Jammu Kashmir: जम्मू-कश्मीर में सफर हुआ महंगा, 18% बढ़ोतरी, ई-रिक्शा और ई-ऑटो का भी पहली बार किराया तय
जम्मू-कश्मीर सरकार ने बस, मिनी बस, टैक्सी, मैक्सी कैब और ऑटो रिक्शा समेत सभी सार्वजनिक यात्री वाहनों के किराये में 18 प्रतिशत की बढ़ोतरी कर दी है। इसके साथ ही प्रदेश में पहली बार ई-रिक्शा और ई-ऑटो के किराये भी तय किए गए हैं, जिससे अब मनमाने दाम वसूलने पर अंकुश लगने की उम्मीद है।
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सार्वजनिक यात्री वाहनों में सफर करना महंगा हो गया है। बस, मिनी बस, टैक्सी, मैक्सी कैब और ऑटो रिक्शा सहित सभी कॉमर्शियल यात्री वाहनों के किराये में 18 फीसदी की बढ़ोतरी की गई है। इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी गई है।
शासन ने 18 प्रतिशत की बढ़ोतरी 19 मार्च 2021 को लागू की गई दरों पर की है। तब 19 फीसदी किराये में बढ़ोतरी हुई थी। पिछले साल 23 दिसंबर को जम्मू के नागरिक सचिवालय में ट्रांसपोर्टरों और सरकार के बीच बैठक हुई थी जिसमें ट्रांसपोर्टरों ने 40 फीसदी किराया बढ़ाने की मांग रखी थी। 18 फीसदी वृद्धि पर सहमति बनी थी।
13 मार्च को सीएम उमर अब्दुल्ला की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में सार्वजनिक यात्री वाहनों के किराये में 18 फीसदी बढ़ोतरी को मंजूरी दी गई थी। बड़ी बस और मिनी बस के साथ-साथ बेस मॉडल टैक्सी (सूमो, बोलेरो, विंगर), मीडियम सेगमेंट टूरिस्ट टैक्सी (स्कॉर्पियो, तवेरा) और प्रीमियम क्लास टूरिस्ट टैक्सी (इनोवा, फॉर्च्यूनर) के किराये भी बढ़ेंगे। पेट्रोल ऑटो रिक्शा और टाटा मैजिक जैसे वाहनों पर भी यही वृद्धि लागू होगी। परिवहन आयुक्त विशेष पाल महाजन ने बताया कि अधिसूचना जारी हो चुकी है।
अब यात्री किराया सूची (18% वृद्धि के बाद) अनुमानित
पहले तीन किलोमीटर - नौ रुपये
पांच किलोमीटर तक - 14.28 रुपये
10 किलोमीटर तक - 18 रुपये
15 किलोमीटर तक - 20 रुपये
20 किलोमीटर तक - 23 रुपये
(नोट : मेटाडोर के मौजूदा किराये के हिसाब से दरों की गणना की गई है।)
प्रदेश सरकार ने पहली बार ई-रिक्शा और ई-ऑटो के किराये भी तय कर दिए हैं। दावा किया जा रहा है कि नए आदेश से अब ई-रिक्शा और ई-ऑटो चालकों के मनमाने किराये की वसूली पर रोक लगेगी। ऑटो चालकों के लिए मीटर के हिसाब से किराया लेने का प्रावधान होने के बावजूद वे इसका पालन नहीं करते।
ई-रिक्शा 15 रुपये प्रति किमी ई-ऑटो में पहले किमी के 25
सरकार ने ई-रिक्शा का किराया 15 रुपये प्रति किलोमीटर निर्धारित किया है। ई-ऑटो के लिए पहले किलोमीटर का किराया 25 रुपये तय किया गया है जबकि उसके बाद प्रत्येक अतिरिक्त किलोमीटर के लिए 20 रुपये देने होंगे। अक्सर यात्रियों की ओर से ई-रिक्शा चालकों के मनमाने किराये वसूलने की शिकायतें सामने आती थीं।
किराया तय होने से अब यात्रियों को राहत मिलने की उम्मीद है लेकिन मीटर की अनिवार्यता के बावजूद चालक उसका पालन नहीं करेंगे तो यात्रियों को पूरा लाभमिल पाना चुनौती होगी। विशेषकर अमरनाथ यात्रा के दौरान देशभर से आने वाले श्रद्धालु अधिक किराया वसूली से परेशान होते हैं। परिवहन विभाग ने सभी यात्री वाहनों में नई किराया सूची चस्पा करना अनिवार्य किया है।
