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Jammu News: सरकारी राशन के लिए ग्रामीणों को करना पड़ता है 14 किमी तक पैदल सफर
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पुरमंडल। ब्लॉक के अंतर्गत आने वाले कई गांवों में सरकारी राशन वितरण व्यवस्था बदहाल बनी हुई है। पाडल, राजुल, डिगेड के लोगों का आरोप है कि उन्हें सरकारी राशन प्राप्त करने के लिए 14 किलोमीटर तक पैदल सफर करना पड़ता है। इस लंबी दूरी के कारण राशन लाना ग्रामीणों के लिए एक बड़ी समस्या बन गया है। खासकर बुजुर्गों, महिलाओं और स्कूली बच्चों को इसका सबसे अधिक खमियाजा भुगतना पड़ रहा है।
ग्रामीणों ने बताया कि राशन लेने के लिए सुबह घर से निकलना पड़ता है और पूरा दिन इसी में खर्च हो जाता है। कई बार लंबी कतारों और समय की कमी के कारण खाली हाथ लौटना पड़ता है। उनका कहना है कि मुफ्त मिलने वाला सरकारी राशन भी उन्हें अतिरिक्त खर्च, मेहनत और समय लगाने के बाद ही मिल पाता है।
स्थानीय निवासियों के अनुसार कई गांवों में राशन डिपो नहीं होने के कारण उन्हें दूर स्थित डिपो पर निर्भर रहना पड़ता है। रास्ते कठिन होने और परिवहन सुविधा न होने से महिलाओं और बुजुर्गों के लिए राशन ढोना बेहद मुश्किल हो जाता है। कई परिवारों को बच्चों को स्कूल से छुट्टी दिलाकर राशन लाने भेजना पड़ता है, जिससे उनकी पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है।
ग्रामीणों ने मांग करते हुए कहा कि पुरमंडल क्षेत्र के पचौली, दियोंन, फड़याली, करतीन तालेड, राजुल, पाड़ल, डेगेड, खोड़ी खड़, कथार आदि गांवों के लिए राशन डिपो खोला जाना चाहिए। लोगों ने मांग की है कि या तो इन गांवों के लिया स्थायी राशन डिपो खोले जाएं या फिर महीने में कम से कम एक दिन गांव में राशन वितरण की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
ग्रामीणों ने खाद्य आपूर्ति विभाग और जिला प्रशासन से जल्द से जल्द इस समस्या का समाधान करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि प्रशासन ने समय रहते इस गंभीर समस्या पर ध्यान नहीं दिया तो उन्हें मजबूरन आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ेगा।
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ग्रामीणों ने बताया कि राशन लेने के लिए सुबह घर से निकलना पड़ता है और पूरा दिन इसी में खर्च हो जाता है। कई बार लंबी कतारों और समय की कमी के कारण खाली हाथ लौटना पड़ता है। उनका कहना है कि मुफ्त मिलने वाला सरकारी राशन भी उन्हें अतिरिक्त खर्च, मेहनत और समय लगाने के बाद ही मिल पाता है।
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स्थानीय निवासियों के अनुसार कई गांवों में राशन डिपो नहीं होने के कारण उन्हें दूर स्थित डिपो पर निर्भर रहना पड़ता है। रास्ते कठिन होने और परिवहन सुविधा न होने से महिलाओं और बुजुर्गों के लिए राशन ढोना बेहद मुश्किल हो जाता है। कई परिवारों को बच्चों को स्कूल से छुट्टी दिलाकर राशन लाने भेजना पड़ता है, जिससे उनकी पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है।
ग्रामीणों ने मांग करते हुए कहा कि पुरमंडल क्षेत्र के पचौली, दियोंन, फड़याली, करतीन तालेड, राजुल, पाड़ल, डेगेड, खोड़ी खड़, कथार आदि गांवों के लिए राशन डिपो खोला जाना चाहिए। लोगों ने मांग की है कि या तो इन गांवों के लिया स्थायी राशन डिपो खोले जाएं या फिर महीने में कम से कम एक दिन गांव में राशन वितरण की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
ग्रामीणों ने खाद्य आपूर्ति विभाग और जिला प्रशासन से जल्द से जल्द इस समस्या का समाधान करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि प्रशासन ने समय रहते इस गंभीर समस्या पर ध्यान नहीं दिया तो उन्हें मजबूरन आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ेगा।