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जम्मू कश्मीर पंचायत चुनाव : महंगे हुए बैलेट बॉक्स, किराये पर लेने की तैयारी; हरियाणा-हिमाचल से मंगाने की चर्चा
राकेश शर्मा, जम्मू
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Thu, 28 May 2026 06:09 AM IST
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सार
चुनाव आयोग को 100 फीसदी मतदान के लिए छह करोड़ रुपये की जरूरत है। बीते आठ साल में बैलेट बॉक्स के दाम 30 से 50 फीसदी तक की बढ़ोतरी हुई है। 2018 से 2020 तक एक बैलेट बॉक्स की कीमत 1000 से 1200 रुपये के बीच थी जो अब बढ़कर 1500 रुपये प्रति बॉक्स हो गई है।
सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
पंचायत चुनाव में आपके कीमती वोट महंगे बैलेट बॉक्स में जाने वाले हैं। चुनाव आयोग को 100 फीसदी मतदान के लिए छह करोड़ रुपये की जरूरत है। बीते आठ साल में बैलेट बॉक्स के दाम 30 से 50 फीसदी तक की बढ़ोतरी हुई है। 2018 से 2020 तक एक बैलेट बॉक्स की कीमत 1000 से 1200 रुपये के बीच थी जो अब बढ़कर 1500 रुपये प्रति बॉक्स हो गई है।
प्रदेश को पंचायत चुनाव के लिए 40 हजार बैलेट बॉक्स की जरूरत है। आयोग अब इस घाटे से बचने के लिए बैलेट बॉक्स को किराये पर लेने की भी तैयारी में है। इस कड़ी में हरियाणा और हिमाचल सरकार से बातचीत चल रही है। हरियाणा से जम्मू-कश्मीर को 40 हजार बैलेट बॉक्स एकमुश्त मिल सकते हैं।
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चुनाव आयोग हरियाणा से रेलवे के माध्यम से बैलेट बॉक्स को जम्मू-कश्मीर मंगवाने और इसी मार्ग से उन्हें वापस भेजने पर विचार कर रहा है। हरियाणा या किसी दूसरे राज्य से बैलेट बॉक्स किराये पर लिए जाते हैं तो उसके एवज में चुनाव आयोग को उन्हें लाने और वापस भेजने के अलावा अन्य खर्च मिलाकर करीब एक करोड़ रुपये तक का भुगतान करना पड़ेगा और इससे पांच करोड़ रुपये तक की बचत हो जाएगी।
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बैलेट बॉक्स की खरीद की जाती है तो पंचायत चुनाव में एक बार इस्तेमाल के बाद अगले पांच साल के लिए यह बेकार हो जाएंगे। प्रदेश में केवल पंचायती राज चुनाव ही मतपत्रों से होते हैं। इन बैलेट बॉक्स को अगले पांच साल तक के लिए सुरक्षित रखने पर अलग से धनराशि खर्च करनी होगी। इन्हें तहसील स्तर पर रखा जाता है तो उसके लिए कमरे की जरूरत पड़ेगी। चुनाव आयोग इस समय इन सभी सुझावों पर विचार कर रहा है।
उपचुनाव हुए तो काम आएंगे 30 हजार बॉक्स
चुनाव आयोग किराये पर बैलेट बॉक्स लेता है तो तय अवधि में इन्हें लौटाना होगा। इसके बाद प्रदेश में पंचायतों में पंच, सरपंच, बीडीसी या डीडीसी के उपचुनाव होते हैं तो बैलेट बॉक्स की जरूरत 30 हजार बैलेट बॉक्स से पूरी होगी। आयोग के पास इस समय 30 हजार बैलेट बॉक्स अपने हैं और इनसे पंचायतों में उपचुनाव आसानी से करवाए जा सकते हैं।
प्रदेश हित में सही फैसला लेगा आयोग
चुनाव आयोग के पास 30 हजार बैलेट बॉक्स हैं। यदि पंच, सरपंच, बीडीसी और डीडीसी के चुनाव अलग-अलग हों तो बड़ी खरीद की जरूरत नहीं है।लेकिन एक साथ चुनाव करवाने के लिए 70 हजार बैलेट बॉक्स की जरूरत पड़ेगी। अब यह किराये पर लिए जाएंगे या फिर खरीद होगी, इस पर विचार चल रहा है। जो भी स्थिति प्रदेश हित में सही होगी, उसे देखते हुए कदम उठाए जाएंगे।
-शांतमनु, चुनाव आयुक्त, जम्मू-कश्मीर