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Jammu News: हजारों पन्नों की चार्जशीट, निदेशक अभियोजन को आरोपों पर खुद बहस करने के निर्देश
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छन्नी हिम्मत गोलीबारी मामला: अदालत में अगली सुनवाई एक अक्तूबर को होगी
अभियोजन की मदद के लिए वरिष्ठ लोक अभियोजक, एसआईटी मुखिया भी रहेंगे
जम्मू। छन्नी हिम्मत गोलीबारी मामले में हजारों पन्नों की चार्जशीट तैयार की गई है। इसे देखते हुए जम्मू के द्वितीय अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश ने निदेशक अभियोजन को आरोपों पर खुद बहस करने के निर्देश दिए हैं। ऐसा न होने पर किसी काबिल वरिष्ठ लोक अभियोजक को इसके लिए नामित करने को कहा है। मामले की अगली सुनवाई एक अक्तूबर को होगी।
मामला बीते साल 21 अगस्त को छन्नी हिम्मत के एक घर में हुई फायरिंग की घटना से जुड़ा है। अभियोजन के दस्तावेजों के अनुसार संबंधित घर में वेश्यालय चलाया जा रहा था। गोली लगने से घायल हुई महिलाओं में से एक की बाद में मौत हो गई थी। शुरू में इस घटना को सड़क दुर्घटना के तौर पर दिखाया गया था। बाद में मामले की जांच अपराध शाखा जम्मू की स्पेशल क्राइम विंग को सौंप दी गई।
आरोपियों में शेर सिंह उर्फ शेरा, नवीन बख्शी और सुखबिंदर पाल उर्फ बब्बू शामिल हैं। सहायक लोक अभियोजक ने अदालत को बताया कि चार्जशीट हजारों पन्नों की है और इसमें कई जटिल मुद्दे शामिल हैं। आरोपों पर बचाव पक्ष की दलीलों का प्रभावी ढंग से जवाब देने के लिए वरिष्ठ अभियोजन अधिकारियों और जांच अधिकारी की मदद की आवश्यकता है।
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जज अनूप कुमार शर्मा ने निदेशक अभियोजन को निर्देश दिया कि वे या तो खुद पेश हों या किसी काबिल वरिष्ठ लोक अभियोजक को नामित करें। क्राइम ब्रांच जम्मू की एसआईटी के इंचार्ज को भी अभियोजन की मदद के लिए व्यक्तिगत रूप से मौजूद रहने का निर्देश दिया गया है। आदेश की प्रति अनुपालन के लिए निदेशक अभियोजन और एसएसपी क्राइम ब्रांच (स्पेशल क्राइम विंग) जम्मू को भी भेजी गई है। जेएनएफ
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अभियोजन की मदद के लिए वरिष्ठ लोक अभियोजक, एसआईटी मुखिया भी रहेंगे
जम्मू। छन्नी हिम्मत गोलीबारी मामले में हजारों पन्नों की चार्जशीट तैयार की गई है। इसे देखते हुए जम्मू के द्वितीय अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश ने निदेशक अभियोजन को आरोपों पर खुद बहस करने के निर्देश दिए हैं। ऐसा न होने पर किसी काबिल वरिष्ठ लोक अभियोजक को इसके लिए नामित करने को कहा है। मामले की अगली सुनवाई एक अक्तूबर को होगी।
मामला बीते साल 21 अगस्त को छन्नी हिम्मत के एक घर में हुई फायरिंग की घटना से जुड़ा है। अभियोजन के दस्तावेजों के अनुसार संबंधित घर में वेश्यालय चलाया जा रहा था। गोली लगने से घायल हुई महिलाओं में से एक की बाद में मौत हो गई थी। शुरू में इस घटना को सड़क दुर्घटना के तौर पर दिखाया गया था। बाद में मामले की जांच अपराध शाखा जम्मू की स्पेशल क्राइम विंग को सौंप दी गई।
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आरोपियों में शेर सिंह उर्फ शेरा, नवीन बख्शी और सुखबिंदर पाल उर्फ बब्बू शामिल हैं। सहायक लोक अभियोजक ने अदालत को बताया कि चार्जशीट हजारों पन्नों की है और इसमें कई जटिल मुद्दे शामिल हैं। आरोपों पर बचाव पक्ष की दलीलों का प्रभावी ढंग से जवाब देने के लिए वरिष्ठ अभियोजन अधिकारियों और जांच अधिकारी की मदद की आवश्यकता है।
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जज अनूप कुमार शर्मा ने निदेशक अभियोजन को निर्देश दिया कि वे या तो खुद पेश हों या किसी काबिल वरिष्ठ लोक अभियोजक को नामित करें। क्राइम ब्रांच जम्मू की एसआईटी के इंचार्ज को भी अभियोजन की मदद के लिए व्यक्तिगत रूप से मौजूद रहने का निर्देश दिया गया है। आदेश की प्रति अनुपालन के लिए निदेशक अभियोजन और एसएसपी क्राइम ब्रांच (स्पेशल क्राइम विंग) जम्मू को भी भेजी गई है। जेएनएफ