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IAF का साहसिक रेस्क्यू: 15 हजार फीट से अमेरिकी नागरिक को बचाया, फेयांग घाटी में फंसा था 56 वर्षीय शख्स
Wed, 19 Aug 2026 11:13 PM IST
Digvijay Singh
एंजेसी
एंजेसी
Published by: Digvijay Singh
Updated Wed, 19 Aug 2026 11:13 PM IST
सार
लद्दाख की फेयांग घाटी में एक 56 वर्षीय भारतीय मूल के विदेशी नागरिक को गंभीर चिकित्सा आपातकाल का सामना करना पड़ा। इसके बाद बुधवार को भारतीय वायु सेना के चीता हेलीकॉप्टर ने उन्हें घाटी से सुरक्षित निकालकर लेह पहुंचाया।
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सेना का चीता हेलीकॉप्टर
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
लद्दाख की फेयांग घाटी में एक 56 वर्षीय भारतीय मूल के विदेशी नागरिक को गंभीर चिकित्सा आपातकाल का सामना करना पड़ा। इसके बाद बुधवार को भारतीय वायु सेना के चीता हेलीकॉप्टर ने उन्हें घाटी से सुरक्षित निकालकर लेह पहुंचाया। यह फेयांग घाटी समुद्र तल से 15,000 फीट की ऊंचाई पर स्थित है, जो बचाव अभियान को और चुनौतीपूर्ण बनाती है।
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अधिकारियों ने इस महत्वपूर्ण बचाव अभियान की जानकारी दी। अमेरिका में बसे इस व्यक्ति को तत्काल चिकित्सा सहायता की आवश्यकता थी। वायु सेना ने अपने बयान में बताया कि भारतीय वायु सेना के चीता हेलीकॉप्टर ने 56 वर्षीय भारतीय मूल के विदेशी नागरिक को सुरक्षित बाहर निकाला। यह बचाव अभियान फेयांग घाटी के सुमज़ोन ग्लेशियर से किया गया, जो 15,000 फीट की ऊंचाई पर स्थित है। यह एक प्रकार की चिकित्सा निकासी थी। वायु सेना ने आगे कहा कि क्षेत्र का इलाका बेहद मुश्किल था। हेलीकॉप्टर के उतरने के लिए जगह भी सीमित थी।
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चुनौतीपूर्ण बचाव
इन विपरीत परिस्थितियों के बावजूद, हेलीकॉप्टर के कर्मी दल ने असाधारण कौशल का प्रदर्शन किया। उन्होंने सुरक्षित रूप से हेलीकॉप्टर को उतारा और आपातकाल से जूझ रहे व्यक्ति को उसमें बिठाया। यह अभियान कर्मी दल के उच्च प्रशिक्षण और अनुभव को दर्शाता है। व्यक्ति को तुरंत लेह ले जाया गया ताकि उसे आगे का आवश्यक उपचार मिल सके। इस प्रकार के बचाव अभियान दुर्गम क्षेत्रों में जीवन बचाने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होते हैं।
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भारतीय वायु सेना की त्वरित प्रतिक्रिया
भारतीय वायु सेना ऐसे आपातकालीन स्थितियों में त्वरित प्रतिक्रिया के लिए जानी जाती है। विशेष रूप से लद्दाख जैसे ऊंचाई वाले और दुर्गम पहाड़ी क्षेत्रों में, भारतीय वायु सेना की सेवाएं अमूल्य साबित होती हैं। यह बचाव अभियान एक बार फिर भारतीय वायु सेना की नागरिकों की सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता को उजागर करता है। वायु सेना के कर्मी दल हमेशा किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए तैयार रहते हैं।