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Chaitra Navratra: आज कलश स्थापना के साथ होगा शक्ति साधना के लिए शंखनाद, सज गया मां वैष्णो देवी का दरबार

अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Thu, 19 Mar 2026 12:45 AM IST
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सार

कलश स्थापना के साथ वीरवार को शक्ति की साधना का शंखनाद होगा। आस्था का महाकुंभ में धर्मनगरी डूब जाएगी। हर ओर रोशनी व धार्मिक उत्साह का माहौल है। जम्मू मार्ग, बाण गंगा मार्ग, उधमपुर मार्ग सहित अन्य प्रमुख स्थलों पर भव्य स्वागत द्वार बनाए गए हैं।

Chaitra Navratra begins today , the court of Mother Vaishno Devi is decorated.
मां वैष्णो देवी के दरबार में की गई सजावट और बनाए गए स्वागत द्वार... - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

अध्यात्म, श्रद्धा और विश्वास के पावन पर्व चैत्र नवरात्र के स्वागत के लिए धर्मनगरी तैयार है। कलश स्थापना के साथ वीरवार को शक्ति की साधना का शंखनाद होगा। आस्था का महाकुंभ में धर्मनगरी डूब जाएगी। हर ओर रोशनी व धार्मिक उत्साह का माहौल है। जम्मू मार्ग, बाण गंगा मार्ग, उधमपुर मार्ग सहित अन्य प्रमुख स्थलों पर भव्य स्वागत द्वार बनाए गए हैं।

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विश्व प्रसिद्ध श्री माता वैष्णो देवी का दरबार रंग-बिरंगी लाइटों से जगमगा रहा है। साज-सज्जा के लिए विशेष रूप से देश के विभिन्न राज्यों सहित विदेश से रंग-बिरंगे फूल मंगाए गए हैं। ऑर्किड, लिली, गुलाब और गेंदे के साथ विदेशी फूलों ने पूरे परिसर को सुगंधित बना दिया है। श्रद्धालु दृश्य को देखकर मंत्रमुग्ध हैं और यात्रा को यादगार बनाने के लिए नजारों को कैमरों में कैद कर रहे हैं।
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मुख्य बस स्टैंड के श्रीधर चौक में विशाल दुर्गा पंडाल स्थापित किया गया है। स्थानीय युवाओं की ओर से बनाई गई दुर्गा पूजा समिति के पंडाल में मां दुर्गा के साथ मां महाकाली, मां सरस्वती और मां वैष्णो देवी की पिंडियों सजाई जाएंगी। यहां सुबह-शाम आरती के साथ भगवती जागरण होगा, जिसमें प्रसिद्ध भजन गायक प्रस्तुतियां देंगे। सदस्य दीपक, परोच, शंकर सिंह और विनय हीरा के अनुसार समिति 21 वर्षों से लगातार पंडाल सजा रही है।

रिकॉर्ड तोड़ श्रद्धालु पहुंचने की उम्मीद
वर्ष 2026 के आंकड़ों पर नजर डालें तो पहले तीन महीनों में ही लगभग 16 लाख श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। प्रशासन को उम्मीद है कि नवरात्र के दौरान 3 से 4 लाख अतिरिक्त भक्त माथा टेकने पहुंचेंगे, जिससे शुरुआती तीन महीनों का आंकड़ा 20 लाख पार जा सकता है। कटड़ा का हर नागरिक और व्यापारी आध्यात्मिक उत्सव को सफल बनाने के लिए सेवाभाव से जुटा है।

होटलों में 30 फीसदी की विशेष छूट
पर्यटन को बढ़ावा देने और दूरदराज से आने वाले भक्तों की सुविधा के लिए व्यापारिक संगठनों ने भी तैयारी कर ली है। होटल व रेस्टोरेंट संघ के प्रधान राकेश वजीर ने घोषणा की है कि नवरात्र के दौरान होटलों में ठहरने पर 30 प्रतिशत तक की विशेष छूट दी जाएगी। साथ ही व्रत रखने वाले श्रद्धालुओं के लिए शुद्ध फलाहार और पारंपरिक डोगरी व्यंजनों की विशेष व्यवस्था की गई है। चैंबर ऑफ टूरिज्म, ट्रेड एंड इंडस्ट्री के प्रधान राजकुमार पादा ने बताया कि व्यापारियों द्वारा दी जा रही 30 से 35 प्रतिशत की छूट देश-विदेश से आने वाले अधिक से अधिक श्रद्धालुओं को आमंत्रित करने का प्रयास है।

सुरक्षा घेरा कड़ा और 24 घंटे स्वच्छता अभियान
श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कटड़ा प्रशासन ने ज़ीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई है। जम्मू-कश्मीर पुलिस के साथ सीआरपीएफ की अतिरिक्त टुकड़ियों को चप्पे-चप्पे पर तैनात किया गया है। क्विक रिस्पांस टीम (क्यूआरटी) और डॉग स्क्वॉड लगातार निगरानी कर रहे हैं। वहीं स्वच्छता के मोर्चे पर नगर पालिका की विशेष टीमें 24 घंटे सक्रिय हैं ताकि धर्मनगरी की गरिमा बनी रहे।

मां शैलपुत्री की पूजा से शुरू होगा अनुष्ठान
उधमपुर। जिले के मंदिरों और घरों में विशेष तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। रामनगर के पंडित सत्यमूर्ति शर्मा के अनुसार पहले नवरात्र पर कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त वीरवार सुबह 11:15 से दोपहर 12:30 बजे के बीच है। श्रद्धालु घरों में जौ (साख) लगाकर मां शैलपुत्री की पूजा करेंगे। नौ दिवसीय पूजा का संकल्प लेंगे। पहले दिन मां शैलपुत्री की आराधना होगी। मान्यताओं के अनुसार मां शैलपुत्री की पूजा से जीवन में स्थिरता, शक्ति और मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है। साथ ही परिवार में सुख-शांति और प्रेम बना रहता है। बुधवार शाम को ही मंदिरों में भजन कीर्तन का दौर शुरू हो गया।

पंडित शर्मा ने बताया कि भक्त कलश में पानी भरकर चंदन, सुपारी और सिक्का डालें। इसके साथ आम के सात या नौ पत्ते रखें। चावल की कटोरी भरकर कलश के ऊपर रखकर नारियल को लाल चुनरी से सजाकर स्थापित करें। कलश पर स्वास्तिक चिन्ह बनाकर दीप, धूप, अक्षत और पुष्प से विधिवत पूजा करें। साथ ही एक पात्र में मिट्टी भरकर जौ रोपन करें। पंचामृत (दूध, दही, घी, शहद और शक्कर) से भोग लगाकर मंत्रों के साथ पूजा-अर्चना करें। 

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