फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jharkhand ›   JPSC JSSC Agitation Devendra Mahto CM Hemant Soren decision Exams cancel Rahul Gandhi mention in Jharkhand

24 दिन के संघर्ष की सफलता: CM हेमंत के फैसले पर देवेंद्र महतो क्या बोले, राहुल गांधी का जिक्र क्यों?

Tue, 18 Aug 2026 03:39 AM IST
ज्योति भास्कर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची। Published by: ज्योति भास्कर Updated Tue, 18 Aug 2026 03:39 AM IST
सार

झारखंड में छात्र आंदोलन से चर्चा में आए देवेंद्र महतो ने कहा, CM हेमंत सोरेन की सरकार ने परीक्षा रद्द करने का साहसिक फैसला लिया है। उन्होंने कहा, वे फिलहाल अपना आंदोलन समाप्त कर रहे हैं, लेकिन शिक्षा और परीक्षा में सुधारों को लेकर वे अपना संघर्ष जारी रखेंगे। जानिए आंदोलन और अनशन कर रहे युवाओं ने और क्या कुछ कहा?

विज्ञापन
JPSC JSSC Agitation Devendra Mahto CM Hemant Soren decision Exams cancel Rahul Gandhi mention in Jharkhand
अनशन के बाद देवेंद्र महतो ने क्या कहा? - फोटो : एएनआई वीडियो ग्रैब

विस्तार

झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राज्य लोकसेवा आयोग की तरफ से आयोजित जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा और विवादित एजेंसी- टीडीपीएल की तरफ से आयोजित सभी परीक्षाओं को रद्द करने की घोषणा की है। राज्य सरकार के इस फैसले पर बीते करीब एक महीने से आंदोलन कर रहे छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने कहा, भूख हड़ताल के 16वें दिन झारखंड सरकार को इतना महत्वपूर्ण निर्णय लेने का साहस दिखाने के लिए धन्यवाद।
विज्ञापन


रांची में छात्र आंदोलन पर सोनम वांगचुक क्या बोले?
अनशन समाप्त करने के बाद देवेंद्र ने लद्दाख के पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक से वीडियो कॉल के माध्यम से बात की। वांगचुक से बात करते हुए देवेंद्र ने कहा कि आंदोलन को उनके समर्थन और मार्गदर्शन से मदद मिली। देवेंद्र ने कहा, 'आपसे प्रेरित और निर्देशित होकर हमने यह लड़ाई लड़ी। आज, भूख हड़ताल के 16वें दिन और आंदोलन के 23वें दिन, सरकार ने हमारी मांगें मान ली हैं।' वांगचुक ने देवेंद्र और अन्य आंदोलनकारियों को सफलता पर बधाई देते हुए कहा कि ये ऐसा मामला है, जिसमें जीत किसी की नहीं हुई है। पेपर लीक जैसे दंश से मुक्ति मिलनी ही चाहिए।
विज्ञापन


विज्ञापन
विज्ञापन



संघर्ष 2 जुलाई को शुरू हुआ था... 
देवेंद्र महतो ने कहा, झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) में गड़बड़ी के खिलाफ यह संघर्ष 2 जुलाई को शुरू हुआ था... 20 जुलाई को मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद, 28 जुलाई को सीआईडी जांच शुरू की गई। जांच पूरी तरह से की जा रही है, किसी को भी नहीं बख्शा जा रहा है, यहां तक कि पूर्व मुख्य सचिव और जेपीएससी अध्यक्ष जैसे उच्च पदस्थ अफसरों पर भी कार्रवाई हो रही है।

ये भी पढ़ें- झारखंड के आंदोलनकारियों का अनशन समाप्त: CBI जांच क्यों नहीं करा रही सरकार, मंत्री दीपिका पांडे के तर्क क्या?

क्या सरकार ने छात्रों के हित में साहसिक कदम उठाए?
उन्होंने कहा, झारखंड सरकार ने महत्वपूर्ण निर्णय लेने का साहस दिखाया है। परीक्षा रद्द करना एक बहुत बड़ी चुनौती थी। यह आसान फैसला नहीं था, क्योंकि जेएसएससी सीजीएल परीक्षा की भर्ती प्रक्रिया पहले ही जॉइनिंग स्टेज तक पहुंच चुकी थी और कई छात्र संभवतः अपनी सीटें सुरक्षित करा चुके हैं। फिर भी, हालात की गंभीरता को देखते हुए, सरकार ने छात्रों के हित में साहसिक कदम उठाया।


ये भी पढ़ें- Ranchi Student Protest: देवेंद्र महतो का अनशन तुड़वाने पहुंचे मंत्री इरफान अंसारी, CM की घोषणा के बाद क्या?

आंदोलन के समर्थन का आभार, अब विरोध प्रदर्शन स्थगित
छह सप्ताह से अधिक लंबे आंदोलन को लेकर देवेंद्र महतो ने कहा, 'छात्रों, मीडिया, सामाजिक कार्यकर्ताओं और उन अजनबियों को भी धन्यवाद जिन्होंने आंदोलन के दौरान हमें रात के एक या दो बजे तक पानी और नाश्ता मुहैया कराया। मुख्यमंत्री ने जो फैसला लिया है, ये झारखंड के लिए एक बड़ी जीत है। मैं अब अपना विरोध प्रदर्शन स्थगित कर रहा हूं, लेकिन सुधार के लिए मेरा संघर्ष जारी रहेगा।'

ये भी पढ़ें- JPSC-JSSC आंदोलन: झारखंड सरकार का बड़ा फैसला, TDPL की सभी परीक्षाएं और परिणाम रद्द; सीएम सोरेन ने किया एलान

सांविधानिक संशोधन की जरूरत पर क्या करे सरकार?
बकौल देवेंद्र महतो, 'मैं एक ऐसी शिक्षा प्रणाली की कल्पना करता हूं जहां पेपर लीक और अनियमितताएं न हों—एक ऐसी प्रणाली जो यह सुनिश्चित करे कि प्राथमिक या माध्यमिक विद्यालय में पढ़ रहे बच्चों को जेपीएससी या जेएसएससी परीक्षाओं में बैठते समय ऐसे बलिदान या संघर्ष न करने पड़ें। यदि इसके लिए विधानसभा को नए कानून बनाने या सांविधानिक संशोधन की जरूरत हो, तो ऐसा किया जाना चाहिए। हर परीक्षा की निगरानी होनी चाहिए, हर परीक्षा का ऑडिट होना चाहिए और परीक्षा के हर चरण में स्पष्ट प्रमाण होने चाहिए; हम इसके लिए संघर्ष जारी रखेंगे।

कब शुरू हुआ आंदोलन, विधानसभा घेराव से लेकर शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शन तक क्या-क्या हुआ?
झारखंड का छात्र आंदोलन 25 जुलाई से शुरू हुआ। धरना-प्रदर्शन पहले रांची शहर के मोरहाबादी में बापू वाटिका में शुरू हुआ, जिसे डूरंड कप और अन्य आयोजनों के आधार पर जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में स्थानांतरित किया गया। 10 अगस्त को आंदोलनकारियों ने विधानसभा घेराव का एलान किया था। इस दिन बड़ी संख्या में युवाओं को स्टेडियम से करीब 10-12 किमी दूर विधानसभा तक पैदल यात्रा करते देखा गया। हालांकि, बैरिकेडिंग तोड़ने और पत्थरबाजी की घटनाओं के बाद पुलिस ने बलप्रयोग भी किया। अब 24 दिनों के संघर्ष के बाद सरकार ने 17 अगस्त को आंदोलनकारियों की बात मानी और देवेंद्र महतो समेत अन्य आंदोलनकारियों ने लगभग आधी रात को अपना अनशन समाप्त किया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed