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Jammu News: करोड़ों खर्च, फिर भी सूखे नल
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जल जीवन मिशन की हकीकत पर सवाल, जतवाल के लोग बूंद-बूंद पानी को तरसे
ट्यूबवेल की मोटर जल जाने से बढ़ी समस्या, विभाग की अनदेखी से लोग परेशान
संवाद न्यूज एजेंसी
सांबा। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी जल जीवन मिशन योजना के तहत सांबा जिले के जतवाल गांव में करीब 4.95 करोड़ रुपये खर्चकर पेयजल व्यवस्था को सुदृढ़ किया गया। योजना के तहत, गांव में एक स्थान पर तीन ओवरहेड टैंक बनाए गए। इससे पानी भंडारण क्षमता 20 हजार गैलन से बढ़ाकर 80 हजार गैलन कर दी गई। वहीं, एक ट्यूबवेल की जगह तीन ट्यूबवेल स्थापित किए गए। इतना कुछ करने के बाद भी हाल यह है कि लोग दो बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं।
स्थानीय निवासी महिला रेनू शर्मा, विमला देवी, कांता देवी, राम कृष्ण, सेठी कुमार आदि ने कहा कि करोड़ों रुपये की इस परियोजना के बावजूद गांव के लोगों को आज भी नियमित पेयजल उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि नलों में पानी सप्ताह में केवल एक दिन आता है और पिछले कई दिनों से वह भी बंद है। ट्यूबवेल की मोटर जल जाने से पानी की आपूर्ति ठप है। ऐसे में लोग पीने और घरेलू उपयोग के लिए दाम चुका कर पानी ले रहे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि सरकार की ओर से हर घर जल का सपना दिखाया गया था, लेकिन जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल अलग है। लोगों के अनुसार, जब करोड़ों रुपये खर्च होने के बाद भी पानी नियमित नहीं मिल रहा है तो योजना के क्रियान्वयन और रखरखाव पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं। उनके अनुसार, ब्लॉक दिवस के दौरान भी उन्होंने अपनी समस्या को डीसी के समक्ष उठाया था।
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गांव के लोगों ने प्रशासन और जल शक्ति विभाग से मांग की है कि परियोजना की तकनीकी स्थिति की जांच कराई जाए और यह स्पष्ट किया जाए कि पर्याप्त संसाधन उपलब्ध होने के बावजूद जलापूर्ति बाधित क्यों है। ग्रामीणों ने दोषी अधिकारियों और ठेकेदारों की जवाबदेही तय करने तथा नियमित पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने की भी मांग की है। जतवाल के ग्रामीणों का कहना है कि विकास के दावे तभी सार्थक होंगे, जब करोड़ों रुपये की योजनाओं का लाभ वास्तव में आम लोगों तक पहुंचे और उन्हें रोजाना स्वच्छ पेयजल उपलब्ध हो।
वर्जन
विभाग की ओर से पानी की आपूर्ति को सुचारू बनाने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। लोगों को एक दिन छोड़कर पानी की आपूर्ति की जा रही है। - फारुख मलिक, एइई, जल शक्ति विभाग, सांबा
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ट्यूबवेल की मोटर जल जाने से बढ़ी समस्या, विभाग की अनदेखी से लोग परेशान
संवाद न्यूज एजेंसी
सांबा। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी जल जीवन मिशन योजना के तहत सांबा जिले के जतवाल गांव में करीब 4.95 करोड़ रुपये खर्चकर पेयजल व्यवस्था को सुदृढ़ किया गया। योजना के तहत, गांव में एक स्थान पर तीन ओवरहेड टैंक बनाए गए। इससे पानी भंडारण क्षमता 20 हजार गैलन से बढ़ाकर 80 हजार गैलन कर दी गई। वहीं, एक ट्यूबवेल की जगह तीन ट्यूबवेल स्थापित किए गए। इतना कुछ करने के बाद भी हाल यह है कि लोग दो बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं।
स्थानीय निवासी महिला रेनू शर्मा, विमला देवी, कांता देवी, राम कृष्ण, सेठी कुमार आदि ने कहा कि करोड़ों रुपये की इस परियोजना के बावजूद गांव के लोगों को आज भी नियमित पेयजल उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि नलों में पानी सप्ताह में केवल एक दिन आता है और पिछले कई दिनों से वह भी बंद है। ट्यूबवेल की मोटर जल जाने से पानी की आपूर्ति ठप है। ऐसे में लोग पीने और घरेलू उपयोग के लिए दाम चुका कर पानी ले रहे हैं।
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ग्रामीणों का कहना है कि सरकार की ओर से हर घर जल का सपना दिखाया गया था, लेकिन जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल अलग है। लोगों के अनुसार, जब करोड़ों रुपये खर्च होने के बाद भी पानी नियमित नहीं मिल रहा है तो योजना के क्रियान्वयन और रखरखाव पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं। उनके अनुसार, ब्लॉक दिवस के दौरान भी उन्होंने अपनी समस्या को डीसी के समक्ष उठाया था।
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गांव के लोगों ने प्रशासन और जल शक्ति विभाग से मांग की है कि परियोजना की तकनीकी स्थिति की जांच कराई जाए और यह स्पष्ट किया जाए कि पर्याप्त संसाधन उपलब्ध होने के बावजूद जलापूर्ति बाधित क्यों है। ग्रामीणों ने दोषी अधिकारियों और ठेकेदारों की जवाबदेही तय करने तथा नियमित पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने की भी मांग की है। जतवाल के ग्रामीणों का कहना है कि विकास के दावे तभी सार्थक होंगे, जब करोड़ों रुपये की योजनाओं का लाभ वास्तव में आम लोगों तक पहुंचे और उन्हें रोजाना स्वच्छ पेयजल उपलब्ध हो।
वर्जन
विभाग की ओर से पानी की आपूर्ति को सुचारू बनाने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। लोगों को एक दिन छोड़कर पानी की आपूर्ति की जा रही है। - फारुख मलिक, एइई, जल शक्ति विभाग, सांबा