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Udhampur News: किश्तवाड़ में 48 घंटे से ब्लैकआउट, थमी जिंदगी, कारोबार ठप
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किश्तवाड़। शहर में पिछले दो दिन से बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप रहने के कारण आम जनजीवन प्रभावित हुआ है। लगातार कटौती से जहां स्थानीय लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा, वहीं व्यापारिक गतिविधियों पर भी प्रतिकूल असर देखने को मिला।
वीरवार सुबह डोडा के पास वन क्षेत्र में विशाल पेड़ गिरने से मुख्य 132 केवी विद्युत ट्रांसमिशन लाइन को भारी नुकसान पहुंचा था। इसके चलते पूरे शहर की बत्ती गुल हो गई। लाइन क्षतिग्रस्त होने के बाद कस्बों से लेकर दूरदराज के गांवों तक बिजली संकट गहरा गया और कई इलाके 48 घंटे तक अंधेरे में डूबे रहे। बिजली न होने के कारण लोगों के सामने मोबाइल फोन और अन्य जरूरी इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को चार्ज करने का संकट खड़ा हो गया। दूरसंचार सेवाएं भी बुरी तरह प्रभावित हो गईं।
स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि लगातार दो दिन तक बिजली गुल रहने से दुकानों, छोटे उद्योगों और अन्य व्यावसायिक गतिविधियों को नुकसान पहुंचा है। डिजिटल युग में बिजली न होने से ऑनलाइन लेन-देन (यूपीआई पेमेंट) और अन्य इंटरनेट आधारित कार्य पूरी तरह ठप रहे जिससे आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा।
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विभाग की टीमें क्षतिग्रस्त 132 केवी लाइन को ठीक करने के लिए जुटी रहीं। अधिकारियों के मुताबिक लाइन के टूटे हिस्से को जोड़ने का काम युद्धस्तर पर किया गया। कड़ी मशक्कत के बाद शुक्रवार देर शाम बिजली आपूर्ति पूरी तरह बहाल कर दी गई जिससे लोगों ने राहत की सांस ली। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि भविष्य में ऐसे संकट से निपटने के लिए वैकल्पिक व्यवस्थाएं बनाई जाएं।
वीरवार सुबह डोडा के पास वन क्षेत्र में विशाल पेड़ गिरने से मुख्य 132 केवी विद्युत ट्रांसमिशन लाइन को भारी नुकसान पहुंचा था। इसके चलते पूरे शहर की बत्ती गुल हो गई। लाइन क्षतिग्रस्त होने के बाद कस्बों से लेकर दूरदराज के गांवों तक बिजली संकट गहरा गया और कई इलाके 48 घंटे तक अंधेरे में डूबे रहे। बिजली न होने के कारण लोगों के सामने मोबाइल फोन और अन्य जरूरी इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को चार्ज करने का संकट खड़ा हो गया। दूरसंचार सेवाएं भी बुरी तरह प्रभावित हो गईं।
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स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि लगातार दो दिन तक बिजली गुल रहने से दुकानों, छोटे उद्योगों और अन्य व्यावसायिक गतिविधियों को नुकसान पहुंचा है। डिजिटल युग में बिजली न होने से ऑनलाइन लेन-देन (यूपीआई पेमेंट) और अन्य इंटरनेट आधारित कार्य पूरी तरह ठप रहे जिससे आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा।
विभाग की टीमें क्षतिग्रस्त 132 केवी लाइन को ठीक करने के लिए जुटी रहीं। अधिकारियों के मुताबिक लाइन के टूटे हिस्से को जोड़ने का काम युद्धस्तर पर किया गया। कड़ी मशक्कत के बाद शुक्रवार देर शाम बिजली आपूर्ति पूरी तरह बहाल कर दी गई जिससे लोगों ने राहत की सांस ली। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि भविष्य में ऐसे संकट से निपटने के लिए वैकल्पिक व्यवस्थाएं बनाई जाएं।