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Jammu News: कलाकृतियों में दिखी ऑपरेशन सिंदूर की गाथा, बाढ़ का दर्द
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कला केंद्र में फोटो प्रदर्शनी का शुभारंभ करने के बाद चित्रों का अवलोकन करते डॉ. करण सिंह। स्रोत
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-तवी महोत्सव के आखिरी दिन कला केंद्र में लगाई गई फोटो प्रदर्शनी, मिनिएचर पेंटिंग भी
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। तवी महोत्सव का रविवार को समापन हुआ। कला केंद्र में फोटो प्रदर्शनी लगाई गई। इसमें ऑपरेशन सिंदूर के दौरान वीर जवानों की बहादुरी के विभिन्न दृश्य देखने को मिले। पिछले साल अगस्त में आई बाढ़ का दर्द भी नजर आया। दर्शकों ने तस्वीरों के जरिये अपने बीच के लोगों के कष्टों का बखूबी अहसास किया।
इससे पूर्व इस प्रदर्शनी का उद्घाटन पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. कर्ण सिंह ने किया। उन्होंने इस प्रदर्शनी को बीते साल की कष्टकारी यादों और लोगों के साहस का एक महत्वपूर्ण दस्तावेज बताया। कहा कि यह प्रदर्शनी लोगों के जुझारूपन को दर्शाती है। देश के कला जगत में जम्मू-कश्मीर के योगदान को याद करते हुए डॉ. कर्ण सिंह ने कहा कि इस क्षेत्र के कलाकारों और चित्रकारों ने राष्ट्रीय और अंतर राष्ट्रीय स्तर पर स्थानीय संस्कृति और सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा देने का कार्य किया है। उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान कई लोगों की जान जाने पर अफसोस जताते हुए पिछले साल की विनाशकारी बाढ़ को भी एक न भूलने वाला अध्याय करार दिया।
कला केंद्र के सचिव डॉ. जावेद राही ने बताया कि यह प्रदर्शनी कलाकृतियों का एक समृद्ध संग्रह है। इसमें फोटो के साथ ही मिनिएचर पेंटिंग भी दर्शकों के अवलोकन के लिए प्रदर्शित की गई हैं। आयोजक डॉ. ज्योत्सना सिंह ने बताया कि अमर महल संग्रहालय व पुस्तकालय और कला केंद्र के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित यह प्रदर्शनी तवी महोत्सव के चौथे संस्करण का हिस्सा है।
प्रदेश के प्रमुख सचिव संस्कृति बृजमोहन ने डॉ. कर्ण सिंह के कृतित्व को प्रेरणा देने वाला बताया। उन्होंने जम्मू-कश्मीर की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और संवर्धन के लिए संस्कृति विभाग की ओर से उठाए गए कदमों की भी जानकारी दी।
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23 मार्च तक चलेगी फोटो प्रदर्शनी
कला केंद्र के निचले तल पर स्थित पांचों गैलरियों में लगाई गई यह फोटो प्रदर्शनी 23 मार्च तक चलेगी। प्रख्यात कला इतिहासकार डॉ. ललित गुप्ता ने स्थानीय लोगों से इस प्रदर्शनी में आकर कलाकारों की कलात्मक अभिव्यक्ति का अवलोकन करने का आग्रह किया।
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अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। तवी महोत्सव का रविवार को समापन हुआ। कला केंद्र में फोटो प्रदर्शनी लगाई गई। इसमें ऑपरेशन सिंदूर के दौरान वीर जवानों की बहादुरी के विभिन्न दृश्य देखने को मिले। पिछले साल अगस्त में आई बाढ़ का दर्द भी नजर आया। दर्शकों ने तस्वीरों के जरिये अपने बीच के लोगों के कष्टों का बखूबी अहसास किया।
इससे पूर्व इस प्रदर्शनी का उद्घाटन पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. कर्ण सिंह ने किया। उन्होंने इस प्रदर्शनी को बीते साल की कष्टकारी यादों और लोगों के साहस का एक महत्वपूर्ण दस्तावेज बताया। कहा कि यह प्रदर्शनी लोगों के जुझारूपन को दर्शाती है। देश के कला जगत में जम्मू-कश्मीर के योगदान को याद करते हुए डॉ. कर्ण सिंह ने कहा कि इस क्षेत्र के कलाकारों और चित्रकारों ने राष्ट्रीय और अंतर राष्ट्रीय स्तर पर स्थानीय संस्कृति और सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा देने का कार्य किया है। उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान कई लोगों की जान जाने पर अफसोस जताते हुए पिछले साल की विनाशकारी बाढ़ को भी एक न भूलने वाला अध्याय करार दिया।
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कला केंद्र के सचिव डॉ. जावेद राही ने बताया कि यह प्रदर्शनी कलाकृतियों का एक समृद्ध संग्रह है। इसमें फोटो के साथ ही मिनिएचर पेंटिंग भी दर्शकों के अवलोकन के लिए प्रदर्शित की गई हैं। आयोजक डॉ. ज्योत्सना सिंह ने बताया कि अमर महल संग्रहालय व पुस्तकालय और कला केंद्र के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित यह प्रदर्शनी तवी महोत्सव के चौथे संस्करण का हिस्सा है।
प्रदेश के प्रमुख सचिव संस्कृति बृजमोहन ने डॉ. कर्ण सिंह के कृतित्व को प्रेरणा देने वाला बताया। उन्होंने जम्मू-कश्मीर की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और संवर्धन के लिए संस्कृति विभाग की ओर से उठाए गए कदमों की भी जानकारी दी।
23 मार्च तक चलेगी फोटो प्रदर्शनी
कला केंद्र के निचले तल पर स्थित पांचों गैलरियों में लगाई गई यह फोटो प्रदर्शनी 23 मार्च तक चलेगी। प्रख्यात कला इतिहासकार डॉ. ललित गुप्ता ने स्थानीय लोगों से इस प्रदर्शनी में आकर कलाकारों की कलात्मक अभिव्यक्ति का अवलोकन करने का आग्रह किया।