झारखंड में परीक्षा विवाद पर बवाल: विधानसभा मार्च कर रहे एबीवीपी के 110 कार्यकर्ता हिरासत में, झड़प भी हुई
झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के विरोध में विधानसभा मार्च निकाल रहे एबीवीपी के करीब 110 कार्यकर्ताओं को मंगलवार को हिरासत में लिया गया। प्रदर्शन के दौरान पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हुई। एबीवीपी ने परीक्षा अनियमितताओं की सीबीआई जांच की मांग की है। पढ़ें पूरी खबर
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झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के विरोध में विधानसभा मार्च निकाल रहे अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के करीब 110 कार्यकर्ताओं को मंगलवार को हिरासत में लिया गया। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी।
अधिकारी के मुताबिक, एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने पुराने विधानसभा परिसर के पास से मार्च शुरू किया था। इसी दौरान पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। प्रदर्शनकारियों को ले जा रही बस को आगे बढ़ने से रोकने को लेकर एबीवीपी कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच झड़प भी हुई। मार्च के दौरान कुछ महिला प्रदर्शनकारियों को भी हिरासत में लिया गया।
200 से अधिक कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार
प्रदर्शन के दौरान दो छात्र बेहोश हो गए, जिनमें एक छात्रा भी शामिल है। सुरक्षाकर्मियों ने छात्रा को पास के सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया, जहां प्रदर्शन में शामिल अन्य लोगों ने उसे पानी पिलाया। एबीवीपी ने छात्रों के खिलाफ कथित पुलिस ज्यादती को लेकर सरकार से जवाब मांगा।
वहीं, संगठन ने दावा किया कि रांची पुलिस ने प्रदर्शन के दौरान 200 से अधिक कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया है। हालांकि, रांची के सिटी एसपी पारस राणा ने कहा, "विधानसभा मार्च के दौरान करीब 110 एबीवीपी कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया है। किसी को गिरफ्तार नहीं किया गया है।"
एबीवीपी कार्यकर्ता कुमार दिव्यांशु ने आरोप लगाया कि सरकार युवाओं और छात्रों की आवाज दबाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा, "हम विधानसभा की ओर जा रहे थे, तभी मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के गुंडों ने हमें हिरासत में ले लिया।"
एक अन्य एबीवीपी कार्यकर्ता तुषार ने हिरासत में लिए गए लोगों को ले जा रही बस के सामने बैठकर विरोध जताया। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें बिना किसी कारण के हिरासत में लिया जा रहा है और शांतिपूर्ण तरीके से विधानसभा मार्च की अनुमति देने की मांग की।
प्रदर्शनकारी पुलिस वाहन के ऊपर भी चढ़ गए
प्रदर्शन के दौरान कई एबीवीपी कार्यकर्ता सड़क पर पुलिस वाहन के सामने लेट गए, जबकि कुछ प्रदर्शनकारी पुलिस वाहन के ऊपर भी चढ़ गए। एक अन्य प्रदर्शनकारी ने कहा, "सरकार को याद रखना चाहिए कि वह लाखों छात्रों की आवाज को दबा नहीं सकती। हम कथित परीक्षा अनियमितताओं की सीबीआई जांच की मांग कर रहे हैं और छात्रों के लिए अपनी आवाज उठा रहे हैं।"
चतरा जिले से रांची पहुंचीं एबीवीपी कार्यकर्ता प्रीति कुमारी ने कहा, "हम सरकार से पूछना चाहते हैं कि परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक क्यों हो रहे हैं? हम सीबीआई जांच की मांग करते हैं। हम दिन-रात पढ़ाई करते हैं ताकि नौकरी मिल सके, लेकिन बार-बार प्रश्नपत्र लीक हो जाते हैं और हमारे साथ मारपीट की जाती है। यह कैसा न्याय है?"
प्रदर्शन के दौरान उसके 14 जवान घायल हुए-पुलिस
इससे पहले सोमवार, 10 अगस्त को हजारों नौकरी के अभ्यर्थियों ने विधानसभा की ओर मार्च किया था। प्रदर्शनकारियों ने कई बैरिकेड तोड़ दिए और पुलिस के साथ झड़प हुई थी। पुलिस ने जगन्नाथपुर मंदिर के पास प्रदर्शनकारियों पर पानी की बौछार की और आंसू गैस के गोले छोड़े थे। कई प्रदर्शनकारियों ने दावा किया था कि वे घायल हुए हैं। वहीं, रांची पुलिस ने बताया था कि प्रदर्शन के दौरान उसके 14 जवान घायल हुए।
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छात्र और नौकरी के अभ्यर्थी 25 जुलाई से आंदोलन कर रहे हैं। वे भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता, झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की कार्यप्रणाली में सुधार, कई परीक्षाओं को रद्द करने और CBI या झारखंड से बाहर के सेवानिवृत्त हाईकोर्ट के न्यायाधीशों की समिति से स्वतंत्र जांच कराने की मांग कर रहे हैं।