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जनगणना में दी गई जानकारी पूरी तरह गोपनीय रहेगी : अमित
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रोटरी क्लब के कार्यक्रम में पदाधिकारियों के साथ जनगणना निदेशक अमित शर्मा। स्रोत : जनगणना विभाग।
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- जनगणना निदेशक ने रोटरी कार्यक्रम में नागरिकों की भागीदारी का आह्वान किया
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। जम्मू-कश्मीर एवं लद्दाख के मुख्य प्रधान जनगणना अधिकारी और जनगणना संचालन निदेशक अमित शर्मा ने कहा कि जनगणना के दौरान दी गई जानकारी पूरी तरह गोपनीय रहेगी। कहीं कोई भी डेटा सार्वजनिक नहीं होगा। उन्होंने ये बातें रविवार को रोटरी क्लब के एक कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि कहीं।
उन्होंने कहा कि जनगणना-2027 देश की पहली पूरी तरह से डिजिटल और कागज रहित जनगणना होगी। इसका उद्देश्य प्रभावी नीति नियोजन और शासन के लिए सटीक, वास्तविक समय पर विस्तृत डेटा मुहैया कराना है। बताया कि जम्मू-कश्मीर में जनगणना दो चरणों में होगी। पहले चरण में आवास जनगणना एक से 30 जून और दूसरे चरण में फरवरी 2027 में होगी। अमित शर्मा ने कहा, जनगणना नीतियों के निर्माण, कल्याणकारी योजनाओं के लक्षित वितरण, स्वास्थ्य, शिक्षा, बुनियादी ढांचे और सामाजिक विकास जैसे क्षेत्रों में संसाधनों के आवंटन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उन्होंने सक्रिय जनभागीदारी का आह्वान करते हुए नागरिकों, विशेष रूप से जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के सभी जिलों के सभी रोटेरियन से अपने-अपने समूहों में जागरूकता फैलाने का आग्रह किया।
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जम्मू। जम्मू-कश्मीर एवं लद्दाख के मुख्य प्रधान जनगणना अधिकारी और जनगणना संचालन निदेशक अमित शर्मा ने कहा कि जनगणना के दौरान दी गई जानकारी पूरी तरह गोपनीय रहेगी। कहीं कोई भी डेटा सार्वजनिक नहीं होगा। उन्होंने ये बातें रविवार को रोटरी क्लब के एक कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि कहीं।
उन्होंने कहा कि जनगणना-2027 देश की पहली पूरी तरह से डिजिटल और कागज रहित जनगणना होगी। इसका उद्देश्य प्रभावी नीति नियोजन और शासन के लिए सटीक, वास्तविक समय पर विस्तृत डेटा मुहैया कराना है। बताया कि जम्मू-कश्मीर में जनगणना दो चरणों में होगी। पहले चरण में आवास जनगणना एक से 30 जून और दूसरे चरण में फरवरी 2027 में होगी। अमित शर्मा ने कहा, जनगणना नीतियों के निर्माण, कल्याणकारी योजनाओं के लक्षित वितरण, स्वास्थ्य, शिक्षा, बुनियादी ढांचे और सामाजिक विकास जैसे क्षेत्रों में संसाधनों के आवंटन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उन्होंने सक्रिय जनभागीदारी का आह्वान करते हुए नागरिकों, विशेष रूप से जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के सभी जिलों के सभी रोटेरियन से अपने-अपने समूहों में जागरूकता फैलाने का आग्रह किया।
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