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Jammu News: पर्यटन विकास की अनदेखी से सूना पड़ा होटल कारोबार
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जम्मू। होटल कारोबारियों ने शहर में लगातार घट रही पर्यटकों की आमद और खराब होते कारोबार पर चिंता जताई है। बुधवार को ऑल जम्मू होटल्स एंड लॉजेज एसोसिएशन की बैठक में कहा गया कि पर्यटन विकास के मामले में लंबे समय से जम्मू की अनदेखी हो रही है जिसका असर सीधे स्थानीय कारोबार और रोजगार पर पड़ रहा है।
अध्यक्ष पवन गुप्ता ने कहा कि धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व होने के बावजूद जम्मू को आज तक स्वतंत्र पर्यटन स्थल के तौर पर विकसित नहीं किया गया। पहले कटड़ा और अब कश्मीर तक रेल सेवा पहुंचने के बाद होटल कारोबार को झटका लगा है। खासकर छोटे होटल और लॉज सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं। लगातार नुकसान के कारण होटल मालिक आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। इससे कर्मचारियों पर भी असर पड़ा है। एसोसिएशन कश्मीर में हो रहे विकास कार्यों के खिलाफ नहीं है लेकिन जम्मू को भी समान प्राथमिकता मिलनी चाहिए। सरकार अगर पर्यटन सुविधाओं को मजबूत करे तो बड़ी संख्या में रोजगार के अवसर पैदा हो सकते हैं।
इन परियोजनाओं को पूरा करने पर दिया जोर
वर्ष 2009 से लंबित आर्टिफिशियल लेक परियोजना, मुबारक मंडी हेरिटेज कॉम्प्लेक्स और तवी नदी के किनारों के सौंदर्यीकरण कार्य को जल्द पूरा करने की मांग उठाई गई। झज्जर कोटली, अंबरान बौद्ध स्थल, जिया पोता घाट और सोहनी-माहीवाल स्थल को पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने पर भी जोर दिया गया। एसोसिएशन ने बाग-ए-बाहु में बंद लेजर शो दोबारा शुरू, पीरखो से महामाया मंदिर तक केबल कार सेवा बहाल करने और जंबू जू में आधुनिक सुविधाएं बढ़ाने की मांग रखी। बैठक में अनिल खजूरिया, प्रीतम शर्मा, बलदेव राज, एचएस मनहास, स्वर्ण सिंह और वरुण गुप्ता मौजूद रहे।
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अध्यक्ष पवन गुप्ता ने कहा कि धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व होने के बावजूद जम्मू को आज तक स्वतंत्र पर्यटन स्थल के तौर पर विकसित नहीं किया गया। पहले कटड़ा और अब कश्मीर तक रेल सेवा पहुंचने के बाद होटल कारोबार को झटका लगा है। खासकर छोटे होटल और लॉज सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं। लगातार नुकसान के कारण होटल मालिक आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। इससे कर्मचारियों पर भी असर पड़ा है। एसोसिएशन कश्मीर में हो रहे विकास कार्यों के खिलाफ नहीं है लेकिन जम्मू को भी समान प्राथमिकता मिलनी चाहिए। सरकार अगर पर्यटन सुविधाओं को मजबूत करे तो बड़ी संख्या में रोजगार के अवसर पैदा हो सकते हैं।
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इन परियोजनाओं को पूरा करने पर दिया जोर
वर्ष 2009 से लंबित आर्टिफिशियल लेक परियोजना, मुबारक मंडी हेरिटेज कॉम्प्लेक्स और तवी नदी के किनारों के सौंदर्यीकरण कार्य को जल्द पूरा करने की मांग उठाई गई। झज्जर कोटली, अंबरान बौद्ध स्थल, जिया पोता घाट और सोहनी-माहीवाल स्थल को पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने पर भी जोर दिया गया। एसोसिएशन ने बाग-ए-बाहु में बंद लेजर शो दोबारा शुरू, पीरखो से महामाया मंदिर तक केबल कार सेवा बहाल करने और जंबू जू में आधुनिक सुविधाएं बढ़ाने की मांग रखी। बैठक में अनिल खजूरिया, प्रीतम शर्मा, बलदेव राज, एचएस मनहास, स्वर्ण सिंह और वरुण गुप्ता मौजूद रहे।