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दुर्घटना भर से आपराधिक लापरवाही साबित नहीं होती : हाईकोर्ट
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नाबालिग की मौत से जुड़े 26 साल पुराने मामले में ड्राइवर को बरी करने का फैसला बरकरार
जम्मू। जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट ने एक नाबालिग बच्चे की मौत से जुड़े 26 साल पुराने मामले में एक मिनी-बस ड्राइवर को बरी करने का फैसला बरकरार रखा। कहा कि सिर्फ सड़क दुघर्टना भर से आपराधिक लापरवाही साबित नहीं होती।
हाईकोर्ट के जस्टिस एमए चौधरी ने केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर की ओर से रवि कुमार को बरी करने के खिलाफ दायर अपील को यह कहते हुए खारिज कर दिया कि एक्सीडेंट तेज और लापरवाही से गाड़ी चलाने की वजह से हुआ था अभियोजन ये साबित करने में नाकाम रहा। इससे पहले बरी किए जाने को चुनौती देते हुए सरकारी वकील ने दलील दी कि अभियोजन ने आरोपों को साबित करने के लिए काफी मौखिक और डॉक्यूमेंट्री सबूत पेश किए थे। उन्होंने ट्रायल कोर्ट के सबूतों की उचित जांच करने का हवाला देते हुए उसकी ओर से लगाई गई सजा और दोषसिद्धि को बहाल करने की मांग की।
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जम्मू। जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट ने एक नाबालिग बच्चे की मौत से जुड़े 26 साल पुराने मामले में एक मिनी-बस ड्राइवर को बरी करने का फैसला बरकरार रखा। कहा कि सिर्फ सड़क दुघर्टना भर से आपराधिक लापरवाही साबित नहीं होती।
हाईकोर्ट के जस्टिस एमए चौधरी ने केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर की ओर से रवि कुमार को बरी करने के खिलाफ दायर अपील को यह कहते हुए खारिज कर दिया कि एक्सीडेंट तेज और लापरवाही से गाड़ी चलाने की वजह से हुआ था अभियोजन ये साबित करने में नाकाम रहा। इससे पहले बरी किए जाने को चुनौती देते हुए सरकारी वकील ने दलील दी कि अभियोजन ने आरोपों को साबित करने के लिए काफी मौखिक और डॉक्यूमेंट्री सबूत पेश किए थे। उन्होंने ट्रायल कोर्ट के सबूतों की उचित जांच करने का हवाला देते हुए उसकी ओर से लगाई गई सजा और दोषसिद्धि को बहाल करने की मांग की।
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