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Jammu News: 60 की उम्र को मात, हैंडबाल में आजमा रहीं हाथ
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सिम्मी
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- नाती-पोतों को खिलाने की उम्र में हैंडबाल खेल खुद को फिट रख रहीं कृष्णा, अनुपमा और सिम्मी
- जोश और जुनून के आगे छोटी पड़ रही उम्र की सीमा, रोज दो घंटे करती हैं प्रैक्टिस
रिया सरमाल
जम्मू। अरे! इनकी चुस्ती और फुर्ती तो देखिए। कहीं से लगता ही नहीं कि इनकी उम्र 60 साल से अधिक है। इनके जोश और जुनून के आगे तो रोजाना ग्राउंड में पसीना बहाने वाली कम उम्र की लड़कियां भी पानी भरती नजर आ रहीं हैं। ऐसा लगता है कि दादी की उम्र की यही महिलाएं वास्तव में फिट इंडिया का नारा साकार कर रही हैं। नाती-पोतों को गोद में खिलाने वाली कृष्णा सेठी, सिम्मी और अनुपमा शर्मा के हौसले और क्वींस एरोबिक वर्ल्ड पलाैड़ा के ग्राउंड में उन्हें हैंडबाल खेलते देखना चाहते हैं तो पहले आपको इस स्टोरी को पढ़ना होगा।
रोजाना दो घंटे प्रैक्टिस करती हैं कृष्णा
घरेलू महिला कृष्णा सेठी (66) 2015 से हैंडबाल खेल रही हैं। बताती हैं कि पहले तबीयत अक्सर नासाज रहती थी। महिलाओं के लिए विशेषकर पलाैड़ा में खुले क्वींस एरोबिक वर्ल्ड पहुंचीं और खेलना शुरू कर दिया। बिजनेसमैन पति के साथ पूरे परिवार ने उत्साह बढ़ाया। आज पूरी तरह फिट हैं और रोज शाम एक-दो घंटे प्रैक्टिस करती हैं। कहती हैं कि महिलाओं को घर की जिम्मेदारी निभाने के साथ अपनी सेहत का भी ध्यान रखना चाहिए। उम्र इसमें कोई मायने नहीं रखता है।
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खुद को फिट रखना सबसे बड़ी चुनौती
प्राइवेट स्कूल में टीचर अनुपमा शर्मा (60) क्वींस एरोबिक वर्ल्ड में 2017 से हैंडबाल की प्रैक्टिस कर रही हैं। रोज योग भी करती हैं। पति सरकारी शिक्षक हैं। अनुपमा का कहना है कि महिलाएं अक्सर परिवार की जरूरतों को पूरा करते-करते खुद को पीछे छोड़ देती हैं। अपने को भूल जाती हैं। भागदौड़ भरी इस जिंदगी में जरूरी है कि वो अपने लिए भी समय निकालें। नियमित व्यायाम व खेलों को जीवन का हिस्सा बनाएं। फिटनेस से जीवन में ऊर्जा और सकारात्मकता बनी रहती है।
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फिटनेस ने बदली सोच, मिला सम्मान
गवर्नमेंट स्कूल गोमनासा में शिक्षिका सिम्मी (55) भी रोजाना हैंडबाल खेलती हैं। कभी-कभार वेट लिफ्टिंग भी कर लेती हैं। कहती हैं कि नौकरी और परिवार की जिम्मेदारियों के बीच खुद फिट रखने के लिए समय निकालना शुरू किया। कोच नीति कौर की देखरेख में 2021 में फिटनेस लेडी अवॉर्ड मिला और पुश-अप प्रतियोगिता में भी जीत हासिल की। पति सरकारी कर्मचारी हैं। बड़ा बेटा कनाडा में है। दूसरा अभी बीटेक कर रहा है। सिम्मी कहती हैं कि महिलाओं को उम्र की परवाह किए बिना अपनी सेहत को प्राथमिकता देनी चाहिए।
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- जोश और जुनून के आगे छोटी पड़ रही उम्र की सीमा, रोज दो घंटे करती हैं प्रैक्टिस
रिया सरमाल
जम्मू। अरे! इनकी चुस्ती और फुर्ती तो देखिए। कहीं से लगता ही नहीं कि इनकी उम्र 60 साल से अधिक है। इनके जोश और जुनून के आगे तो रोजाना ग्राउंड में पसीना बहाने वाली कम उम्र की लड़कियां भी पानी भरती नजर आ रहीं हैं। ऐसा लगता है कि दादी की उम्र की यही महिलाएं वास्तव में फिट इंडिया का नारा साकार कर रही हैं। नाती-पोतों को गोद में खिलाने वाली कृष्णा सेठी, सिम्मी और अनुपमा शर्मा के हौसले और क्वींस एरोबिक वर्ल्ड पलाैड़ा के ग्राउंड में उन्हें हैंडबाल खेलते देखना चाहते हैं तो पहले आपको इस स्टोरी को पढ़ना होगा।
रोजाना दो घंटे प्रैक्टिस करती हैं कृष्णा
घरेलू महिला कृष्णा सेठी (66) 2015 से हैंडबाल खेल रही हैं। बताती हैं कि पहले तबीयत अक्सर नासाज रहती थी। महिलाओं के लिए विशेषकर पलाैड़ा में खुले क्वींस एरोबिक वर्ल्ड पहुंचीं और खेलना शुरू कर दिया। बिजनेसमैन पति के साथ पूरे परिवार ने उत्साह बढ़ाया। आज पूरी तरह फिट हैं और रोज शाम एक-दो घंटे प्रैक्टिस करती हैं। कहती हैं कि महिलाओं को घर की जिम्मेदारी निभाने के साथ अपनी सेहत का भी ध्यान रखना चाहिए। उम्र इसमें कोई मायने नहीं रखता है।
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खुद को फिट रखना सबसे बड़ी चुनौती
प्राइवेट स्कूल में टीचर अनुपमा शर्मा (60) क्वींस एरोबिक वर्ल्ड में 2017 से हैंडबाल की प्रैक्टिस कर रही हैं। रोज योग भी करती हैं। पति सरकारी शिक्षक हैं। अनुपमा का कहना है कि महिलाएं अक्सर परिवार की जरूरतों को पूरा करते-करते खुद को पीछे छोड़ देती हैं। अपने को भूल जाती हैं। भागदौड़ भरी इस जिंदगी में जरूरी है कि वो अपने लिए भी समय निकालें। नियमित व्यायाम व खेलों को जीवन का हिस्सा बनाएं। फिटनेस से जीवन में ऊर्जा और सकारात्मकता बनी रहती है।
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फिटनेस ने बदली सोच, मिला सम्मान
गवर्नमेंट स्कूल गोमनासा में शिक्षिका सिम्मी (55) भी रोजाना हैंडबाल खेलती हैं। कभी-कभार वेट लिफ्टिंग भी कर लेती हैं। कहती हैं कि नौकरी और परिवार की जिम्मेदारियों के बीच खुद फिट रखने के लिए समय निकालना शुरू किया। कोच नीति कौर की देखरेख में 2021 में फिटनेस लेडी अवॉर्ड मिला और पुश-अप प्रतियोगिता में भी जीत हासिल की। पति सरकारी कर्मचारी हैं। बड़ा बेटा कनाडा में है। दूसरा अभी बीटेक कर रहा है। सिम्मी कहती हैं कि महिलाओं को उम्र की परवाह किए बिना अपनी सेहत को प्राथमिकता देनी चाहिए।

सिम्मी

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