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Katra Medical Institute: कटड़ा मेडिकल कॉलेज को केंद्रीय पूल में शामिल करने की तैयारी, फिर आंदोलन की आशंका

अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू Published by: Nikita Gupta Updated Sun, 15 Mar 2026 12:39 PM IST
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सार

कटड़ा स्थित श्री माता वैष्णो देवी मेडिकल इंस्टिट्यूट ने फिर से नेशनल मेडिकल कमीशन (एनएमसी) के सामने मान्यता और केंद्रीय पूल से आवंटन के लिए आवेदन किया है।

Preparations underway to secure allocation from central pool for Katra Medical Institute
श्री माता वैष्णो देवी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एक्सीलेंस। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

कटड़ा स्थित श्री माता वैष्णो देवी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एक्सीलेंस की ओर से फिर से मान्यता लेने व केंद्रीय पूल से आवंटन प्राप्त करने की कोशिश शुरू हाे गई है। इस बीच श्री माता वैष्णो देवी संघर्ष समिति ने दो दिन बाद इस सबंध में चर्चा के लिए बैठक बुलाई है।

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संस्थान में मुस्लिम छात्रों के प्रवेश के बाद जबरदस्त विरोध हुआ था। इससे जनवरी में नेशनल मेडिकल कमीशन (एनएमसी) ने मान्यता रद्द कर दी थी। पूरे मामले में श्री माता वैष्णो देवी संघर्ष समिति के बैनर तले हिंदूवादी संगठनों ने 50 एमबीबीएस सीटों में हिंदू छात्रों की उपेक्षा का आरोप लगाकर चरणबद्ध तरीके से आंदोलन किए थे।
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अभी ठंड हुआ था कि दो दिन पहले डीएन की तरफ से मेडिकल इंस्टीट्यूट दोबारा शुरू करने के लिए एनएमसी के सामने आवेदन कर दिया गया है। श्री माता वैष्णो देवी संघर्ष समिति का आरोप है कि इसकी जानकारी समिति के पदाधिकारियों को नहीं दी गई।

पहले मेडिकल इंस्टीट्यूट का संचालन श्राइन बोर्ड की तरफ से किया जा रहा था। इसमें इस वर्ष एमबीबीएस की सीटों की संख्या 50 रखी गई थी। जिसमें 42 सीटों पर गैर सनातनी छात्रों का प्रवेश लिया गया था। इसे लेकर हिंदूवादी संगठनों को साथ लेकर श्री माता वैष्णो देवी संघर्ष समिति ने आंदोलन किया।

पूरे देश में विरोध के बाद एनएमसी ने मेडिकल कॉलेज की मान्यता रद्द कर दी गई जिसमें कहा गया कि मानकों को मेडिकल कॉलेज पूरा नहीं कर पा रहा था। एक बार फिर कटड़ा मेडिकल कॉलेज सुर्खियों में आ गया है जहां प्रबंधन ने डीन के माध्यम से एनएमसी के सामने एमबीबीएस की कक्षाएं शुरू करने के लिए नए सिरे से आवेदन किया गया है।

मेडिकल इंस्टीट्यूट के डीएन की ओर से आवेदन की जानकारी पूरे मामले में सड़क तक आंदोलन करने वाली संघर्ष समिति के पदाधिकारियों को भी नहीं दी गई। इससे पदाधिकारियों में रोष है। अब देखना यह है कि मेडिकल कॉलेज को किस वर्गीकरण में रखा जाएगा और यह केंद्रीय पूल में होगा या प्रदेश सरकार के अधीन संचालित होगा।

डीन बोले - एलओपी मिलने के बाद स्थिति हो सकेगी साफ :
श्री माता वैष्णो देवी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एक्सीलेंस को दोबारा संचालित करने के लिए किए गए आवेदन के बाद चर्चाएं गर्म हैं। जिन स्थितियों में आंदोलन सड़क तक किया गया वह बाधा दूर हुई या नहीं कोई नहीं जानता। मेडिकल काॉलेज के डीन कुलदीप सिंह ने बताया कि आवेदन के साथ प्रोजेक्ट रिपोर्ट,बिल्डिंग की स्थिति की जानकारी संलग्न की गई है। एनएमसी से एलओपी (लेटर ऑफ परमीशन) मिलने के बाद पता चलेगा कि मेडिकल कॉलेज को किस स्थिति में संचालित किया जाना है। यह केंद्र सरकार के पूल में होगा या राज्य सरकार यानी बोपी के नियमों के तहत संचालित होगा। जानकारी दी कि यदि मेडिकल कॉलेज को अल्पसंख्यक का दर्जा लेना है तो इसके लिए संसद से या केंद्र सरकार की तरफ से निर्णय लेना होगा।

दो दिन बाद होगी संघर्ष समिति की बैठक में लेंगे निर्णय :
श्री माता वैष्णो देवी संघर्ष समिति के अध्यक्ष कर्नल (रिटायर्ड) सुखवीर सिंह मनकोटिया ने कहा कि उनकी जानकारी में नहीं है कि आवेदन हुआ है। यदि ऐसा है तो निराशजनक है कि संगठन को इसकी जानकारी नहीं दी गई और विश्वास में नहीं लिया गया। कैसे पता चलेगा कि नए आवेदन में सनातन धर्म के छात्रों के हित शामिल हैं या नहीं। इसको लेकर दो दिन बाद संघर्ष समिति की बैठक बुलाकर चर्चा की जाएगी।

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