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Jammu News: धमाके से हिल गए दरवाजे, खिड़कियां थरथराईं, रो पड़े बच्चे
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संवाद न्यूज एजेंसी
सांबा। घगवाल के गांव हरसाथ में भीषण विस्फोट ने पूरे इलाके में दहशत पैदा कर दी है। धमाका इतना जोरदार था कि पूर्व सरपंच जयराम समेत आसपास के घरों के दरवाजे हिल गए। खिड़कियां थरथराने लगीं और गहरी नींद में सोये बच्चे डर के मारे चीखने-चिल्लाने लगे। लोग किसी अनहोनी की आशंका में घरों से बाहर निकल आए।
पूर्व सरपंच जय राम ने बताया कि धमाका इतना तेज था कि मेरे बेटे के मकान की खिड़कियों के शीशे टूट गए और हमारे घर के दरवाजे हिलने लगे। उन्होंने कहा कि हमारी किसी से कोई दुश्मनी नहीं है फिर भी हमें निशाना क्यों बनाया गया, यह समझ से परे है। इसकी तह तक जांच की जाए।
पड़ोस में रहने वाले राम पाल शर्मा ने बताया कि धमाका होते ही उनके पोते, पोती और नाती डर के मारे रोने लगे। उन्हें लगा कि कोई बड़ा हमला हुआ है। बाहर निकलकर देखा तो पूर्व सरपंच के घर के गेट का एक हिस्सा नीचे गिरा हुआ था। राम पाल के घर के बरामदे की खिड़की का शीशा भी इस धमाके की भेंट चढ़ गया। छोटे बच्चे सक्षम और आर्या ने बताया कि उन्हें लगा जैसे कोई बम गिर गया हो या भूकंप आ गया हो। डर के मारे सक्षम की तबीयत भी बिगड़ गई। वीडीसी के पूर्व सदस्य ने कहा कि इस मार्ग पर पशु तस्करों के वाहन गुजरते हैं जो पुलिस नाके से बचने के लिए सीमावर्ती क्षेत्रोंं से आते हैं। इन पर भी कड़ी नजर रखी जाए।
विस्फोट की सूचना मिलते ही सबसे पहले घगवाल थाना प्रभारी आशा नंद पहुंचे। इसके बाद में एएसपी गारू राम ने पहुंच कर विस्फोट से नुकसान हुए मुख्य गेट की जांच की। बाद में पहुंची एफएसएल की टीम ने सैंपल लिए और टूटे गेट के हिस्से को कब्जे में ले लिया।
लगा जैसे ड्रोन से बम गिराया गया हो : अंजु
विस्फोट स्थल से 100 मीटर दूर के घर की तीसरे मंजिल पर रह रहीं अंजु देवी ने कहा कि विस्फोट से उनके घर के दरवाजे कांपने लगे। बाहर निकल कर देखा तो खिड़की का शीशा टूट कर नीचे गिरा था। हमें लगा कि ड्रोन से कोई बम गिराया गया है। बच्चे दहशत में थे। वह काफी डर गए थे।
1999 में गांव के लोगों ने दो आतंकियों को जिंदा पकड़ा था
गत 1999 में इसी हरसाथ गांव में लोगों ने दो आतंकवादियों को जिंदा पकड़ा था। वह एक घर में खाना खाने के बहाने घर में घुसे थे। घर की महिला ने आसपास के लोगों को सूचना दी और दोनों को घर में बंद कर दिया था। वर्ष 2017 में दो पशु तस्कर पुलिस से बचकर निकलने का प्रयास कर रहे थे तब इसी गांव के लोगों ने वाहन को रोका था। पशु तस्कर भाग निकले और और लोगों ने वाहन को जला दिया था। तब ड्यूटी पर तैनात पुलिस के दो एसपीओ को नौकरी से निकाल दिया गया था।
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सांबा। घगवाल के गांव हरसाथ में भीषण विस्फोट ने पूरे इलाके में दहशत पैदा कर दी है। धमाका इतना जोरदार था कि पूर्व सरपंच जयराम समेत आसपास के घरों के दरवाजे हिल गए। खिड़कियां थरथराने लगीं और गहरी नींद में सोये बच्चे डर के मारे चीखने-चिल्लाने लगे। लोग किसी अनहोनी की आशंका में घरों से बाहर निकल आए।
पूर्व सरपंच जय राम ने बताया कि धमाका इतना तेज था कि मेरे बेटे के मकान की खिड़कियों के शीशे टूट गए और हमारे घर के दरवाजे हिलने लगे। उन्होंने कहा कि हमारी किसी से कोई दुश्मनी नहीं है फिर भी हमें निशाना क्यों बनाया गया, यह समझ से परे है। इसकी तह तक जांच की जाए।
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पड़ोस में रहने वाले राम पाल शर्मा ने बताया कि धमाका होते ही उनके पोते, पोती और नाती डर के मारे रोने लगे। उन्हें लगा कि कोई बड़ा हमला हुआ है। बाहर निकलकर देखा तो पूर्व सरपंच के घर के गेट का एक हिस्सा नीचे गिरा हुआ था। राम पाल के घर के बरामदे की खिड़की का शीशा भी इस धमाके की भेंट चढ़ गया। छोटे बच्चे सक्षम और आर्या ने बताया कि उन्हें लगा जैसे कोई बम गिर गया हो या भूकंप आ गया हो। डर के मारे सक्षम की तबीयत भी बिगड़ गई। वीडीसी के पूर्व सदस्य ने कहा कि इस मार्ग पर पशु तस्करों के वाहन गुजरते हैं जो पुलिस नाके से बचने के लिए सीमावर्ती क्षेत्रोंं से आते हैं। इन पर भी कड़ी नजर रखी जाए।
विस्फोट की सूचना मिलते ही सबसे पहले घगवाल थाना प्रभारी आशा नंद पहुंचे। इसके बाद में एएसपी गारू राम ने पहुंच कर विस्फोट से नुकसान हुए मुख्य गेट की जांच की। बाद में पहुंची एफएसएल की टीम ने सैंपल लिए और टूटे गेट के हिस्से को कब्जे में ले लिया।
लगा जैसे ड्रोन से बम गिराया गया हो : अंजु
विस्फोट स्थल से 100 मीटर दूर के घर की तीसरे मंजिल पर रह रहीं अंजु देवी ने कहा कि विस्फोट से उनके घर के दरवाजे कांपने लगे। बाहर निकल कर देखा तो खिड़की का शीशा टूट कर नीचे गिरा था। हमें लगा कि ड्रोन से कोई बम गिराया गया है। बच्चे दहशत में थे। वह काफी डर गए थे।
1999 में गांव के लोगों ने दो आतंकियों को जिंदा पकड़ा था
गत 1999 में इसी हरसाथ गांव में लोगों ने दो आतंकवादियों को जिंदा पकड़ा था। वह एक घर में खाना खाने के बहाने घर में घुसे थे। घर की महिला ने आसपास के लोगों को सूचना दी और दोनों को घर में बंद कर दिया था। वर्ष 2017 में दो पशु तस्कर पुलिस से बचकर निकलने का प्रयास कर रहे थे तब इसी गांव के लोगों ने वाहन को रोका था। पशु तस्कर भाग निकले और और लोगों ने वाहन को जला दिया था। तब ड्यूटी पर तैनात पुलिस के दो एसपीओ को नौकरी से निकाल दिया गया था।