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Udhampur News: मनवाल में मिली नवजात को गोद लेने की होड़, समाज कल्याण विभाग ने स्पष्ट की कानूनी प्रक्रिया
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उधमपुर। मनवाल बस स्टैंड के पास मिली लावारिस नवजात बच्ची को नया जीवन और परिवार देने के लिए कई लोग आगे आए हैं। जिला समाज कल्याण विभाग के पास बच्ची को गोद लेने के लिए लगातार पूछताछ की जा रही है, जिसे देखते हुए विभाग ने स्पष्ट किया है कि एडॉप्शन की प्रक्रिया केवल कानूनी तरीके से ही संपन्न होगी।
जिला समाज कल्याण अधिकारी कनिका गुप्ता ने बताया कि बच्चा गोद लेने के इच्छुक परिवारों को केंद्रीय दत्तक ग्रहण संसाधन प्राधिकरण (सीएआरए) के पोर्टल पर पंजीकरण कराना अनिवार्य है। उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल भावनाओं के आधार पर बच्चा नहीं सौंपा जा सकता। पोर्टल पर आवेदकों को आय, स्वास्थ्य और पारिवारिक स्थिति का विवरण देना होता है, जिसके बाद एक प्रतीक्षा सूची तैयार की जाती है।
दो महीने की कानूनी अवधि
अधिकारी ने बताया कि मनवाल में मिली बच्ची फिलहाल विभाग की सुरक्षित देखरेख में है। बच्ची के स्वास्थ्य और सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा जा रहा है। नियमानुसार लगभग दो महीने की अवधि पूरी होने के बाद ही बच्चे को गोद लिया जा सकता है। बच्चे का विवरण पोर्टल पर अपलोड होगा और प्रतीक्षा सूची में पहले स्थान पर मौजूद पात्र परिवार को बच्चे को गोद लेने का अवसर मिलेगा।
फुलवारी में छोड़ें बच्चा,नहीं पूछी जाएगी पहचान
विभाग ने समाज से भावुक अपील भी की है। कनिका गुप्ता ने कहा कि यदि कोई माता-पिता किन्हीं कारणों से बच्चे की परवरिश करने में सक्षम नहीं हैं तो वे उसे असुरक्षित स्थानों पर छोड़ने के बजाय विभाग द्वारा संचालित फुलवारी को सौंप सकते हैं ।विभाग माता-पिता की पहचान या कारण नहीं पूछेगा। किसी भी सहायता के लिए चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 पर कॉल की जा सकती है।
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जिला समाज कल्याण अधिकारी कनिका गुप्ता ने बताया कि बच्चा गोद लेने के इच्छुक परिवारों को केंद्रीय दत्तक ग्रहण संसाधन प्राधिकरण (सीएआरए) के पोर्टल पर पंजीकरण कराना अनिवार्य है। उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल भावनाओं के आधार पर बच्चा नहीं सौंपा जा सकता। पोर्टल पर आवेदकों को आय, स्वास्थ्य और पारिवारिक स्थिति का विवरण देना होता है, जिसके बाद एक प्रतीक्षा सूची तैयार की जाती है।
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दो महीने की कानूनी अवधि
अधिकारी ने बताया कि मनवाल में मिली बच्ची फिलहाल विभाग की सुरक्षित देखरेख में है। बच्ची के स्वास्थ्य और सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा जा रहा है। नियमानुसार लगभग दो महीने की अवधि पूरी होने के बाद ही बच्चे को गोद लिया जा सकता है। बच्चे का विवरण पोर्टल पर अपलोड होगा और प्रतीक्षा सूची में पहले स्थान पर मौजूद पात्र परिवार को बच्चे को गोद लेने का अवसर मिलेगा।
फुलवारी में छोड़ें बच्चा,नहीं पूछी जाएगी पहचान
विभाग ने समाज से भावुक अपील भी की है। कनिका गुप्ता ने कहा कि यदि कोई माता-पिता किन्हीं कारणों से बच्चे की परवरिश करने में सक्षम नहीं हैं तो वे उसे असुरक्षित स्थानों पर छोड़ने के बजाय विभाग द्वारा संचालित फुलवारी को सौंप सकते हैं ।विभाग माता-पिता की पहचान या कारण नहीं पूछेगा। किसी भी सहायता के लिए चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 पर कॉल की जा सकती है।