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जाट बिरादरी को अपने हकों के लिए संघर्ष करने का समय आ चुका है : चौधरी
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जाट बिरादरी के सम्मेलन में मौजूद नेता व अन्य।
- फोटो : rs pura news
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आरएस पुरा। गांव खाना चक स्थित पैलेस में रविवार को विशाल जाट सम्मेलन का आयोजन किया गया। इसमें बिरादरी के उत्थान तथा विकास को लेकर चर्चा की गई। जाट बिरादरी के प्रमुख नेता सुरेंद्र पाल सिंह की अध्यक्षता में सम्मेलन का आयोजन हुआ। इस दौरान जाट नेता शमशेर चौधरी मुख्य तौर पर उपस्थित रहे। उन्होंने कहा कि बिरादरी के लोगों को एकजुट होकर अपने हकों के लिए संघर्ष करने का समय आ चुका है। इसके अलावा जिला जम्मू के साथ-साथ जिला सांबा, कठुआ, उधमपुर सहित अन्य जिलों से आए हुए बिरादरी के सदस्यों ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया। इससे पहले जाट बिरादरी के लोगों की तरफ से एक विशाल रैली निकाल कर जाट नेता शमशेर चौधरी का स्वागत किया गया।
सम्मेलन की शुरूआत जाट बिरादरी के पूर्व सरपंचों, पंचों के अलावा उच्च पदों पर पहुंचने वाले लोगों को सम्मानित करने के साथ हुई। इस मौके पर जाट सम्मेलन को संबोधित करते हुए शमशेर चौधरी ने कहा कि आजादी के कई वर्ष बीत जाने के बावजूद भी जाट बिरादरी पिछड़ी हुई है। इसके लिए बिरादरी के कुछ लोग ही जिम्मेदार हैं क्योंकि उन्होंने बिरादरी की मांगों को बेहतर तरीके के साथ सरकार के समक्ष नहीं रखा। चौधरी ने इस मौके पर मांग करते हुए कहा कि जाट समाज जम्मू कश्मीर के चुनाव जल्द से जल्द होने चाहिए और गैर राजनीतिक लोगों को इन चुनाव में उतरने का मौका मिलना चाहिए।
उन्होंने साफ किया कि अगर उन्हें बिरादरी की बागडोर संभालने का मौका मिलता है तो सबसे पहले उनका लक्ष्य होगा कि जम्मू में एक जाट भवन का निर्माण हो। इसके बाद धन्ना जाट के मंदिर का निर्माण कार्य किया जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि बिरादरी के विद्यार्थियों के लिए अलग से स्कूल खोला जाएगा तथा एक जाट हॉस्टल विद्यार्थियों के लिए बनाया जाएगा। इस दौरान पूर्व जिला विकास परिषद सदस्य अनीता चौधरी, प्रदीप चौधरी, पूर्व सरपंच बचन लाल, पूर्व सरपंच जसवीर सिंह समोत्रा, पूर्व सरपंच दर्शन चौधरी, पूर्व सरपंच ओंकार सिंह सहित अन्य लोगों ने भी विचार रखते हुए सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले जाट बिरादरी के लोगों को आ रही समस्याओं पर प्रकाश डाला और कहा कि गोलाबारी के कारण हमेशा ही बिरादरी को नुकसान उठाना पड़ता है।
उन्होंने कहा कि गोलाबारी होने पर लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है क्योंकि सुरक्षित जगह पर ऐसा कोई भवन नहीं है जहां पर लोग शरण ले सकें। इस मौके पर सुरेंद्र पाल सिंह ने कहा कि आने वाले दिनों में भी इस तरह के जाट सम्मेलन आयोजित किए जाएंगे और बिरादरी को एकजुट किया जाएगा।
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सम्मेलन की शुरूआत जाट बिरादरी के पूर्व सरपंचों, पंचों के अलावा उच्च पदों पर पहुंचने वाले लोगों को सम्मानित करने के साथ हुई। इस मौके पर जाट सम्मेलन को संबोधित करते हुए शमशेर चौधरी ने कहा कि आजादी के कई वर्ष बीत जाने के बावजूद भी जाट बिरादरी पिछड़ी हुई है। इसके लिए बिरादरी के कुछ लोग ही जिम्मेदार हैं क्योंकि उन्होंने बिरादरी की मांगों को बेहतर तरीके के साथ सरकार के समक्ष नहीं रखा। चौधरी ने इस मौके पर मांग करते हुए कहा कि जाट समाज जम्मू कश्मीर के चुनाव जल्द से जल्द होने चाहिए और गैर राजनीतिक लोगों को इन चुनाव में उतरने का मौका मिलना चाहिए।
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उन्होंने साफ किया कि अगर उन्हें बिरादरी की बागडोर संभालने का मौका मिलता है तो सबसे पहले उनका लक्ष्य होगा कि जम्मू में एक जाट भवन का निर्माण हो। इसके बाद धन्ना जाट के मंदिर का निर्माण कार्य किया जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि बिरादरी के विद्यार्थियों के लिए अलग से स्कूल खोला जाएगा तथा एक जाट हॉस्टल विद्यार्थियों के लिए बनाया जाएगा। इस दौरान पूर्व जिला विकास परिषद सदस्य अनीता चौधरी, प्रदीप चौधरी, पूर्व सरपंच बचन लाल, पूर्व सरपंच जसवीर सिंह समोत्रा, पूर्व सरपंच दर्शन चौधरी, पूर्व सरपंच ओंकार सिंह सहित अन्य लोगों ने भी विचार रखते हुए सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले जाट बिरादरी के लोगों को आ रही समस्याओं पर प्रकाश डाला और कहा कि गोलाबारी के कारण हमेशा ही बिरादरी को नुकसान उठाना पड़ता है।
उन्होंने कहा कि गोलाबारी होने पर लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है क्योंकि सुरक्षित जगह पर ऐसा कोई भवन नहीं है जहां पर लोग शरण ले सकें। इस मौके पर सुरेंद्र पाल सिंह ने कहा कि आने वाले दिनों में भी इस तरह के जाट सम्मेलन आयोजित किए जाएंगे और बिरादरी को एकजुट किया जाएगा।