श्रीनगर की बहनों की मिसाल: बनाया दुनिया का पहला राजमा जैम और चॉकलेट, विदेशी कंपनियां भी दीवानी
श्रीनगर की इरम और राबिया गुलजार ने दुनिया का पहला राजमा जैम और चॉकलेट तैयार कर कृषि नवाचार की नई मिसाल पेश की है। हाई प्रोटीन और ऑर्गेनिक फूड कैटेगरी में शामिल इस प्रोडक्ट को विदेशी कंपनियों ने भी पसंद किया है। दोनों बहनों ने इसके पेटेंट के लिए आवेदन किया है।
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प्रोटीन से भरपूर राजमा का स्वाद अब सिर्फ दाल नहीं बल्कि जैम और चॉकलेट में भी ले सकते हैं। श्रीनगर में टाउनटाउन के फतेहकदल की दो बहनों इरम और राबिया गुलजार ने दुनिया का पहला राजमा जैम व चॉकलेट बनाया है। इस कृषि नवाचार की विदेशी कंपनियां भी दीवानी हुई हैं। उन्होंने खरीदारी में दिलचस्पी दिखाई है।
जम्मू-कश्मीर में राजमा प्रमुख पारंपरिक खाद्य पदार्थों में शामिल है। इसे आमतौर पर चावल के साथ खाया जाता है। स्वाद सभी को लुभाता है। अब श्रीनगर की दो बहनों ने इसे अनोखे प्रोडक्ट में बदल दिया है। उन्होंने इससे हाई प्रोटीन वाले फंक्शनल फूड की एक नई कैटेगरी शुरू की है। इरम ने ये नवाचार अपनी बहन राबिया के साथ मिलकर किया है। वे एग्रीकल्चर, फूड साइंस और क्रिएटिविटी के मेल पर काम कर रही हैं।
रोजगार की नई राह
अपने प्रोडक्ट से इरम ने युवाओं के लिए रोजगार की राह भी खोली है। उनके इस स्टार्टअप में बहन राबिया गुलजार भी शामिल हैं। राबिया फाइन आर्ट्स में स्नातकोत्तर हैं। वे प्रोडक्ट की डिजाइनिंग करती हैं। वर्तमान में शेर-ए-कश्मीर यूनिवर्सिटी ऑफ एग्रीकल्चरल साइंसेज एंड टेक्नोलॉजी कश्मीर (स्कास्ट-के) से दिसंबर 2024 में मास्टर पूरी करने वाली इरम ने राजमा पर ही रिसर्च किया है। इरम का यह प्रोडक्ट पूरी तरह से ऑर्गेनिक है। इसमें मिठास के लिए चीनी की जगह शहद और प्राकृतिक लाल रंग के लिए चुकंदर का इस्तेमाल किया गया है। इंटरनेट पर व्यापक रिसर्च के बाद जब उन्हें राजमा से बने ऐसे किसी प्रोडक्ट का रिकॉर्ड नहीं मिला तो अपने फॉर्मूले के लिए पेटेंट का आवेदन भी दे दिया है।
उनकी टीम में दो से तीन सदस्य हैं। उन्होंने बताया कि हाल ही में हुई इंटरनेशनल बायर-सेलर मीट में उनके प्रोडक्ट को अच्छा रिस्पांस मिला है। दो से तीन अंतरराष्ट्रीय कंपनियों ने दिलचस्पी दिखाई है। हालांकि, पहली प्राथमिकता अपना देश है।
हाल ही में स्कॉस्ट में आयोजित गोंगुल फेस्टिवल में मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला इरम के इस नवाचार की तारीफ कर चुके हैं। तब उमर ने इरम के स्टॉल पर आकर राजमा चॉकलेट का स्वाद चखा था।
माता-पिता के नाम पर शुरू किया ब्रांड
इरम ने माता-पिता के नाम पर अपने नवाचार का ब्रांड शुरू किया है। उन्होंने ब्रांड का नाम गुलशमीम (पिता गुलजार और मां शमीम) दिया है। राजमा जैम के वैज्ञानिक विकास का नेतृत्व इरम ने किया जबकि राजमा चॉकलेट के कॉन्सेप्ट को राबिया ने डिजाइन और विकसित किया।
इरम गुलजार को कई पुरस्कार मिले हैं। इंटरनेशनल ह्यूमन राइट्स ऑर्गनाइजेशन की ओर से 100 वीमेन अवार्ड, ग्लोबल लेगेसी अवार्ड और सुपर वीमेन अवार्ड मिला है। उन्होंने किताबों और साहित्यिक संकलनों में भी योगदान दिया है।