JPSC-JSSC आंदोलन का 25वां दिन: सरकार के फैसले पर छात्रों का जश्न, लेकिन CBI जांच पर अड़े; बोले- आधी जीत हुई
रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में JPSC-JSSC परीक्षाओं में कथित धांधली की CBI जांच की मांग को लेकर छात्रों का आंदोलन मंगलवार को 25वें दिन भी जारी रहा। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की ओर से छात्रों की कई प्रमुख मांगें मान लिए जाने के बाद आंदोलन स्थल पर खुशी का माहौल रहा और कुछ छात्रों ने अनशन समाप्त किया।
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राजधानी रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में JPSC-JSSC परीक्षाओं में कथित धांधली की CBI जांच की मांग को लेकर छात्रों का आंदोलन मंगलवार को 25वें दिन भी जारी रहा। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की ओर से छात्रों की लगभग सभी प्रमुख मांगों को मान लिए जाने के बाद आंदोलन स्थल पर छात्रों में खुशी का माहौल देखने को मिला। छात्रों ने जश्न मनाया और कुछ आंदोलनकारियों ने अपना अनशन भी समाप्त कर दिया। हालांकि, आंदोलनकारी छात्रों ने साफ कर दिया है कि जब तक सरकार अपने फैसलों को लिखित रूप में नहीं देती और JPSC-JSSC परीक्षाओं में हुई कथित अनियमितताओं की CBI जांच की अनुशंसा नहीं करती, तब तक आंदोलन पूरी तरह खत्म नहीं किया जाएगा।
टीडीपीएल से जुड़ी परीक्षाएं और भर्तियां रद्द करने के फैसले से खुशी
सरकार की ओर से टीडीपीएल के माध्यम से आयोजित परीक्षाओं और उससे जुड़ी भर्तियों को रद्द करने की घोषणा के बाद आंदोलन कर रहे छात्रों ने इसे अपनी मांगों की दिशा में बड़ी उपलब्धि बताया। सरकार के इस फैसले के बाद आंदोलन स्थल पर छात्रों ने खुशी जाहिर की और जश्न मनाया। इसी बीच कुछ छात्रों ने अपना अनशन भी समाप्त कर दिया। हालांकि, छात्र नेताओं का कहना है कि यह आंदोलन की अंतिम जीत नहीं है। उनका कहना है कि सरकार की ओर से लिए गए फैसलों को लिखित रूप में जारी किया जाना जरूरी है।
CBI जांच की मांग पर अब भी दो छात्र भूख हड़ताल पर
JPSC-JSSC परीक्षा में कथित धांधली की CBI जांच की मांग को लेकर रूपेश कुमार और सबीता कुमारी अब भी भूख हड़ताल पर हैं। दोनों आंदोलन स्थल पर डटे हुए हैं और अपनी मांगों को लेकर संघर्ष जारी रखे हुए हैं। आंदोलनकारी छात्रों का कहना है कि सरकार ने उनकी कई प्रमुख मांगों को स्वीकार कर लिया है, लेकिन CBI जांच की मांग अभी पूरी नहीं हुई है। इसलिए जब तक इस मांग पर सरकार की ओर से ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, आंदोलन जारी रहेगा।
CGL परीक्षा रद्द करने की मांग मानी गई: मयंक राजपूत
छात्र नेता मयंक राजपूत ने कहा कि छात्रों की प्रमुख मांगों में CGL परीक्षा को रद्द करना भी शामिल था, जिसे सरकार ने मान लिया है। उन्होंने इस फैसले के लिए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का आभार जताया। हालांकि, मयंक राजपूत ने कहा कि सरकार ने जिन मांगों को स्वीकार किया है, उन्हें लिखित रूप में देना जरूरी है। इसके साथ ही JPSC और JSSC परीक्षाओं में हुई कथित धांधली की CBI जांच भी आवश्यक है।
‘CBI जांच से बड़े लोगों तक पहुंच सकती है जांच’
मयंक राजपूत ने कहा कि CBI जांच होने से मामले में शामिल बड़े लोगों तक जांच पहुंच सकती है और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई संभव होगी। उन्होंने कहा कि छात्रों की यह आधी जीत है और इसे पूरी जीत तब माना जाएगा, जब सरकार JPSC-JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की CBI जांच की अनुशंसा करेगी। उनका कहना है कि छात्रों का उद्देश्य सिर्फ परीक्षाओं को रद्द कराना नहीं, बल्कि कथित अनियमितताओं के लिए जिम्मेदार लोगों तक जांच पहुंचाना और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित कराना भी है।
‘CBI जांच की मांग पूरी होने तक जारी रहेगा आंदोलन’
छात्र नेता कुणाल कुमार ने भी स्पष्ट किया कि CBI जांच की मांग पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा। छात्रों का कहना है कि सरकार के फैसलों के बाद आंदोलन को लेकर सकारात्मक माहौल जरूर बना है, लेकिन उनकी अंतिम और महत्वपूर्ण मांग अभी बाकी है।
छात्र नेताओं के मुताबिक, जब तक सरकार अपने फैसलों को लिखित रूप में नहीं देती और CBI जांच की अनुशंसा नहीं करती, तब तक वे आंदोलन से पीछे नहीं हटेंगे। फिलहाल जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में आंदोलन जारी है और छात्रों की नजर सरकार के अगले कदम पर टिकी हुई है।