुचलके समाप्त कर दिए। इसके बाद फाइल को नियमानुसार रिकॉर्ड में भेजने का आदेश दिया गया।
विज्ञापन