Jammu Kashmir: दो बड़े कैबिनेट फैसलों पर अटका पेंच, केंद्र से जवाब के लिए दिल्ली जाएगी उमर सरकार
जम्मू-कश्मीर सरकार सामान्य वर्ग के आरक्षण और बिजनेस रूल्स से जुड़े दो अहम कैबिनेट फैसलों पर केंद्र की मंजूरी में हो रही देरी का मुद्दा केंद्रीय गृह मंत्रालय के सामने उठाएगी। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला जल्द दिल्ली जाकर गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात कर इन दोनों लंबित प्रस्तावों पर जल्द निर्णय की मांग करेंगे।
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जम्मू-कश्मीर सरकार कैबिनेट के दो अहम फैसलों पर केंद्र सरकार की ओर से लंबे समय से हो रही देरी का मामला अब केंद्रीय गृह मंत्रालय के समक्ष उठाएगी। इन फैसलों में सामान्य वर्ग का आरक्षण और बिजनेस रूल्स से जुड़े प्रस्ताव शामिल हैं।
कैबिनेट की मंजूरी मिलने के बाद इन दोनों मामलों पर लोकभवन और केंद्र सरकार की ओर से अब तक कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा है कि राज्य सरकार जल्द ही दिल्ली जाकर केंद्रीय गृह मंत्री अमितशाह के सामने इन दोनों मामलों को रखेगी।
बिजनेस रूल्स के मामले में प्रदेश सरकार ने पहले जो प्रस्ताव कैबिनेट से पारित कराया था उसे केंद्र सरकार ने कुछ आपत्तियों के साथ वापस भेज दिया था। इसके बाद सरकार ने जरूरी संशोधन करके प्रस्ताव दोबारा तैयार किया और इसे उपराज्यपाल के माध्यम से केंद्र को भेज दिया। इसके बावजूद अब तक इस पर कोई अंतिम निर्णय नहीं हो पाया है। ज्ञात हो कि बिजनेस रूल्स के जरिये प्रदेश सरकार ने अपने अधिकारों और कामकाज की सीमा तय की है।
सामान्य वर्ग के आरक्षण का मामला भी केंद्र सरकार के स्तर पर लंबित है। इस आरक्षण का प्रारूप तैयार करने के लिए सरकार ने स्वास्थ्य मंत्री सकीना इत्तू की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया था। समिति की रिपोर्ट को कैबिनेट की मंजूरी मिलने के बाद प्रस्ताव उपराज्यपाल को भेजा गया था। रिपोर्ट पर कुछ आपत्तियां दर्ज होने के कारण इसे प्रदेश सरकार को वापस लौटा दिया गया। इसके बाद सरकार आवश्यक संशोधन करके रिपोर्ट दोबारा लोकभवन भेज चुकी है।
सरकार ने सरकारी नौकरियों में सामान्य वर्ग को आरक्षण का लाभ देने के लिए अन्य वर्गों के कोटे में बदलाव का प्रारूप तैयार किया है जिसमें सामान्य वर्ग के आरक्षण में 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी का प्रस्ताव शामिल है। यह मामला वर्तमान में केंद्रीय गृह मंत्रालय के विचाराधीन बताया जा रहा है।
बिजनेस रूल्स में केंद्र सरकार की ओर से सुझाए गए सभी बदलाव कर दिए गए हैं और सरकार ने इस मामले में लचीलापन दिखाया है। आरक्षण के मुद्दे पर उठाए गए सवालों के जवाब कैबिनेट ने तैयार कर दिए हैं। प्रदेश सरकार यह जानने की भी कोशिश करेगी कि कैबिनेट के फैसलों की फाइलें गृह मंत्रालय के पास पहुंची हैं या नहीं। जल्द दिल्ली जाकर केंद्रीय गृह मंत्री से बातचीत की जाएगी और दोनों मामलों पर सरकार का पक्ष केंद्र के सामने रखा जाएगा। -उमर अब्दुल्ला, मुख्यमंत्री