{"_id":"696ea63430b310537b013344","slug":"political-news-jammu-news-c-10-jmu1052-815305-2026-01-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"कश्मीरी पंडितों का विस्थापन आज भी सभ्यतागत संकट : सत शर्मा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कश्मीरी पंडितों का विस्थापन आज भी सभ्यतागत संकट : सत शर्मा
विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। कश्मीरी पंडितों के पलायन की बरसी पर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सत शर्मा ने कहा कि कश्मीरी पंडितों का विस्थापन आज भी एक अनसुलझा नैतिक और सभ्यतागत संकट बना हुआ है। 36 वर्ष बीतने के बाद भी इस त्रासदी को न्याय और सम्मान नहीं मिल सका है।
1989 और 1990 में कश्मीरी हिंदुओं को घर छोड़ने पर मजबूर किया गया। हत्याएं, धमकियां और डर के बीच उनके लिए घाटी में रहना असंभव हो गया। कुछ ही हफ्तों में पूरे मोहल्ले खाली हो गए। यह पीड़ा आज भी उनके सामूहिक जीवन और अस्तित्व को प्रभावित कर रही है।
प्रशासनिक उदासीनता, राजनीतिक असंवेदनशीलता और संस्थागत उपेक्षा ने दर्द को और गहरा किया। भाजपा कश्मीरी पंडितों की सुरक्षित, सम्मानजनक और स्थायी वापसी के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि भविष्य में ऐसी त्रासदी दोबारा न हो और कश्मीरी पंडित पूर्वजों की भूमि पर सम्मान, सुरक्षा और समान अधिकारों के साथ जीवन जी सकें।
Trending Videos
जम्मू। कश्मीरी पंडितों के पलायन की बरसी पर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सत शर्मा ने कहा कि कश्मीरी पंडितों का विस्थापन आज भी एक अनसुलझा नैतिक और सभ्यतागत संकट बना हुआ है। 36 वर्ष बीतने के बाद भी इस त्रासदी को न्याय और सम्मान नहीं मिल सका है।
1989 और 1990 में कश्मीरी हिंदुओं को घर छोड़ने पर मजबूर किया गया। हत्याएं, धमकियां और डर के बीच उनके लिए घाटी में रहना असंभव हो गया। कुछ ही हफ्तों में पूरे मोहल्ले खाली हो गए। यह पीड़ा आज भी उनके सामूहिक जीवन और अस्तित्व को प्रभावित कर रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
प्रशासनिक उदासीनता, राजनीतिक असंवेदनशीलता और संस्थागत उपेक्षा ने दर्द को और गहरा किया। भाजपा कश्मीरी पंडितों की सुरक्षित, सम्मानजनक और स्थायी वापसी के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि भविष्य में ऐसी त्रासदी दोबारा न हो और कश्मीरी पंडित पूर्वजों की भूमि पर सम्मान, सुरक्षा और समान अधिकारों के साथ जीवन जी सकें।