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Jammu News: जिया पोता में गूंजा डोगरा गौरव, महाराजा गुलाब सिंह का राजतिलक दिवस श्रद्धा के साथ मनाया
संवाद न्यूज एजेंसी, जम्मू
Updated Thu, 18 Jun 2026 01:53 AM IST
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महाराज गुलाब सिंह जी के राजतिलक समारोह के उपलक्ष्य पर श्रधांजलि देते विधायक मोहन लाल व अन्य। लो
- फोटो : samvad
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अनुशासन, समर्पण और नेतृत्व के प्रतीक थे महाराजा गुलाब सिंह : मोहन लाल भगत
संवाद न्यूज एजेंसी
अखनूर। जम्मू-कश्मीर के संस्थापक महाराजा गुलाब सिंह के 204वें राजतिलक दिवस पर बुधवार को अखनूर के ऐतिहासिक जिया पोता घाट पर भव्य समारोह आयोजित किया गया। चिनाब नदी के तट पर आयोजित इस कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों, सामाजिक संगठनों के पदाधिकारियों और नागरिकों ने भाग लेकर महाराजा गुलाब सिंह को श्रद्धासुमन अर्पित किए।
गौरतलब है कि 17 जून 1822 को पंजाब के महाराजा रणजीत सिंह ने इसी ऐतिहासिक जिया पोता स्थल पर राजा गुलाब सिंह का राजतिलक किया था। इसी ऐतिहासिक घटना की स्मृति में प्रतिवर्ष यहां राजतिलक दिवस मनाया जाता है। राजतिलक समारोह समिति अखनूर के अध्यक्ष केपी सिंह की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में अखनूर विधायक मोहन लाल भगत और विशिष्ट अतिथि के रूप में नगरोटा विधायक देवयानी राणा उपस्थित रहीं।
इसके अलावा युवा राजपूत सभा के अध्यक्ष मंदीप सिंह, ब्रिगेडियर धीमान, कर्नल कर्ण सिंह, प्रधान डोगरा सदर सभा, पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष दीपेश सिंह, पूर्व पार्षद राकेश मल्होत्रा, राजपूत सभा अखनूर के प्रधान कुलवंत सिंह, जिला गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी के संयुक्त सचिव रणवीर सिंह, सिविल सोसाइटी अध्यक्ष शिव महाजन सहित गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। विधायक मोहन लाल भगत ने कहा कि महाराजा गुलाब सिंह एक दूरदर्शी शासक, कुशल प्रशासक और अद्वितीय राष्ट्र निर्माता थे। उन्होंने जम्मू-कश्मीर राज्य को एक मजबूत पहचान प्रदान की और राजतिलक के बाद राज्य की सीमाओं का विस्तार गिलगित-बाल्टिस्तान तथा तिब्बत तक पहुंचाया।
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उन्होंने कहा कि आज की पीढ़ी को महाराजा गुलाब सिंह के जीवन से प्रेरणा लेने की आवश्यकता है। उनका अनुशासन, समर्पण, नेतृत्व क्षमता और राष्ट्र के प्रति निष्ठा सभी के लिए अनुकरणीय है। उन्होंने कहा कि जिया पोता जैसे ऐतिहासिक स्थलों के संरक्षण एवं विकास के लिए सरकार विशेष योजनाओं पर कार्य कर रही है ताकि आने वाली पीढ़ियां अपने गौरवशाली इतिहास से जुड़ सकें।
नगरोटा विधायक देवयानी राणा ने महाराजा गुलाब सिंह के जीवन और उनके ऐतिहासिक योगदान पर प्रकाश डाला। उन्हाेंने कहा कि उन्होंने समाज और राज्य के हित में कई दूरगामी एवं महत्वपूर्ण निर्णय लिए, जिनका प्रभाव आज भी दिखाई देता है। उन्होंने महाराजा को श्रद्धांजलि अर्पित कर उनके आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया। वक्ताओं ने कहा कि जिया पोता केवल एक ऐतिहासिक स्थल नहीं, बल्कि जम्मू-कश्मीर की विरासत, स्वाभिमान और गौरव का प्रतीक है। कार्यक्रम के दौरान महाराजा रणजीत सिंह द्वारा महाराजा गुलाब सिंह को राजतिलक करते हुए चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की गई। पूरे समारोह में डोगरा इतिहास, संस्कृति और गौरव की झलक देखने को मिली। अंत में आयोजकों ने सभी अतिथियों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया।
संवाद न्यूज एजेंसी
अखनूर। जम्मू-कश्मीर के संस्थापक महाराजा गुलाब सिंह के 204वें राजतिलक दिवस पर बुधवार को अखनूर के ऐतिहासिक जिया पोता घाट पर भव्य समारोह आयोजित किया गया। चिनाब नदी के तट पर आयोजित इस कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों, सामाजिक संगठनों के पदाधिकारियों और नागरिकों ने भाग लेकर महाराजा गुलाब सिंह को श्रद्धासुमन अर्पित किए।
गौरतलब है कि 17 जून 1822 को पंजाब के महाराजा रणजीत सिंह ने इसी ऐतिहासिक जिया पोता स्थल पर राजा गुलाब सिंह का राजतिलक किया था। इसी ऐतिहासिक घटना की स्मृति में प्रतिवर्ष यहां राजतिलक दिवस मनाया जाता है। राजतिलक समारोह समिति अखनूर के अध्यक्ष केपी सिंह की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में अखनूर विधायक मोहन लाल भगत और विशिष्ट अतिथि के रूप में नगरोटा विधायक देवयानी राणा उपस्थित रहीं।
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इसके अलावा युवा राजपूत सभा के अध्यक्ष मंदीप सिंह, ब्रिगेडियर धीमान, कर्नल कर्ण सिंह, प्रधान डोगरा सदर सभा, पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष दीपेश सिंह, पूर्व पार्षद राकेश मल्होत्रा, राजपूत सभा अखनूर के प्रधान कुलवंत सिंह, जिला गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी के संयुक्त सचिव रणवीर सिंह, सिविल सोसाइटी अध्यक्ष शिव महाजन सहित गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। विधायक मोहन लाल भगत ने कहा कि महाराजा गुलाब सिंह एक दूरदर्शी शासक, कुशल प्रशासक और अद्वितीय राष्ट्र निर्माता थे। उन्होंने जम्मू-कश्मीर राज्य को एक मजबूत पहचान प्रदान की और राजतिलक के बाद राज्य की सीमाओं का विस्तार गिलगित-बाल्टिस्तान तथा तिब्बत तक पहुंचाया।
उन्होंने कहा कि आज की पीढ़ी को महाराजा गुलाब सिंह के जीवन से प्रेरणा लेने की आवश्यकता है। उनका अनुशासन, समर्पण, नेतृत्व क्षमता और राष्ट्र के प्रति निष्ठा सभी के लिए अनुकरणीय है। उन्होंने कहा कि जिया पोता जैसे ऐतिहासिक स्थलों के संरक्षण एवं विकास के लिए सरकार विशेष योजनाओं पर कार्य कर रही है ताकि आने वाली पीढ़ियां अपने गौरवशाली इतिहास से जुड़ सकें।
नगरोटा विधायक देवयानी राणा ने महाराजा गुलाब सिंह के जीवन और उनके ऐतिहासिक योगदान पर प्रकाश डाला। उन्हाेंने कहा कि उन्होंने समाज और राज्य के हित में कई दूरगामी एवं महत्वपूर्ण निर्णय लिए, जिनका प्रभाव आज भी दिखाई देता है। उन्होंने महाराजा को श्रद्धांजलि अर्पित कर उनके आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया। वक्ताओं ने कहा कि जिया पोता केवल एक ऐतिहासिक स्थल नहीं, बल्कि जम्मू-कश्मीर की विरासत, स्वाभिमान और गौरव का प्रतीक है। कार्यक्रम के दौरान महाराजा रणजीत सिंह द्वारा महाराजा गुलाब सिंह को राजतिलक करते हुए चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की गई। पूरे समारोह में डोगरा इतिहास, संस्कृति और गौरव की झलक देखने को मिली। अंत में आयोजकों ने सभी अतिथियों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया।