जम्मू: 'हमारे लोगों का आशीर्वाद, तभी रुहुल्ला कर रहे दूसरी रैली', राम माधव के बयान से सियासी हलचल
भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राम माधव ने नेशनल कॉन्फ्रेंस में जारी अंदरूनी कलह पर तंज कसते हुए पार्टी को बंटी हुई बताया। रुहुल्ला मेहदी की दूसरी रैली को लेकर उन्होंने कहा कि उन्हें हमारे लोगों का भरपूर आशीर्वाद मिल रहा है।
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नेशनल कॉन्फ्रेंस में अंदरूनी खींचतान और सांसद रुहुल्ला मेहदी के इस्तीफे के बीच भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राम माधव के एक बयान ने जम्मू-कश्मीर का सियासी पारा और चढ़ा दिया। उन्होंने भले ही एनसी के संकट को उनका अंदरूनी मामला बताया, लेकिन जाते-जाते यह कहकर हलचल मचा दी, ‘हमारे लोगों का भरपूर आशीर्वाद है, तभी तो रुहुल्ला दूसरी रैली कर रहे हैं।’ मतलब साफ है कि जम्मू-कश्मीर की सियासत में जो कुछ घट रहा है, उसके तार कहीं-न-कहीं भाजपा से जुड़े हैं।
गठबंधन राजनीति के माहिर माने जाने वाले राम माधव एक दिन के लिए जम्मू पहुंचे थे। भाजपा के त्रिकुटानगर स्थित मुख्यालय में वे करीब 23 मिनट पत्रकारों के बीच रहे। उन्हें पहले से ही नेकां में हलचल से जुड़े सवालों का अंदेशा था। लिहाजा, बैठते ही पत्रकारों से बोले-आपके मन में जो सवाल है, मैं उस पर टिप्पणी नहीं करने वाला।
वहीं, जब नेता प्रतिपक्ष सुनील शर्मा का आंसू पोंछने से संबंधित बयान को कोट कर जवाब लेने की कोशिश की गई तो राम माधव रूहुल्ला की रैली को आशीर्वाद की बात कर काफी कुछ संकेत दे दिए। हालांकि, उन्होंने नेकां की आंतरिक कलह में भाजपा की कोई भूमिका होने से साफ इन्कार किया।
नेकां बंटी हुई पार्टी
उन्होंने दावा किया कि सत्ताधारी नेकां साफ तौर पर बंटी हुई है। उसके नेता आपस में लड़ रहे हैं। उन्हीं की पार्टी के एक सांसद सामने आए हैं और कार्यक्रम कर रहे हैं। यह उनका अंदरूनी मामला है। इससे हमारा क्या लेना-देना?
बोले-किसी पुल के पास पहुंचते हैं तभी उसे पार करते हैं
जम्मू-कश्मीर में वर्तमान सियासी हलचल के बीच भविष्य में संभावित राजनीतिक घटनाक्रमों और उनके असर के बारे में पूछे जाने पर राम माधव ने कुछ भी कहने से इन्कार कर दिया। बोले-किसी नतीजे पर पहुंचने से पहले हालात को सामने आने देना होगा। जब आप किसी पुल के पास पहुंचते हैं, तभी उसे पार करते हैं।