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Jammu News: अब रिपोर्ट कार्ड में सिर्फ मार्क्स नहीं, बच्चे की खूबियां भी होंगी दर्ज
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- जम्मू संभाग के सभी स्कूलों में बदलेगा बच्चों का रिपोर्ट कार्ड, होलिस्टिक प्रोग्रेस कार्ड लागू
- खेल, व्यवहार, टीम वर्क और नई चीजें सीखने की क्षमता भी होगी रिपोर्ट कार्ड का हिस्सा
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। अब स्कूलों में बच्चों का रिपोर्ट कार्ड सिर्फ यह नहीं बताएगा कि उन्हें परीक्षा में कितने मार्क्स मिले। उसमें यह भी दर्ज होगा कि बच्चा नई चीजें कितनी जल्दी सीखता है, दूसरे बच्चों के साथ उसका व्यवहार कैसा है, टीम में कैसे काम करता है और पढ़ाई के अलावा उसकी दूसरी खूबियां क्या हैं। जम्मू संभाग के सरकारी और मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों में एक अगस्त से यही होलिस्टिक प्रोग्रेस कार्ड (एचपीसी) व्यवस्था लागू होने जा रही है। इसके लिए स्कूल शिक्षा निदेशालय जम्मू ने आदेश जारी कर दिए हैं।
नई व्यवस्था की शुरुआत पहली कक्षा से आठवीं कक्षा तक होगी। यह नई शिक्षा नीति-2020 और राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा-2023 के तहत लागू की जा रही है। एनसीईआरटी के तहत बने परख (पीएआरएकेएच) ने एचपीसी तैयार किया है। इसका मकसद बच्चों को केवल परीक्षा के नंबरों से नहीं, बल्कि पूरे साल की पढ़ाई और उनकी दूसरी खूबियों के आधार पर समझना है। इसके तहत बच्चे पूरे साल कैसे पढ़ते हैं, नई चीजें कितनी अच्छी तरह समझते हैं, सवालों का हल कैसे निकालते हैं, दूसरे बच्चों के साथ मिलकर कैसे काम करते हैं और उनका व्यवहार कैसा है, यह सब भी उसमें दर्ज होगा। खेल, कला और दूसरी गतिविधियों में उनकी भागीदारी को भी जगह मिलेगी। अभिभावकों और विद्यार्थियों की राय भी इस रिपोर्ट कार्ड का हिस्सा होगी। पूरा रिकॉर्ड डिजिटल एचपीसी पोर्टल पर रखा जाएगा।
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अगस्त में जानकारी, अक्तूबर से शुरू होगा रिकॉर्ड
एक से 14 अगस्त तक स्कूलों में नई व्यवस्था की जानकारी दी जाएगी। 24 अगस्त से 30 सितंबर तक शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके बाद एक अक्तूबर से सभी स्कूलों में होलिस्टिक प्रोग्रेस कार्ड भरने का काम शुरू होगा। पूरे सत्र के बाद एक से 31 मार्च तक रिकॉर्ड की समीक्षा और जांच की जाएगी। नई व्यवस्था की निगरानी जिला स्तर पर की जाएगी। स्कूलों से हर 15 दिन में प्रगति रिपोर्ट ली जाएगी। इसके लिए संयुक्त शिक्षा निदेशक, एससीईआरटी, डायट और जिला शिक्षा अधिकारी पूरी व्यवस्था पर नजर रखेंगे। किसी भी तरह की दिक्कत के समाधान के लिए नोडल अधिकारी और हेल्प डेस्क भी बनाए गए हैं।
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नई व्यवस्था के बाद दो बच्चों के परीक्षा में बराबर मार्क्स आने पर भी उनके रिपोर्ट कार्ड अलग हो सकते हैं। यह रिपोर्ट कार्ड बच्चे की सिर्फ पढ़ाई नहीं, बल्कि उसकी पूरी तस्वीर सामने रखेगा।
- नसीम जावेद चौधरी, निदेशक स्कूल शिक्षा विभाग
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- खेल, व्यवहार, टीम वर्क और नई चीजें सीखने की क्षमता भी होगी रिपोर्ट कार्ड का हिस्सा
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। अब स्कूलों में बच्चों का रिपोर्ट कार्ड सिर्फ यह नहीं बताएगा कि उन्हें परीक्षा में कितने मार्क्स मिले। उसमें यह भी दर्ज होगा कि बच्चा नई चीजें कितनी जल्दी सीखता है, दूसरे बच्चों के साथ उसका व्यवहार कैसा है, टीम में कैसे काम करता है और पढ़ाई के अलावा उसकी दूसरी खूबियां क्या हैं। जम्मू संभाग के सरकारी और मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों में एक अगस्त से यही होलिस्टिक प्रोग्रेस कार्ड (एचपीसी) व्यवस्था लागू होने जा रही है। इसके लिए स्कूल शिक्षा निदेशालय जम्मू ने आदेश जारी कर दिए हैं।
नई व्यवस्था की शुरुआत पहली कक्षा से आठवीं कक्षा तक होगी। यह नई शिक्षा नीति-2020 और राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा-2023 के तहत लागू की जा रही है। एनसीईआरटी के तहत बने परख (पीएआरएकेएच) ने एचपीसी तैयार किया है। इसका मकसद बच्चों को केवल परीक्षा के नंबरों से नहीं, बल्कि पूरे साल की पढ़ाई और उनकी दूसरी खूबियों के आधार पर समझना है। इसके तहत बच्चे पूरे साल कैसे पढ़ते हैं, नई चीजें कितनी अच्छी तरह समझते हैं, सवालों का हल कैसे निकालते हैं, दूसरे बच्चों के साथ मिलकर कैसे काम करते हैं और उनका व्यवहार कैसा है, यह सब भी उसमें दर्ज होगा। खेल, कला और दूसरी गतिविधियों में उनकी भागीदारी को भी जगह मिलेगी। अभिभावकों और विद्यार्थियों की राय भी इस रिपोर्ट कार्ड का हिस्सा होगी। पूरा रिकॉर्ड डिजिटल एचपीसी पोर्टल पर रखा जाएगा।
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अगस्त में जानकारी, अक्तूबर से शुरू होगा रिकॉर्ड
एक से 14 अगस्त तक स्कूलों में नई व्यवस्था की जानकारी दी जाएगी। 24 अगस्त से 30 सितंबर तक शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके बाद एक अक्तूबर से सभी स्कूलों में होलिस्टिक प्रोग्रेस कार्ड भरने का काम शुरू होगा। पूरे सत्र के बाद एक से 31 मार्च तक रिकॉर्ड की समीक्षा और जांच की जाएगी। नई व्यवस्था की निगरानी जिला स्तर पर की जाएगी। स्कूलों से हर 15 दिन में प्रगति रिपोर्ट ली जाएगी। इसके लिए संयुक्त शिक्षा निदेशक, एससीईआरटी, डायट और जिला शिक्षा अधिकारी पूरी व्यवस्था पर नजर रखेंगे। किसी भी तरह की दिक्कत के समाधान के लिए नोडल अधिकारी और हेल्प डेस्क भी बनाए गए हैं।
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नई व्यवस्था के बाद दो बच्चों के परीक्षा में बराबर मार्क्स आने पर भी उनके रिपोर्ट कार्ड अलग हो सकते हैं। यह रिपोर्ट कार्ड बच्चे की सिर्फ पढ़ाई नहीं, बल्कि उसकी पूरी तस्वीर सामने रखेगा।
- नसीम जावेद चौधरी, निदेशक स्कूल शिक्षा विभाग