चौंकाने वाला मामला: श्मशान जाने से पहले बजा फोन, परिवार के पैरों तले खिसकी जमीन, युवक बोला...मैं जिंदा हूं
सोहजना निवासी विशाल के तीन दिन तक संपर्क में न रहने पर परिजनों ने बाड़ी ब्राह्मणा में मिले एक अज्ञात शव को उसका समझकर अंतिम संस्कार की तैयारी शुरू कर दी। इसी दौरान विशाल का फोन आया और उसने बताया कि वह सुरक्षित है।
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सांबा जिले के सोहजना निवासी विशाल को मृत समझकर परिजन दूसरे का शव अंतिम संस्कार के लिए घर ले गए। अंतिम संस्कार की तैयारी चल ही रही थी कि विशाल का फोन आ गया। उसने बताया कि वह पूरी तरह सुरक्षित है। इसके बाद परिजन अज्ञात शव को वापस जीएमसी जम्मू के शवगृह लेकर पहुंचे। घटना की जानकारी मिलते ही अस्पताल परिसर में लोगों की भीड़ जुट गई।
सोहजना निवासी विशाल बाड़ी ब्राह्मणा के एक निजी कंपनी में सुरक्षा गार्ड के रूप में कार्यरत है। उसका मोबाइल फोन खराब होने के कारण तीन दिनों से परिजन से संपर्क नहीं हो पाया था। नाइट शिफ्ट में ड्यूटी होने के कारण भी उसका कोई संपर्क नहीं हुआ। चिंतित परिजन ने पुलिस में उसकी गुमशुदगी दर्ज करा दी। इसी दौरान बाड़ी ब्राह्मणा क्षेत्र में सोमवार को एक अज्ञात युवक का शव मिला, जिसे पोस्टमार्टम के लिए गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज (जीएमसी) जम्मू लाया गया।
गुमशुदगी की रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने मंगलवार को विशाल के परिजन को शिनाख्त के लिए बुलाया। परिजन ने शव को विशाल का समझकर उसकी पहचान कर ली और अंतिम संस्कार के लिए घर लेते गए। अंतिम संस्कार की तैयारी चल रही थी, तभी विशाल का फोन आया। उसने बताया कि उसका मोबाइल खराब था, इसलिए किसी से संपर्क नहीं कर सका। नया फोन मिलने के बाद उसने सबसे पहले घर पर संपर्क किया। इसके बाद परिजन शव को वापस जीएमसी जम्मू लेकर पहुंचे।
मृत समझे गए युवक के जिंदा लौटने से घर-गांव में खुशियां
गांव सौहांजना में उस समय भावुक कर देने वाला घटनाक्रम देखने को मिला जब जिस युवक को मृत समझकर पूरा गांव शोक में डूब गया था वह सकुशल गांव लौट आया। युवक की मौत की सूचना मिलने के बाद परिजन और ग्रामीणों में मातम छा गया। किसी अन्य व्यक्ति के शव को युवक का समझ लिया गया जिससे पूरे गांव में भ्रम की स्थिति बन गई।
बताया जा रहा है कि बाद में युवक स्वयं गांव पहुंच गया। उसे जीवित देखकर परिजन और ग्रामीण पहले तो स्तब्ध रह गए फिर राहत की सांस ली। इसके बाद सवाल उठने लगे कि जिस शव को युवक का समझा गया था वह आखिर किसका था। मामले की सही पहचान व परिस्थितियों की जांच करने की मांग की जा रही है। दिन भर गांव में असमंजस और चर्चा का माहौल बना रहा। 22 वर्षीय विशाल कुमार उर्फ बाबा घर से दो दिन पहले बाड़ी ब्राहमणा में सिक्योरटी गार्ड के तौर पर कार्य करने पर घर से गया था। रविवार शाम गांव में किसी ने संदेश भेजा की विशाल की बिश्नाह में दुर्घटना में जान चली गई और शव जीएमसी में पड़ा है। घर लाैटने पर विशाल ने कहा कि फोन खराब होने पर मां से बात नहीं हो पाई और वह ठीक-ठाक है।