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Vaishno Devi: पहलगाम आतंकी हमले और बारिश-बाढ़-भूस्खलन ने रोके कदम, इस साल अब तक 28 लाख कम पहुंचे श्रद्धालु

अमर उजाला नेटवर्क, कटड़ा Published by: Digvijay Singh Updated Mon, 15 Dec 2025 12:51 AM IST
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सार

अप्रैल में पहलगाम आतंकी हमला और फिर बारिश-बाढ़-भूस्खलन ने लाखों श्रद्धालुओं के कदम श्री माता वैष्णो देवी के दरबार में आने से रोक दिए। पिछले वर्ष के मुकाबले इस साल अब तब 28 लाख कम श्रद्धालु वैष्णो देवी यात्रा पर आए हैं।

Vaishno Devi The Pahalgam terrorist attack and heavy rains floods and landslides have halted the pilgrimage 2.
माता वैष्णो देवी का भवन - फोटो : संजय शर्मा
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विस्तार

अप्रैल में पहलगाम आतंकी हमला और फिर बारिश-बाढ़-भूस्खलन ने लाखों श्रद्धालुओं के कदम श्री माता वैष्णो देवी के दरबार में आने से रोक दिए। पिछले वर्ष के मुकाबले इस साल अब तब 28 लाख कम श्रद्धालु वैष्णो देवी यात्रा पर आए हैं। ऐसा नहीं है कि श्रद्धालु आना नहीं चाहते लेकिन हालात ऐसे बने कि उन्हें अपने कदम पीछे खींचने पड़े। तीर्थ यात्रा पर आ रहे श्रद्धालु भी स्वीकारते हैं कि उन्हें अपना यात्रा शेड्यूल बदलना पड़ा है।

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माता वैष्णो देवी के प्रति श्रद्धालुओं की अटूट आस्था है। देश ही नहीं, विदेशों से भी लोग माता के दर्शन के लिए आते हैं। देश के कोने-कोने से ट्रेनों और बसों से श्रद्धालु माता के जयकारे लगाते हुए आते है, लेकिन इस बार ट्रेनों में जयकारों की गूंज कम रही। पिछले चार वर्षों में ऐसा पहली बार हुआ है कि इतनी कम संख्या में श्रद्धालु आए हों। श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड से जुड़े एक अधिकारी ने बताया कि पिछले वर्ष 94.80 लाख श्रद्धालुओं ने माता के दर्शन किए थे। वहीं इस बार साल खत्म होने को हैं और करीब 70 लाख श्रद्धालु ही पहुंचे हैं। ये साल खत्म होने में सिर्फ 15 दिन बचे हैं ऐसे में यात्रा पिछले वर्ष का आंकड़ा शायद ही छू सके।

 

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होटल कारोबारी और और घोड़ा पिट्ठू वाले भी स्वीकारते हैं कि आतंकी हमले और प्राकृतिक आपदा ने उनके राेजगार को चोट पहुंचाई है। 40 से 50 प्रतिशत छूट के बावजूद श्रद्धालुओं ने उम्मीदों के मुताबिक रुझान नहीं दिखाया। कटड़ा धर्मनगरी में टैक्सी चालक संदीप बाली, करण सिंह, सूरज सिंह ने कहा कि इस वर्ष श्रद्धालुओं की कमी के कारण हमारे रोजगार पर असर पड़ा है। लोन की किस्तें भी नहीं चुका पाए। अब नव वर्ष से उम्मीद है कि श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ेगी। होटल संचालक रामलाल और होटल एसोसिएशन के उपप्रधान वीरेंद्र केसर कहते हैं कि इस वर्ष शुरुआत में प्रयागराज महाकुंभ के चलते भी श्रद्धालु कटड़ा कम पहुंचे। मार्च और अप्रैल माह में थोड़ी यात्रा वृद्धि हुई तो पहलगाम आतंकी हमले ने चोट पहुंचाई। इसके बाद पाकिस्तान से तनाव के बीच का भी यात्रा पर असर पड़ा।

एक पहलू ये भी : भीड़ कम, सुकून से दर्शन
वैष्णो देवी के दर्शनार्थियों की संख्या कम होने का सुकून भरा पहलू ये भी है कि अब आसानी से दर्शन हो रहे हैं। माता के दर्शन करने के लिए खूब समय मिल रहा है। माता की पिंडियों के सामने खड़े होकर स्तुति करने का भी माैका मिल रहा है। भीड़ होने पर माता की मात्र एक झलक ही श्रद्धालुओं को मिल पाती है।
 

नववर्ष से ढेरों उम्मीदें
इस साल श्रद्धालुओं की कमी प्रशासन और श्राइन बोर्ड दोनों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। उम्मीद है कि नववर्ष के आगमन पर एक बार फिर श्रद्धालुओं की संख्या में इजाफा होगा। 31 दिसंबर और जनवरी के पहले सप्ताह में देशभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि साल के अंतिम दिनों में आंकड़े कुछ हद तक सुधर सकते हैं। इसके लिए विशेष सुविधाओं को जुटाने की तैयारी है।

 

इन कारणों से श्रद्धालुओं के ठिठकते रहे कदम
-अप्रैल में पहलगाम के बायरसन आतंकी हमले के बाद श्रद्धालुओं में एक भय हो गया। दर्शन करने के लिए आने वाले कई श्रद्धालु कश्मीर भी घूमने जाते हैं। हमले के बाद कश्मीर के कई पर्यटन स्थल बंद होने से इन श्रद्धालुओं ने वैष्णो देवी यात्रा का प्लान भी रद कर दिया। इस बीच मई में ऑपरेशन सिंदूर हो गया। इसका भी यात्रा पर असर पड़ा।

-अगस्त में भारी बारिश, बाढ़ और भूस्खलन ने पूरे जम्मू संभाग में जनजीवन अस्तव्यस्त किया। वैष्णो देवी यात्रा मार्ग पर भी करीब आधा दर्जन स्थानों पर भूस्खलन और पहाड़ी से पत्थर गिरे। हादसे में श्रद्धालुओं की जान भी गई। इससे कई दिन यात्रा मार्ग बंद रहा। इससे भी भक्तों के कदम ठहरे।

-भारी बारिश बाढ़ से जम्मू-पठानकोट हाईवे बाधित हुआ। कठुआ में सहार खड्ड पर पुल धंसा। रेलवे ट्रैक को नुकसान पहुंचा। इससे वाहनों की आवाजाह रुकी। अधिकांश ट्रेनें रद्द हुई। इससे श्रद्धाल कटड़ा नहीं पहुंच सके।

 

ये आंकड़े गवाह हैं

2022- 91,24,970

2023- 95,22,225

2024- 94,84,182

2025 करीब 66  लाख

 

श्रद्धालुओं को बुलाने के लिए नई पहल
श्राइन बोर्ड ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए इस साल कई कदम उठाए हैं। यात्रा मार्गों पर व्यवस्थाओं को बेहतर किया गया है। यात्रा पंजीकरण के लिए 24 घंटे पंजीकरण की सुविधा शुरू की गई है। यही नहीं, दर्शनी ड्यूटी पर देर रात ट्रेन से आने वाले यात्री अपना टिकट दिखाकर भी यात्रा पर जा सकते हैं। श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड ने गत शुक्रवार को ही भवन इलाके में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच एक साधना कक्ष श्रद्धालुओं को समर्पित किया।

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