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नहीं लगता पंडित अब खुद कश्मीर लौटेंगे : फारूक
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- कश्मीरी पंडित चाहें तो उन्हें घाटी में आने से कोई नहीं रोक सकता
जम्मू। नेशनल कॉन्फ्रेंस अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने कहा, जो कश्मीरी पंडित घाटी से बाहर आकर बस गए हैं उन्हें नहीं लगता वे अब वापस लौटेंगे। कश्मीरी पंडितों ने घाटी से बाहर घर बना लिए हैं, उनके बच्चे अन्य प्रदेश में पढ़ाई कर रहे हैं। अब उन्हें वापस जाना भी होगा तो वे वहां रहने के लिए नहीं, बल्कि पर्यटक के तौर पर कश्मीर जाएंगे।
पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला जम्मू में मीडिया के सवालों का जवाब दे रहे थे। उन्होंने कहा, पंडितों को कश्मीर जाने से कौन रोक सकता है। वे जब चाहें, जा सकते हैं, कश्मीर में उनके घर हैं। अभी भी बहुत से कश्मीरी पंडित घाटी में हैं। उन्होंने विस्थापन के समय अपने घर को नहीं छोड़ा। मुख्यमंत्री रहते वे कश्मीरी पंडितों के लिए पुनर्वास पॉलिसी ला रहे थे, लेकिन सरकार चली गई। अब मामला केंद्र सरकार के पास है और उसे तय करना है।
कुछ साल से देश में हिंदू-मुसलमानों को बांटने का प्रयास तेज हो गया है। वोट बैंक की राजनीति के लिए नफरत फैलाई जा रही है। इसका ताजा उदाहरण मां वैष्णो देवी मेडिकल कॉलेज की मान्यता रद्द करना है। यहां मुस्लिम छात्रों के ज्यादा दाखिले होने पर विरोध किया गया। अब जम्मू को अलग करने की सियासत की जा रही है।
उन्होंने कहा, भारत में सभी धर्माें के लोग रह सकते हैं। पाकिस्तान कश्मीर के लिए लगातार बात करता रहेगा, लेकिन वे भारत के साथ है।
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जम्मू। नेशनल कॉन्फ्रेंस अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने कहा, जो कश्मीरी पंडित घाटी से बाहर आकर बस गए हैं उन्हें नहीं लगता वे अब वापस लौटेंगे। कश्मीरी पंडितों ने घाटी से बाहर घर बना लिए हैं, उनके बच्चे अन्य प्रदेश में पढ़ाई कर रहे हैं। अब उन्हें वापस जाना भी होगा तो वे वहां रहने के लिए नहीं, बल्कि पर्यटक के तौर पर कश्मीर जाएंगे।
पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला जम्मू में मीडिया के सवालों का जवाब दे रहे थे। उन्होंने कहा, पंडितों को कश्मीर जाने से कौन रोक सकता है। वे जब चाहें, जा सकते हैं, कश्मीर में उनके घर हैं। अभी भी बहुत से कश्मीरी पंडित घाटी में हैं। उन्होंने विस्थापन के समय अपने घर को नहीं छोड़ा। मुख्यमंत्री रहते वे कश्मीरी पंडितों के लिए पुनर्वास पॉलिसी ला रहे थे, लेकिन सरकार चली गई। अब मामला केंद्र सरकार के पास है और उसे तय करना है।
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कुछ साल से देश में हिंदू-मुसलमानों को बांटने का प्रयास तेज हो गया है। वोट बैंक की राजनीति के लिए नफरत फैलाई जा रही है। इसका ताजा उदाहरण मां वैष्णो देवी मेडिकल कॉलेज की मान्यता रद्द करना है। यहां मुस्लिम छात्रों के ज्यादा दाखिले होने पर विरोध किया गया। अब जम्मू को अलग करने की सियासत की जा रही है।
उन्होंने कहा, भारत में सभी धर्माें के लोग रह सकते हैं। पाकिस्तान कश्मीर के लिए लगातार बात करता रहेगा, लेकिन वे भारत के साथ है।