जम्मू-कश्मीर: अनुच्छेद-370 हटने के बाद कल पहली बार कश्मीर दौरे पर आएंगे अमित शाह, अतिरिक्त अर्धसैनिक बल तैनात

अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Fri, 22 Oct 2021 05:57 PM IST

सार

अनुच्छेद 370 व 35ए हटने के बाद गृहमंत्री अमित शाह पहली बार प्रदेश के दौरे पर शनिवार को पहुंचेंगे। प्रदेश में चल रहे विकास कार्यों व प्रधानमंत्री विकास पैकेज के कार्यों की समीक्षा करेंगे। श्रीनगर से शारजाह के लिए विमान सेवा का शुभारंभ करने के साथ ही लाभार्थी सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। जम्मू के नगरोटा में आईआईटी के नए ब्लॉक का उद्घाटन और सभा को संबोधित करेंगे। शाह के दौरे को देखते हुए प्रदेश में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। चप्पे-चप्पे पर सुरक्षाबलों की तैनाती के साथ ही ड्रोन से निगरानी भी की जा रही है।
गृहमंत्री अमित शाह
गृहमंत्री अमित शाह - फोटो : ANI
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विस्तार

अनुच्छेद-370 व 35-ए हटने के बाद 23 अक्तूबर से शुरू हो रहे केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के पहले जम्मू-कश्मीर दौरे पर जम्मू और श्रीनगर में सुरक्षा के अभूतपूर्व प्रबंध किए गए हैं। चप्पे-चप्पे पर सुरक्षाबलों की तैनाती के साथ ही ड्रोन से भी निगरानी रखी जा रही है। दौरे के तहत शाह श्रीनगर से शारजाह के लिए विमान सेवा का शुभारंभ करेंगे। इसके साथ ही लाभार्थी सम्मेलन में विभिन्न केंद्रीय योजनाओं के लाभार्थियों व पंचायत प्रतिनिधियों से रूबरू होंगे। प्रदेश में टारगेट किलिंग की घटनाओं को लेकर उच्च स्तरीय सुरक्षा समीक्षा बैठक करने के साथ ही जम्मू में सभा को संबोधित करेंगे। जम्मू आईआईटी में नए ब्लॉक का उद्घाटन भी करेंगे।
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उच्च पदस्थ सूत्रों ने बताया कि 23 अक्तूबर को गृहमंत्री श्रीनगर पहुंचेंगे। यहां शाह एसकेआईसीसी में आयोजित लाभार्थी सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। केंद्रीय योजनाओं के लाभार्थियों और पंचायती प्रतिनिधियों से 370 हटने के बाद धरातल पर हो रहे विकास कार्यों का फीडबैक लेंगे। श्रीनगर में ही प्रदेश में चल रहे विकास कार्यों व प्रधानमंत्री विकास पैकेज के कार्यों की भी समीक्षा करेंगे। पर्यटन विकास से जुड़े प्रोजेक्ट पर भी चर्चा करेंगे। वहीं, विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक कर आंतरिक सुरक्षा, आतंकवाद निरोधक मोर्चे पर सुरक्षा बलों की रणनीति पर चर्चा करेंगे।

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सूत्रों के अनुसार 24 अक्तूबर को गृहमंत्री जम्मू में आईईटी में नए ब्लॉक का उद्घाटन करेंगे और भगवती नगर में आयोजित सभा को संबोधित करेंगे। यहां राजभवन में कुछ प्रतिनिधिमंडलों से मुलाकात का कार्यक्रम भी प्रस्तावित है।





दौरे में रात्रि विश्राम श्रीनगर में ही करेंगे
सूत्रों ने बताया कि अपने दौरे में वह रात्रि विश्राम श्रीनगर में ही करेंगे। जम्मू में सभा को संबोधित करने के बाद वे दोपहर बाद श्रीनगर लौट जाएंगे। श्रीनगर में विभिन्न प्रतिनिधिमंडलों से मुलाकात का भी कार्यक्रम प्रस्तावित है। इसमें राजनीतिक दलों के नुमाइंदों के साथ ही विभिन्न कारोबारी संगठनों और सिविल सोसाइटी के नुमाइंदे होंगे।

श्रीनगर में बुलवर्ड रोड पर 23 से 25 तक बंद रहेगा ट्रैफिक
केंद्रीय गृहमंत्री के दौरे को देखते हुए 23 से 25 अक्तूबर तक श्रीनगर में डल किनारे बुलवर्ड रोड पर बडयारी से निशात बाग और गुपकार रोड आम यात्रियों के लिए बंद रहेगा। पर्यटकों को ठहरने के स्थल के सत्यापन के बाद नेहरू पार्क तक जाने की अनुमति होगी। 

गृहमंत्री के दौरे से पहले श्रीनगर को दहलाने की साजिश

सूत्रों का कहना है कि गृहमंत्री अमित शाह के दौरे से पहले आतंकियों ने श्रीनगर को दहलाने की साजिश रची है। इसी के तहत आतंकी हमला कर लोगों में खौफ  पैदा करने चाहते थे, जिसे सुरक्षाबलों ने नाकाम कर दिया।

जम्मू-कश्मीर की शांति भंग नहीं होने देंगे : डीजीपी
जम्मू-कश्मीर की शांति किसी को भी भंग नहीं करने देंगे। आतंकियों का टारगेट किलिंग का मकसद सांप्रदायिक दरार पैदा करना है, जिसे पूरा नहीं होने दिया जाएगा। यह बात वीरवार को जम्मू-कश्मीर पुलिस के महानिदेशक दिलबाग सिंह ने श्रीनगर के जेवन स्थित पुलिस ट्रेनिंग सेंटर में पुलिस शहादत दिवस के मौके पर कार्यक्रम में कही। उन्होंने शहीद पुलिस कर्मियों को श्रद्धांजलि दी।
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डीजीपी ने कहा कि आतंकियों ने पाकिस्तान में बैठे अपने आकाओं के इशारों पर घाटी में नागरिकों और अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों की हत्याएं कर शांति भंग करने की कोशिश की है। पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने आतंकियों और उनके आकाओं के मंसूबों को विफल करने के लिए तेजी से कार्रवाई की है।

आतंकी साजिश का पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियां मुंहतोड़ जवाब देंगी

कहा कि ऐसे हमले रोजमर्रा की जिंदगी के ऊपर भी हमला हैं, जो लोग अपनी जिंदगी को बेहतर करना चाहते हैं, अपने बच्चों के भविष्य को संवारना चाहते हैं, वे आगे न बढ़ पाएं उसको रोकने की एक साजिश है। इस साजिश का न सिर्फ जम्मू-कश्मीर पुलिस बल्कि अन्य सुरक्षा एजेंसियां भी मुंहतोड़ जवाब देंगी।

डीजीपी ने यह भी कहा कि उन्हें फख्र है अपने जवानों पर, जिन्होंने देश के लिए अपनी जान न्योछावर की। साथ ही उन परिवारों और उनके हौसले पर भी फख्र है, जिन्होंने अपने प्रियजनों को खोया है। हम उनके साथ हमेशा खड़े रहेंगे। कहा कि पिछले एक साल में 377 पुलिस जवानों ने ड्यूटी के दौरान अपने प्राणों की आहुति दी है, इन्हें हम श्रद्धांजलि देते हैं। 
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