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Jammu News: महिलाओं को एफपीओ से जोड़कर स्वरोजगार का सहारा दे रही ममता
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जम्मू। ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत फार्मर प्रोड्यूसर ऑर्गनाइजेशन (एफपीओ) महिलाओं के लिए रोजगार का बड़ा जरिया बनती जा रही है। किसान महिलाओं को एफपीओ के साथ जोड़कर उत्पादों को उचित दाम पर खरीदा जाता है और एफपीओ आगे तैयार कर उसे बेच रही है। इससे महिलाएं आत्मनिर्भर हो रही हैं।
ऐसी ही पहल बिश्नाह की ममता देवी ने की और सैकड़ों महिलाओं को स्वरोजगार का रास्ता दिखाया। आज वह एफपीओ की निदेशक हैं और ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने का काम कर रही हैं।
वह बताती हैं कि साल 2014 में उम्मीद से जुड़ीं। शुरुआत में फूड स्टॉल से काम की शुरुआत की। धीरे-धीरे अनुभव और मेहनत के दम पर अन्य महिलाओं के साथ मिलकर एफपीओ की स्थापना की जिसमें लगभग 100 महिलाएं थीं। अब संख्या 530 है। एफपीओ के तहत महिलाएं बासमती चावल, आटा, हल्दी, मिर्च और अन्य खाद्य उत्पादों की खेती और प्रोसेसिंग कर रही हैं। उत्पादों को स्थानीय बाजार, प्रदर्शनियों, ऑनलाइन प्लेटफॉर्म और ऑर्डर के जरिये बेचा जा रहा है। इससे महिलाओं को घर बैठे आमदनी हो रही है। पहल से न सिर्फ महिलाओं को रोजगार मिला है बल्कि वे परिवार को आर्थिक सहयोग दे रही हैं। उनका लक्ष्य लगभग 1500 महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना है।
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ऐसी ही पहल बिश्नाह की ममता देवी ने की और सैकड़ों महिलाओं को स्वरोजगार का रास्ता दिखाया। आज वह एफपीओ की निदेशक हैं और ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने का काम कर रही हैं।
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वह बताती हैं कि साल 2014 में उम्मीद से जुड़ीं। शुरुआत में फूड स्टॉल से काम की शुरुआत की। धीरे-धीरे अनुभव और मेहनत के दम पर अन्य महिलाओं के साथ मिलकर एफपीओ की स्थापना की जिसमें लगभग 100 महिलाएं थीं। अब संख्या 530 है। एफपीओ के तहत महिलाएं बासमती चावल, आटा, हल्दी, मिर्च और अन्य खाद्य उत्पादों की खेती और प्रोसेसिंग कर रही हैं। उत्पादों को स्थानीय बाजार, प्रदर्शनियों, ऑनलाइन प्लेटफॉर्म और ऑर्डर के जरिये बेचा जा रहा है। इससे महिलाओं को घर बैठे आमदनी हो रही है। पहल से न सिर्फ महिलाओं को रोजगार मिला है बल्कि वे परिवार को आर्थिक सहयोग दे रही हैं। उनका लक्ष्य लगभग 1500 महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना है।