फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jharkhand ›   jamtaara-garh-durga-mandir-mahashtami-dandvat-yatra-56-bhog

नवरात्रि 2026: सोलहवीं सदी के गढ़ दुर्गा मंदिर में महाष्टमी पर उमड़े भक्त, 450 साल पुरानी परंपरा निभाई

Sun, 18 Oct 2026 06:19 PM IST
तरुणेंद्र कुमार चतुर्वेदी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची Published by: तरुणेंद्र कुमार चतुर्वेदी Updated Sun, 18 Oct 2026 06:19 PM IST
सार

महाष्टमी पर जामताड़ा के नारायणपुर स्थित करीब 450 वर्ष पुराने गढ़ दुर्गा मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। भक्तों ने महतो अहरा तालाब में स्नान कर दंडवत यात्रा के जरिए माता के दरबार में हाजिरी लगाई। वैष्णवी परंपरा के अनुसार विशेष पूजा-अर्चना के साथ मां दुर्गा को 56 प्रकार के भोग अर्पित किए गए।

विज्ञापन
jamtaara-garh-durga-mandir-mahashtami-dandvat-yatra-56-bhog
गढ़ दुर्गा मंदिर - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

महाष्टमी पर रविवार को जामताड़ा जिले के नारायणपुर स्थित प्रसिद्ध गढ़ दुर्गा मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। सुबह 5:00 बजे से ही भक्तों ने महतो अहरा तालाब में पवित्र स्नान कर मंदिर की ओर दंडवत यात्रा शुरू कर दी। करीब 450 वर्षों पुरानी इस अनूठी परंपरा को निभाते हुए श्रद्धालुओं ने महतो अहरा तालाब से गढ़ दुर्गा मंदिर तक की दूरी दंडवत प्रणाम करते हुए तय की।
विज्ञापन


भक्तों ने माता रानी के समक्ष शीश नवाकर अपने परिवार की सुख, शांति और समृद्धि की कामना की। स्थानीय मान्यताओं के अनुसार जो भक्त यहां सच्चे मन से मन्नत मांगते हैं, माता रानी उनकी हर मनोकामना अवश्य पूरी करती हैं। मनोकामना पूरी होने पर श्रद्धालु मां दुर्गा के चरणों में चुनरी, फल-फूल, महाप्रसाद और सुंदर आभूषण अर्पित करते हैं।
विज्ञापन


वैष्णवी परंपरा और छप्पन भोग
महाष्टमी के दिन गढ़ दुर्गा मंदिर में वैष्णवी परंपरा के अनुसार जगद्जननी मां दुर्गा की विशेष पूजा-अर्चना संपन्न हुई। इस पावन अवसर पर माता रानी को 56 विभिन्न प्रकार के भोग अर्पित किए गए। भक्तिभाव से संपन्न हुई महाआरती के बाद मंदिर परिसर में उपस्थित सभी श्रद्धालुओं के बीच महाप्रसाद का वितरण हुआ। इस पूरे आयोजन के दौरान मंदिर परिसर में भक्तिमय माहौल बना रहा और श्रद्धालुओं ने परिवार में सुख-शांति के लिए प्रार्थना की।
विज्ञापन
विज्ञापन


सोलहवीं सदी का ऐतिहासिक मंदिर
नारायणपुर गढ़ स्थित इस प्राचीन दुर्गा मंदिर का इतिहास करीब 450 वर्ष पुराना है। इस मंदिर की स्थापना सोलहवीं सदी में तत्कालीन राजवंश द्वारा की गई थी। यहां शुरुआत से ही वैष्णवी परंपरा के अनुसार पूजन कार्य किया जाता है। अतीत में जहां इस पूजा का आयोजन राजा-महाराजाओं की देखरेख में संपन्न होता था, वहीं वर्तमान समय में राज परिवार के वंशज और नारायणपुर 16 आना के स्थानीय लोग मिलकर पूजा का आयोजन करते हैं।

महानवमी और विजयादशमी के अवसर पर मंदिर परिसर में दो दिवसीय भव्य मेले का आयोजन किया जाता है। इस मेले में दूर-दराज के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं। मेले में विभिन्न धर्मों के लोगों की सक्रिय सहभागिता सामाजिक एकता और आपसी भाईचारे की अद्भुत मिसाल पेश करती है।

ग्रामीण इलाकों की परंपरागत पूजा
जामताड़ा जिले के ग्रामीण इलाकों में भी दुर्गापूजा की सदियों पुरानी धार्मिक परंपराएं कायम हैं। नाला प्रखंड के नीचेपाड़ा हाटतला स्थित गढ़ेर मां दुर्गा मंदिर में लगभग 491 वर्षों से पूजा की परंपरा चली आ रही है। इस मंदिर के शिलापट्ट पर वर्ष 1535 ईस्वी अंकित है। स्थानीय मान्यताओं के अनुसार तत्कालीन राजा बुद्धदेव सिंह ने यहां मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापित कर पूजा की शुरुआत की थी। वर्तमान में भी उनके वंशज ही मंदिर की देखरेख और पूजन व्यवस्था संभालते हैं। इसी प्रकार फतेहपुर प्रखंड के मंझलाडीह गांव में करीब 450 वर्षों से मां दुर्गा की आराधना की जा रही है। जमींदार आनंद सिंह द्वारा शुरू की गई इस पूजा की परंपरा को सिंह परिवार की छह पीढ़ियां आगे बढ़ा रही हैं।


ये भी पढ़ें- बिहार: तेजस्वी यादव ने सम्राट चौधरी सरकार से अब क्या मांग कर दी? कहा- हजारों नियोजित शिक्षकों की सेवा पर संकट

शुरुआती दौर में केवल 20 रुपये के बजट वाली इस पूजा का खर्च अब बढ़कर करीब डेढ़ लाख रुपये तक पहुंच गया है। मंझलाडीह में महासप्तमी के दिन नवपत्रिका को पालकी में सजाकर मंदिर लाने की विशेष परंपरा है। इसके अलावा घाटी गांव में 500 वर्ष, मंडरो में 350 वर्ष, पिंडारी में 300 वर्ष और अमजोरा गांव में लगभग 250 वर्षों से पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ दुर्गापूजा मनाई जा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed