जम्मू और कश्मीर में भूकंप के झटके: किश्तवाड़ में 3.1 तीव्रता से हिली धरती, पांच किलोमीटर दर्ज की गई गहराई
जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में 3.1 तीव्रता का हल्का भूकंप आया है। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (NCS) के अनुसार, यह भूकंप सोमवार रात 11:56 बजे आया और इसका केंद्र जमीन से 5 किलोमीटर की गहराई पर था।
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जम्मू और कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में 3.1 तीव्रता का हल्का भूकंप आया। अधिकारियों ने बताया कि सोमवार रात 11:56 बजे यह भूकंप महसूस किया गया।
नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (एनसीएस) के अनुसार, भूकंप सोमवार रात 11:56 बजे आया था। इसकी गहराई पांच किलोमीटर दर्ज की गई। भूकंप का केंद्र किश्तवाड़ जिले में स्थित था। यह अक्षांश 33.292 डिग्री उत्तर और देशांतर 75.892 डिग्री पूर्व पर था।
केंद्र शासित प्रदेश में जान-माल के नुकसान की कोई रिपोर्ट नहीं मिली है। रिपोर्ट दाखिल होने तक किसी भी संपत्ति के नुकसान की सूचना नहीं थी। अधिकारियों ने बताया कि भूकंप के झटके हल्के थे।
पृथ्वी के अंदर 7 प्लेट्स हैं, जो लगातार घूमती रहती हैं। जहां ये प्लेट्स ज्यादा टकराती हैं, वह जोन फॉल्ट लाइन कहलाता है। बार-बार टकराने से प्लेट्स के कोने मुड़ते हैं। जब ज्यादा दबाव बनता है तो प्लेट्स टूटने लगती हैं। नीचे की ऊर्जा बाहर आने का रास्ता खोजती हैं और डिस्टर्बेंस के बाद भूकंप आता है।
भूकंप का केंद्र उस स्थान को कहते हैं जिसके ठीक नीचे प्लेटों में हलचल से भूगर्भीय ऊर्जा निकलती है। इस स्थान पर भूकंप का कंपन ज्यादा होता है। कंपन की आवृत्ति ज्यों-ज्यों दूर होती जाती हैं, इसका प्रभाव कम होता जाता है। फिर भी यदि रिक्टर स्केल पर 7 या इससे अधिक की तीव्रता वाला भूकंप है तो आसपास के 40 किमी के दायरे में झटका तेज होता है। लेकिन यह इस बात पर भी निर्भर करता है कि भूकंपीय आवृत्ति ऊपर की तरफ है या दायरे में। यदि कंपन की आवृत्ति ऊपर को है तो कम क्षेत्र प्रभावित होगा।
भूंकप की जांच रिक्टर स्केल से होती है। इसे रिक्टर मैग्नीट्यूड टेस्ट स्केल कहा जाता है। रिक्टर स्केल पर भूकंप को 1 से 9 तक के आधार पर मापा जाता है। भूकंप को इसके केंद्र यानी एपीसेंटर से मापा जाता है। भूकंप के दौरान धरती के भीतर से जो ऊर्जा निकलती है, उसकी तीव्रता को इससे मापा जाता है। इसी तीव्रता से भूकंप के झटके की भयावहता का अंदाजा होता है।