Republic Day: वीरता पदक सूची में जम्मू-कश्मीर का दबदबा, सबसे ज्यादा 33 पुलिस अफसरों व कर्मियों का आज सम्मान
वीरता पदक में इस बार भी जम्मू-कश्मीर का दबदबा बरकरार है। गणतंत्र दिवस के मौके पर सबसे ज्यादा 33 पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को वीरता पदक से नवाजा जाएगा।
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गृह मंत्रालय की ओर से जारी सूची में आईजी सुजीत कुमार, आईजी मोहम्मद सुलेमान चौधरी, आईजी विवेक गुप्ता को वीरता पदक मेरिटोरियस सर्विस मेडल (एमएसएम) से सम्मानित किया जाएगा। डीआईजी हसीब मुगल और निशा नथ्याल को राष्ट्रपति अवॉर्ड, एसएसपी तनुश्री और एसएसपी शब्बीर नवाब को गैलेंट्री अवॉर्ड दिया जाएगा। ये यह सम्मान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु की ओर से प्रदान किए जाएंगे।
इनको मिलेगा मेरिटोरियस सर्विस मेडल
- आईजी ट्रैफिक मोहम्मद सुलेमान चौधरी
- आईजी क्राइम ब्रांच सुजीत कुमार
- आईजी रेलवे विवेक गुप्ता
- डीएसपी हिमत सिंह
- डीएसपी चंपा देवी शर्मा
- डीएसपी खुशवंत सिंह
- डीएसपी गुरमीत सिंह
- इंस्पेक्टर अनिल शर्मा
- इंस्पेक्टर रियाज अहमद लंगो
- इंस्पेक्टर सरदार सिंह
- इंस्पेक्टर नीरज कुमार कौल
- इंस्पेक्टर मुश्ताक अहमद भट
- सब इंस्पेक्टर शाम लाल
- सब इंस्पेक्टर बलविंदर सिंह बाली
- हेड कांस्टेबल गोपाल सिंह
- कांस्टेबल तौहीद अहमद ठोकर
- कांस्टेबल शुभ कुमार
डीएसपी जावेद अहमद लोन, मोहद अशरफ व मोहन लाल, आईपीएस एसएसपी पुलवामा तनुश्री, एसएसपी सोपोर शब्बीर नवाब, इंस्पेक्टर यूनिस खान व मोहद रफीक, असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर दविंदर कुमार व अजीत धर, हेड कांस्टेबल शब्बीर अहमद नरवारू, समीत पाल सिंह, मोहम्मद शफी मगरे, मलिक बशीर-उ-दीन, सुनील रैना व रवि कुमार, कांस्टेबल रतन लाल, मोहम्मद सलीम डार, विक्की खजूरिया, सफीर लोन, अब्दुल राशिद लोन, रियाज अहमद शेख, मोहद रमजान राथर, इम्तियाज अहमद मीर, सोहेल अहमद डार व मंजूर अहमद भट, सेलेक्शन ग्रेड कांस्टेबल (एसजीसीटी) राकेश कुमार, रियाज अहमद, इश्तियाक अहमद खान, उमर नजीर, अबिद अली डार और अब्दुल रऊफ वानी शामिल हैं।
दो को मिलेगा राष्ट्रपति अवॉर्ड
ट्रैफिक पुलिस के डीआईजी डॉ. हसीब मुगल और डीआईजी निशा नथ्याल (प्रशासन) पुलिस मुख्यालय को प्रेसिडेंट मेडल मिलेगा। यह अवॉर्ड सेवा में विशेष विशिष्ट रिकॉर्ड के लिए दिया जाता है।
जम्मू-कश्मीर में देश के लिए बलिदान पांच जांबाजों को शौर्य व व सेना मेडल से सम्मान
गणतंत्र दिवस पर जम्मू-कश्मीर में देश के लिए बलिदान सेना के बहादुर अफसरों और जवानों के शौर्य को सम्मान मिलेगा। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर बहादुर जांबाजों के लिए एक अशोका चक्र, तीन कीर्ति चक्र, 13 शौर्य चक्र, 44 सेना मेडल सहित अन्य पुरस्कारों की घोषणा की है। इनमें पांच नाम जम्मू-कश्मीर में बलिदान हुए जांबाजों के हैं। इनमें लांस दफादार बलदेव चंद को शौर्य चक्र, हवलदार झंटू अली, जवान गायकर संदीप पांडुरंग, लांस दफादार भरवाड़ मेहुलभाई मेपाभाई और सूबेदार कुलदीप चंद को सेना मेडल से नवाजा जाएगा। इन जांबाजों ने जम्मू-कश्मीर में आतंकियों के साथ मुठभेड़ के दौरान सर्वोच्च बलिदान दिया था। उनको मरणोपरांत साहस और बहादुरी के लिए सम्मान दिया जाएगा।
पिछले साल आतंकियों से मुठभेड़ में बलिदान हुए लांस दफादार बलदेव
20 सितंबर 2025 को उधमपुर जिले के दुर्गम इलाके डुडु-बसंतगढ़ क्षेत्र के सियोजधार वन क्षेत्र में आतंकियों के साथ भीषण मुठभेड़ हुई थी। सेना व पुलिस की संयुक्त टीम ने आतंकियों को घेरा। लांस दफादार बलदेव ने आतंकियों को देखते ही उन पर गोलियां बरसाने लगे। यह मुठभेड़ रात के समय हुई। इस दौरान वह गोली लगने से गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें चिकित्सा सुविधा मुहैया कराई गई लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। बलदेव चंद चार राष्ट्रीय राइफल्स में लांस दफादार थे। वह हिमाचल के बिलासपुर के रहने वाले थे। उन्हें मरणोपरांत शौर्य चक्र प्रदान किया जाएगा।
पैरा स्पेशल फोर्स में तैनात थे हवलदार झंटू अली
24 अप्रैल 2025 को उधमपुर जिले के दुर्गम इलाके डुडु-बसंतगढ़ में सुबह आतंकियों की घेराबंदी सख्त की गई थी। करीब पौने दो घंटे दोनों ओर से भीषण गोलीबारी हुई। छह पैरा स्पेशल फोर्स में तैनात हवलदार झंटू अली भी आतंकियों पर गोलियां बरसा रहे थे। इस बीच आतंकियों की एक गोली उन्हें लगी। इसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तत्काल उपचार दिया गया पर उन्हें बचाया नहीं जा सका और वह बलिदान हो गए। वह छह पैरा रेजिमेंट विशेष बल में तैनात थे जो पैरा स्पेशल फोर्स के नाम जानी जाती है। सेना की पैराशूट रेजिमेंट की विशेष बटालियनों को आतंकवाद रोधी गैर परंपरागत युद्ध जैसे मिशनों में विशेषज्ञता हासिल है। हवलदार पश्चिम बंगाल के रहने वाले थे। उन्हें मरणोपरांत सेना मेडल प्रदान किया जाएगा।
जवान गायकर संदीप पांडुरंग को सेना मेडल
22 मई 2025 को किश्तवाड़ के सिंहपोरा-छात्रू के घने जंगलों में सुरक्षाबलों व आतंकियों के बीच सुबह भीषण मुठभेड़ शुरू हुई। ऑपरेशन त्राशी के तहत सेना व पुलिस की संयुक्त टीम ने आतंकियों की घेराबंदी की थी। घिरे आतंकियों में पाकिस्तानी आतंकी कमांडर सैफुल्ला बलूची भी था। आतंकियों पर हेलीकाॅप्टर व ड्रोन से नजर रखी जा रही थी। यह ऑपरेशन सिंदूर के बाद जम्मू संभाग में पहली मुठभेड़ थी। आतंकियों के खिलाफ घेरा सख्त हो गया था। इसे देख सोन्नर नाले के पास छिपे आतंकियों ने फायरिंग शुरू कर दी। सुरक्षाबलों ने भी जवाबी कार्रवाई की। इस दौरान 17 आरआर में तैनात जवान गायकर संदीप पांडुरंग निवासी आहिल्यानगर महाराष्ट्र बलिदान हो गए।
सूबेदार कुलदीप-आतंकियों को पीओके वापस भागने पर किया मजबूर
14 अप्रैल 2025 सेना ने अखनूर सेक्टर में रात को आतंकियों की घुसपैठ की कोशिश नाकाम की। देर रात केरी बट्टल में अग्रिम जंगल के नाले के पास आतंकवादियों की हरकत देखी गई। जवानों ने ललकारने पर गोलीबारी शुरू हो गई। ऑपरेशन का नेतृत्व सूबेदार कुलदीप चंद 9-पंजाब रेजीमेंट कर रहे थे। इस दौरान वह गोली लगने से घायल हो गए। उन्हें सैन्य अस्पताल अखनूर ले जाया गया। जहां उन्हें बलिदानी घोषित कर दिया। सेना ने आतंकियों की घुसपैठ की कोशिश को नाकाम कर दिया। आतंकी पीओके में भाग गए।