Jammu News: दारुल उलूम जामिया से निकले जैश-हिजबुल और लश्कर के कई आतंकी कमांडर, दिल्ली ब्लास्ट से जुड़े तार
दक्षिण कश्मीर के शोपियां में प्रतिबंधित दारुल उलूम जामिया सिराजुल उलूम को आतंकियों की फैक्टरी बताया जा रहा है। यहां से जैश-ए-मोहम्मद, हिजबुल मुजाहिदीन और लश्कर-ए-तैयबा के कई टॉप कमांडर निकले हैं, साथ ही दिल्ली ब्लास्ट से जुड़े आत्मघाती हमलावर डॉ. उमर और मौलवी इरफान भी इस मदरसे से पढ़े होने के संकेत मिले हैं।
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दक्षिण कश्मीर के शोपियां जिले में प्रतिबंधित किए गए दारुल उलूम जामिया सिराजुल उलूम स्कूल को लेकर कई चौंका देने वाली जानकारियां सामने आ रही हैं। जानकारी के अनुसार कश्मीर प्रशासन की ओर से गैर कानूनी घोषित यह संस्था आतंकियों की फैक्टरी चला रही थी। इसमें से जैश-ए-मोहम्मद, हिजबुल मुजाहिदीन व लश्कर के कई आतंकी कमांडर निकले हैं।
दिल्ली ब्लास्ट से जुड़े आत्मघाती हमलावर डॉ. उमर और मौलवी इरफान के भी इससे जुड़े होने के संकेत मिल रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, इस संस्थान का उपयोग टेरर फैक्ट्री के अलावा हवाला फंडिंग के लिए भी किया जाता रहा है। जिस पैसे से जम्मू कश्मीर में चल रहे आतंकवाद कोराष्ट्रविरोधी गतिविधियों की योजनाएं बनाई जाती थीं। इतना ही नहीं सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, इस दारुल उलूम में अवैधानिक और राष्ट्र विरोधी गतिविधियों की भी योजनाएं बनाई जाती रही हैं। इसके अलावा यहां एक मजबूत नेटवर्क भी तैयार किया जाता था जो आतंकवादियों को समर्थन देने के लिए हर वे तैयार रहते थे।
कश्मीर के मंडलायुक्त अंशुल गर्ग ने शोपियां के एसएसपी द्वारा पेश की गई एक रिपोर्ट के आधार पर गत सोमवार को दो पन्नों का एक आदेश जारी किया गया था। इसमें शोपियां के इमाम साहिब स्थित दारुल उलूम जामिया सिराजुल उलूम में कथित गैर-कानूनी गतिविधियों की ओर इशारा किया गया है। 24 अप्रैल को गर्ग की ओर से जारी आदेश के अनुसार रिकॉर्ड पर विश्वसनीय इनपुट और सबूत मौजूद थे जो इस संस्थान के जमात-ए-इस्लामी के साथ लगातार और गुपचुप संबंधों का संकेत देते हैं।
बता दें कि जमात-ए-इस्लामी को केंद्र सरकार ने वर्ष 2019 में प्रतिबंधित कर दिया था। मंडलायुक्त के आदेश के बाद शोपियां के जिला उपायुक्त शिशिर गुप्ता ने शैक्षणिक संस्थान में किसी भी अनधिकृत व्यक्ति के प्रवेश पर रोक लगाने के आदेश जारी किए। हालांकि संस्थान के चेयरमैन मोहम्मद शफी लोन ने कहा कि उनका जमात-ए-इस्लामी या किसी भी गैर-कानूनी संगठन से कोई संबंध नहीं है।
उन्होंने बताया कि अभी तक ऐसे ग्यारह लोगों के नाम सामने आए हैं जो कश्मीर में प्रतिबंधित आतंकवादी संगठनों जैश, हिज्ब और लश्कर के साथ संबंधित पाए गए हैं। इनमें से टेरर फंडिंग के लिए संस्थान का उपयोग किया जा रहा था।
आतंकी संगठनों के साथ जुड़े ग्यारह लोगों के नाम आए हैं सामने : सूत्र
कुछ टॉप कमांडर भी रह चुके हैं। हालांकि इसको लेकर पुलिस की ओर से कोई औपचारिक बयान सामने नहीं आया है। अधिकारिक सूत्रों का यह भी कहना है कि दिल्ली ब्लास्ट का मुख्य आरोपी डॉ. उमर (आत्मघाती हमलावर) और मौलवी इरफान भी शोपियां के इस दारुल उलूम से पढ़े बताए जा रहे हैं। फिलहाल इन सब पहलुओं को लेकर जम्मू कश्मीर पुलिस की जांच जारी है।
पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि अभी किसी भी बात पर कोई टिप्पणी करना जल्दबाजी होगी लेकिन कुछ ऐसे संकेत मिले हैं जिन्हें लेकर जांच जारी है।
