{"_id":"69e68ac7a24dfe9ece0e45ed","slug":"jammu-kashmir-news-udhampur-news-c-202-1-udh1011-135028-2026-04-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"Udhampur News: बेमौसमी बारिश से गेहूं की फसल पर संकट, किसानों की बढ़ी चिंता","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Udhampur News: बेमौसमी बारिश से गेहूं की फसल पर संकट, किसानों की बढ़ी चिंता
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
उधमपुर। बेमौसमी बारिश से मांड ईस्ट क्षेत्र में गेहूं की फसल को लेकर किसानों की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है। एक ओर जहां किसानों ने फसल की कटाई शुरू कर दी है वहीं दूसरी ओर बदलता मौसम उनकी मेहनत को नुकसान पहुंचा रहा है। इससे फसल की गुणवत्ता तो गिर रही है किसानों को आर्थिक नुकसान का डर भी सता रहा है।
फसल के शुरुआती समय में बारिश नहीं होने के कारण गेहूं की पैदावार ठीक से नहीं हो पाई और न ही फसल की बालियां अच्छे से तैयार हुईं। लगातार तेज धूप के चलते फसल समय से पहले ही सूख गई। इससे किसानों को मजबूरी में जल्दी कटाई करनी पड़ रही है। बारिश के कारण खड़ी फसल काली पड़ने लगी गई है। इसके अलावा खेतों में उगी घास भी खराब हो रही है। इससे पशुओं के चारे पर भी असर पड़ सकता है। किसानों ने कटाई तो शुरू कर दी है लेकिन बारिश के कारण थोड़ी बहुत बची फसल पर खतरा मंडरा रहा है। बारिश का कोई ठोस अनुमान नहीं होने के कारण किसानों में डर और अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है।
किसान रामलाल, मोहन लाल, प्रकाश कुमार व अन्य का कहना है कि इस वर्ष उत्पादन भी पिछले सालों के मुकाबले काफी कम रहने की संभावना है। जितना बीज बोया था उसके अनुपात में फसल नहीं हुई। अब जो थोड़ी उम्मीद बची थी, वह भी लगातार हो रही बारिश के कारण कम होती जा रही है। किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि उनकी स्थिति को देखते हुए उचित मुआवजा और सहायता प्रदान की जाए ताकि उन्हें हो रहे नुकसान से कुछ राहत मिल सके।
कोट
किसानों को मौसम को ध्यान में रखकर ही गेहूं की कटाई करनी चाहिए। साथ ही जितनी भी फसल काटी जा रही है उसे सुरक्षित स्थान पर ढककर रखें। इससे फसल खराब नहीं होगी।
- हरबंस सिंह, सीएओ, कृषि विभाग
Trending Videos
फसल के शुरुआती समय में बारिश नहीं होने के कारण गेहूं की पैदावार ठीक से नहीं हो पाई और न ही फसल की बालियां अच्छे से तैयार हुईं। लगातार तेज धूप के चलते फसल समय से पहले ही सूख गई। इससे किसानों को मजबूरी में जल्दी कटाई करनी पड़ रही है। बारिश के कारण खड़ी फसल काली पड़ने लगी गई है। इसके अलावा खेतों में उगी घास भी खराब हो रही है। इससे पशुओं के चारे पर भी असर पड़ सकता है। किसानों ने कटाई तो शुरू कर दी है लेकिन बारिश के कारण थोड़ी बहुत बची फसल पर खतरा मंडरा रहा है। बारिश का कोई ठोस अनुमान नहीं होने के कारण किसानों में डर और अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है।
विज्ञापन
विज्ञापन
किसान रामलाल, मोहन लाल, प्रकाश कुमार व अन्य का कहना है कि इस वर्ष उत्पादन भी पिछले सालों के मुकाबले काफी कम रहने की संभावना है। जितना बीज बोया था उसके अनुपात में फसल नहीं हुई। अब जो थोड़ी उम्मीद बची थी, वह भी लगातार हो रही बारिश के कारण कम होती जा रही है। किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि उनकी स्थिति को देखते हुए उचित मुआवजा और सहायता प्रदान की जाए ताकि उन्हें हो रहे नुकसान से कुछ राहत मिल सके।
कोट
किसानों को मौसम को ध्यान में रखकर ही गेहूं की कटाई करनी चाहिए। साथ ही जितनी भी फसल काटी जा रही है उसे सुरक्षित स्थान पर ढककर रखें। इससे फसल खराब नहीं होगी।
- हरबंस सिंह, सीएओ, कृषि विभाग

कमेंट
कमेंट X