Jammu: लाहू गुज्जर के दो गुर्गों को पकड़ने गई पुलिस की टीम पर फिर हमला, पसगाल गांव में बवाल; आरोपी फरार
अरनिया के पसगाल गांव में ड्रग तस्करों को पकड़ने गई पुलिस टीम पर भीड़ ने पथराव कर हमला किया, जिससे थाना प्रभारी सहित टीम को पीछे हटना पड़ा।इस हमले का फायदा उठाकर लाहू गुज्जर गैंग के दो गुर्गे फरार हो गए।
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ड्रग तस्करों और उनके समर्थकों ने रविवार रात करीब 10 बजे पुलिस पर फिर हमला किया। मामला अरनिया के पसगाल गांव का है। यहां पुलिस कुख्यात ड्रग एवं मवेशी तस्कर लाहू गुज्जर गैंग के दो गुर्गों को दबोचने पहुंची थी। बचने के लिए दोनों गुर्गों ने गांव के लोगों के साथ मिलकर पुलिस पर हमला कर दिया।
इसमें थाना प्रभारी सहित पूरी टीम को जान बचाकर उल्टे पांव लाैटना पड़ा। इस बीच दोनों तस्कर भाग निकले। पुलिस को सूचना मिली थी कि लाहू गैंग के दो गुर्गे बिल्ला गुज्जर और सुदाम हुसैन इलाके में पहुंचे हैं। ये दोनों पुलिस की हिट लिस्ट में हैं। थाना प्रभारी दिलावर कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने दबिश दी तो वहां विशेष समुदाय की भारी भीड़ इकट्ठा हो गई। पुलिस ने जैसे ही आरोपियों को घेरने की कोशिश की तो भीड़ ने ताबड़तोड़ पथराव शुरू कर दिया।
अचानक हुए हमले से अफरा-तफरी मच गई। स्थिति को बिगड़ता देख और जवानों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए थाना प्रभारी को ऑपरेशन बीच में ही रोककर लौटना पड़ा। इस हंगामे का फायदा उठाकर दोनों तस्कर फरार होने में कामयाब रहे।
थाना प्रभारी दिलावर ने बताया कि नशा तस्करों की क्षेत्र में मौजूदगी की सूचना पर दबिश दी था। बड़ी संख्या में समुदाय विशेष के लोग जमा हो गए और पथराव शुरू कर दिया। दोनों आरोपी पुलिस की हिट लिस्ट में हैं और उनकी तलाश जारी है।
नाै अप्रैल को भी हुआ था हमला:
इसके पहले मीरां साहिब के मरालिया डाक बंगला इलाके में पशु तस्करों को पकड़ने गई मीरां साहिब पुलिस पर नाै अप्रैल की रात करीब 10 बजे तस्करों ने हमला कर दिय था। हमले में एएसआई विपिन कुमार और कांस्टेबल गारू राम घायल हो गए।। हमला इतना तेज था कि पुलिस को अपने बचाव में हवाई फायरिंग करनी पड़ी। यह वही इलाका है जहां से कुख्यात नशा एवं मवेशी तस्कर लाहू गुज्जर को पुलिस ने दबोचा था।
लाहू के नेटवर्क से जुड़ी महिला समेत दो हिरासत में
जम्मू-कश्मीर पुलिस के स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप (एसओजी) ने लाहू गुज्जर के नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए कार्रवाई तेज कर दी है। रविवार को एसओजी ने घरोटा व अखनूर पुलिस के साथ मिलकर अम्बारां इलाके में दबिश दी। इसमें महिला समेत दो संदिग्धों को हिरासत में लिया है। इनसे इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य बरामद हुए हैं।
पुलिस सूत्रों के अनुसार ये छापेमारी लाहू से पूछताछ के दौरान मिले सुरागों के आधार पर की गई। हिरासत में लिए व्यक्तियों में शबीर अली उर्फ कालू निवासी अम्बारां और माजिदा निवासी बिश्नाह शामिल हैं। शबीर जलशक्ति विभाग में डेलीवेजर है। माजिदा के बारे में बताया जा रहा है कि वह शुक्रवार शाम ही बिश्नाह से अम्बारां पहुंची थी।
तलाशी में टीम ने शबीर और उसकी पत्नी जमीला के मोबाइल जब्त किए हैं। पुलिस का मानना है कि इनकी जांच से तस्करी नेटवर्क के अन्य सदस्यों का पता चल सकता है। इनके लिंक खंगाले जा रहे हैं। एसओजी ने शबीर के घर के साथ उसके चचेरे भाई माजिद खान निवासी अम्बारां के घर पर भी तलाशी ली। सूत्रों के मुताबिक माजिदा लाहू की सहयोगी है और लंबे समय से उसके नेटवर्क का हिस्सा रही है। हालांकि, आधिकारिक तौर पर उसकी भूमिका को लेकर अभी पुष्टि नहीं की गई है।
बिश्नाह थाने में होगी पूछताछ :
रविवार देर शाम दोनों संदिग्धों शबीर और माजिदा को हिरासत में लेकर बिश्नाह थाने ले जाया गया। यहां दोनों से पूछताछ होगी। लाहू गुज्जर पुलिस रिमांड पर है। बताया जाता है कि हिरासत में लिए गए इन नए संदिग्धों के साथ लाहू का क्रॉस-इंटरोगेशन (आमने-सामने बिठाकर पूछताछ) कराया जाएगा। अधिकारियों का मानना है कि पूछताछ में कई खुलासे हो सकते हैं।
लाहू को आज कोर्ट में किया जाएगा पेश
लाहू गुज्जर को पुलिस सोमवार को अदालत में पेश करेगी। रविवार को उसका रिमांड समाप्त हो गया है। रिमांड बढ़ने पर पुलिस आगामी कार्रवाई शुरू करेगी। बीते शनिवार एसओजी ने लाहू के एक करीबी फारूक अली को गिरफ्तार किया था। वह लाहू के नशे व मवेशी तस्करी के नेटवर्क को जमीन पर उतारने वाला मुख्य संचालक है। उससे भी पूछताछ की जा रही है।