Jammu: मंदिरों का शहर, मगर मैली हो रही सूर्यपुत्री, निगम के वाहन तवी में उड़ेल रहे कचरा, अफसरों को भनक नहीं
जम्मू के पीरखो क्षेत्र में नगर निगम के वाहनों द्वारा तवी नदी किनारे कचरा फेंके जाने से कूड़े का पहाड़ खड़ा हो गया है, जिससे पर्यावरण पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है।
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मंदिरों के शहर को साफ रखने के एवज में सूर्यपुत्री तवी नदी का मन मैला करने का मामला सामने आया है। घरों से निकला कचरा नगर निगम के वाहनों में लादकर सीधे नदी में उड़ेला जा रहा है। इसके चलते पीरखो इलाके में तवी का एक बड़ा हिस्सा डंपिंग यार्ड की तरह दिखने लगा है।
नगर निगम कार्यालय से कुछ ही दूरी पर तवी किनारे कूड़े के पहाड़ खड़े हो रहे हैं। हैरत है कि अधिकारियों को इसकी भनक तक नहीं। मौके पर हालात बेहद चिंताजनक हैं। यहां प्लास्टिक की थैलियों से लेकर निर्माण कार्य का मलबा और सड़ी-गली सामग्री का अंबार लगा है।
सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि जम्मू नगर निगम (जेएमसी) के अधिकारी इस गंभीर मामले से पूरी तरह अनजान बने हुए हैं। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि नगर निगम के वाहन ही चोरी-छिपे तड़के और देर रात शहर भर का कचरा यहां डाल रहे हैं।
प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए लोगों का कहना है कि जब नगर निगम कोट भलवाल में वर्षों पुराने कूड़े के ढेर को हटाने के दावे कर रहा है तो यहां तवी नदी के किनारे नया संकट क्यों खड़ा किया जा रहा है। ऐसे में स्वच्छ जम्मू का सपना कैसे साकार होगा? यह स्थिति न केवल पर्यावरण के लिए खतरा है बल्कि नदी के अस्तित्व पर भी एक बड़ा सवालिया निशान लगाती है।
एनजीटी के नियमों का उल्लंघन -अनमोल:
क्लाइमेट फ्रंट जम्मू के संस्थापक अनमोल ओहरी का कहना है कि नदी में ठोस कचरा डालने से जल प्रवाह बाधित होता है। इससे बरसात में बाढ़ का खतरा बढ़ सकता है। प्लास्टिक और अन्य अपशिष्ट जल प्रदूषण को बढ़ाते हैं। इससे जलीय जीवों और आसपास की जैव विविधता पर असर पड़ सकता है। यह एनजीटी के नियमों का उल्लंघन है।
खराब हो रही शहर की छवि, कार्रवाई की जाए
राजिंदर शर्मा ने बताया कि नगर निगम तवी को सुंदर बनाने की बात करता है लेकिन यहां रोज कचरा डाला जा रहा है। बरसात आई तो यही बाढ़ का कारण बनकर सामने आएगा। उन्होंने कहा कि तवी नदी जम्मू शहर ही नहीं जम्मू संभाग के लोगों की आस्था का प्रतीक है। ये पेयजल का प्रमुख स्रोत है।
पीरखो मंदिर के पुजारी योगी करन नाथ ने कहा कि मंदिर में रोजाना सैकड़ों श्रद्धालु आते हैं। इससे नदी किनारे गंदगी देखकर शहर की छवि खराब होती है। उन्होंने कहा कि तवी में कूड़ा फेंकने वालों को चिह्नित कर कार्रवाई करनी चाहिए। तवी को स्वच्छ तथा प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए अंतर विभागीय समन्वय से सघन अभियान चलाया जाना चाहिए।