फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   Govt panel on demographic changes hears Kashmiri Pandits

जम्मू पहुंची नावलेकर समिति: जगती में कश्मीरी पंडितों से सुनी विस्थापन की पीड़ा, रोहिंग्या बस्ती का भी निरीक्षण

Tue, 11 Aug 2026 05:23 PM IST
Nikita Gupta अमर उजाला नेटवर्क, श्रीनगर
अमर उजाला नेटवर्क, श्रीनगर Published by: Nikita Gupta Updated Tue, 11 Aug 2026 05:23 PM IST
सार

जनसांख्यिकीय बदलावों का अध्ययन कर रही नावलेकर समिति ने जम्मू के जगती टाउनशिप में कश्मीरी पंडितों से मुलाकात कर उनकी वापसी, पुनर्वास और अन्य समस्याओं पर सुझाव लिए।

विज्ञापन
Govt panel on demographic changes hears Kashmiri Pandits
जनसांख्यिकीय बदलाव पर नावलेकर समिति की पड़ताल - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

देश के विभिन्न हिस्सों में जनसांख्यिकीय बदलाव का अध्ययन करने के लिए गठित केंद्र सरकार की उच्चस्तरीय समिति ने मंगलवार को जम्मू में अपने तीन दिवसीय दौरे के दूसरे दिन कई महत्वपूर्ण स्थानों का दौरा किया। समिति ने जगती टाउनशिप में विस्थापित कश्मीरी पंडितों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं और सुझाव सुने। इसके बाद टीम ने नरवाल इलाके में रोहिंग्या आबादी वाले क्षेत्र का भी निरीक्षण किया।

विज्ञापन

जगती में कश्मीरी पंडितों से करीब एक घंटे बातचीत
जनगणना आयुक्त मृत्युंजय कुमार के नेतृत्व में समिति के सदस्य दुर्गा शंकर मिश्रा, बालाजी श्रीवास्तव और शामिका रवि जगती टाउनशिप पहुंचे। यहां विस्थापित कश्मीरी पंडितों ने उनका पारंपरिक तरीके से स्वागत किया। इसके बाद समिति ने उनके प्रतिनिधियों के साथ करीब एक घंटे तक बंद कमरे में बैठक की।

राहत एवं पुनर्वास आयुक्त (माइग्रेंट्स) डॉ. अरविंद करवानी ने बताया कि समिति अपने कार्यक्षेत्र के तहत सरकारी अधिकारियों के साथ-साथ विभिन्न समुदायों के प्रतिनिधियों से भी बातचीत कर रही है। उन्होंने कहा कि जगती में रहने वाले पांच हजार से अधिक कश्मीरी पंडित परिवारों के प्रतिनिधियों ने समिति के सामने अपनी भावनाएं, समस्याएं और सुझाव रखे।

विज्ञापन
विज्ञापन

वापसी और पुनर्वास का मुद्दा उठा
बैठक के दौरान कश्मीरी पंडित प्रतिनिधियों ने घाटी में सुरक्षित और सम्मानजनक वापसी तथा पुनर्वास का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। उन्होंने समिति के सामने अपनी कई मांगें और सुझाव रखे।

सामाजिक कार्यकर्ता सुनील पंडिता ने बताया कि प्रतिनिधिमंडल ने 1990 के बाद से कश्मीरी पंडित समुदाय के सामने आ रही समस्याओं को समिति के सामने रखा। इनमें पेयजल, सड़क, स्वच्छता, आवास, रोजगार, राहत योजनाओं का सही क्रियान्वयन और घाटी में वापसी जैसे मुद्दे शामिल हैं।

वहीं, अधिवक्ता विश्व रंजन पंडिता ने केंद्र सरकार से कश्मीरी पंडितों को माइग्रेंट के बजाय पीड़ित और विस्थापित समुदाय के रूप में मान्यता देने तथा उनकी सुरक्षा और सम्मानजनक वापसी सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की।

विज्ञापन

नरवाल में रोहिंग्या बस्ती का निरीक्षण
जगती का दौरा करने के बाद समिति ने जम्मू के नरवाल इलाके में रोहिंग्या आबादी वाले क्षेत्र का निरीक्षण किया। इसके अलावा समिति ने गोरखा समुदाय और पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (पीओजेके) से आए शरणार्थियों समेत विभिन्न प्रतिनिधिमंडलों से भी मुलाकात की।

जनसांख्यिकीय बदलाव के कारणों का होगा अध्ययन
केंद्र सरकार ने मई में न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) प्रभाकर नावलेकर की अध्यक्षता में इस उच्चस्तरीय समिति का गठन किया था। समिति को अवैध आव्रजन और अन्य कारणों से देश के विभिन्न हिस्सों में हो रहे जनसांख्यिकीय बदलाव का वैज्ञानिक तरीके से अध्ययन करने, इसके कारणों का विश्लेषण करने और उचित नीतिगत, विधायी एवं प्रशासनिक उपाय सुझाने की जिम्मेदारी दी गई है।

सरकारी आंकड़ों में जम्मू-सांबा में 13,700 से अधिक विदेशी
सरकारी आंकड़ों के अनुसार जम्मू और सांबा जिलों में रोहिंग्या और बांग्लादेशी नागरिकों समेत 13,700 से अधिक विदेशी रह रहे हैं। सरकारी आंकड़ों में 2008 से 2016 के बीच इनकी संख्या में छह हजार से अधिक की वृद्धि का उल्लेख है।

मार्च 2021 में पुलिस ने सत्यापन अभियान के दौरान जम्मू शहर में 270 से अधिक रोहिंग्याओं के अवैध रूप से रहने की बात सामने आने के बाद उन्हें कठुआ उप-जेल के भीतर बनाए गए होल्डिंग सेंटर में रखा था।

समिति जम्मू दौरे के दौरान प्रशासन, पुलिस और विभिन्न समुदायों के प्रतिनिधियों से मिले सुझावों और जानकारियों को अपनी रिपोर्ट में शामिल करेगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed