एसआईटी खुलासा: बारातियों की भीड़ में छिपकर दूसरे रास्ते से पैलेस में घुसा था कमल, जानबूझकर कर ले गया पिस्तौल
पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. फारूक अब्दुल्ला पर हमला करने वाला आरोपी कमल सिंह जम्वाल बारातियों की भीड़ की आड़ में मेटल डिटेक्टर से बचकर समारोह स्थल में घुसा। एसआईटी की जांच में सामने आया कि उसने पिस्तौल लेकर वीवीआईपी सुरक्षा का फायदा उठाया और हमला करने की योजना बनाई थी।
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जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और नेकां प्रमुख डॉ. फारूक अब्दुल्ला पर गोली चलाने वाला आरोपी कमल सिंह जम्वाल बारातियों की भीड़ की आड़ में पैलेस के अंदर दूसरे रास्ते से घुसा था। उसने मेटल डिटेक्टर से बचने के लिए अन्य रास्ता चुना ताकि पिस्तौल के साथ पकड़ा न जाए। यह खुलासा आरोपी ने विशेष जांच टीम (एसआईटी) की पूछताछ में किया है।
वहीं एसआईटी ने आरोपी के पिस्तौल का लाइसेंस निरस्त करने की सिफारिश की। एसआईटी के अनुसार आरोपी ने बताया कि उसे यह जानकारी नहीं थी कि समारोह में डॉ. फारूक भी आने वाले हैं। इसके बावजूद उसने समारोह में जाते समय पिस्तौल साथ ली थी। एसआईटी जांच कर रही है कि यदि फारूक के समारोह में आने का उसे पहले से पता नहीं था तो वह समारोह में पिस्तौल लेकर क्यों आया।
डॉ.फारूक वहां पहुंचे तो कमल ने हमला करने का फैसला लिया। इस कोशिश में वह काफी हद तक सफल भी हो गया था। डीआईजी जम्मू, सांबा-कठुआ रेंज शिवकुमार शर्मा की अध्यक्षता में आरोपी कमल सिंह से पूछताछ कर रही एसआईटी इस सुरक्षा चूक की जांच कर रही है। टीम इस बात का पता लगा रही है कि कहीं उसे डॉ. फारूक के आने की पहले से जानकारी तो नहीं थी। आरोपी ने एसआईटी को बताया कि दुल्हन के पिता नेशनल कॉन्फ्रेंस के सदस्य हैं। ऐसे में उसे पता था समारोह में वीवीआईपी आएंगे।
डॉ. फारूक के समारोह स्थल पर पहुंचने के बाद आरोपी उनके आसपास भी नहीं गया ताकि उनके सुरक्षाकर्मियों को उस पर किसी तरह का संदेह न हो। उनके आयोजन स्थल पर रहने तक इंतजार किया और वापस जाते समय मौका देखकर फायर का प्रयास किया।
आरोपी ने पूछताछ में बताया है कि वह सुरक्षा जांच से बचकर आयोजन स्थल पर पहुंचा था। प्रवेश द्वार पर मेटल डिटेक्टर लगा था। उसकी पकड़ में न आए इसलिए उसने वीवीआईपी रूट छोड़कर भीड़ में शामिल होकर अंदर प्रवेश किया।
हर पहलू से जांच के आदेश
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए शुक्रवार देर रात आईजीपी व डीआईजी गंग्याल थाने पहुंचे थे। आरोपी से पूछताछ कर जानकारी ली। एआईटी में शामिल अधिकारियों को हर संभावित पहलू से जांच करने का आदेश दिया है।
एसआईटी ने आरोपी का मोबाइल फोन किया बरामद
एसआईटी की टीम को आरोपी का मोबाइल फोन भी मिल गया है। इसे उसने समारोह में वारदात से पहले ही अपनी पत्नी को दिया था। एसआईटी अब मोबाइल फोन की जांच कर रही है। आरोपी के पुराने रिकॉर्ड, देश और विदेश में सफर, उसका उद्देश्य सहित अन्य जानकारियां जुटा रही है। आरोपी ने बताया है कि दुकानों से किराये के रूप में उसे 50 हजार रुपये महीना आता है जो आय का मुख्य स्रोत है। आरोपी पैंथर्स पार्टी का सदस्य रहा है। हालांकि किसी धार्मिक संगठन से उसके जुड़े होने की पुष्टि नहीं हुई है।
आरोपी को कल दोबारा न्यायालय में पेश किया जाएगा
आरोपी कमल सिंह पांच दिन की पुलिस रिमांड पर है। सोमवार को उसे दोबारा न्यायालय में पेश किया जाएगा। मामले की जांच कर रही एसआईटी न्यायालय से पूछताछ के लिए कुछ और समय मांग सकती है। न्यायालय के आदेश के पर आरोपी की प्रतिदिन मेडिकल जांच करवाई जा रही है जिसका रिकॉर्ड अगली पेशी के दौरान न्यायालय के समक्ष रखा जाएगा।