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Jharkhand: देवघर के जंगल में फर्जी कॉल सेंटर चला रहे थे साइबर क्रिमिनल, 11 गिरफ्तार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
Published by: राँची ब्यूरो
Updated Tue, 03 Mar 2026 08:07 PM IST
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सार
Jharkhand: देवघर जिले में जंगल के बीच फर्जी कस्टमर केयर कॉल सेंटर चलाकर साइबर ठगी करने वाले गिरोह का पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। साइबर थाना और पथरौल थाना की संयुक्त छापेमारी में 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
गिरफ्तार आरोपी
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
झारखंड के देवघर जिले की पुलिस ने जंगल के बीच बैठकर फर्जी कस्टमर केयर कॉल सेंटर चला रहे साइबर अपराधियों के गिरोह का भंडाफोड़ किया है। विशेष अभियान के तहत मंगलवार को की गई छापेमारी में 11 आरोपितों को गिरफ्तार किया गया है।
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फर्जी नंबर से बनाते थे शिकार
पुलिस का दावा है कि ये लोग इंटरनेट पर फर्जी नंबर डालकर देशभर के लोगों को ठगी का शिकार बना रहे थे। गुप्त सूचना के आधार पर साइबर थाना और पथरौल थाना की संयुक्त टीम ने पथरौल थाना क्षेत्र के सरहैता गांव के पास जंगल इलाके में छापा मारा। वहां मोबाइल फोन और सिम कार्ड के जरिए कथित तौर पर फर्जी कस्टमर केयर सेवा चलाई जा रही थी।
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आरोपियों के पास से 1 लाख नकद बरामद
मौके से चंदन कुमार, राहुल कुमार दास, कुंदन कुमार, दिवाकर महरा, जब्बार अंसारी, दीपक कुमार मंडल, प्रिंस कुमार मंडल, नीरज कुमार दास, संजय कुमार दास, रोहित कुमार यादव और एक अन्य राहुल कुमार दास को गिरफ्तार किया गया। तलाशी में पुलिस ने 11 मोबाइल फोन, 12 सिम कार्ड और 1.01 लाख रुपए नकद बरामद किए। नकदी नीरज कुमार दास के पास से मिली। प्रारंभिक जांच में पुलिस को आशंका है कि यह रकम हाल के दिनों में की गई साइबर ठगी से जुड़ी हो सकती है।
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ऐसे करते थे ठगी
पूछताछ में सामने आया है कि आरोपित गूगल सर्च पर विभिन्न कंपनियों और डिजिटल भुगतान प्लेटफॉर्म के आधिकारिक कस्टमर केयर नंबर की जगह अपने फर्जी नंबर अपलोड कर देते थे। जब ग्राहक समस्या के समाधान के लिए इन नंबरों पर कॉल करते थे तो उन्हें झांसे में लेकर बैंक खाते की जानकारी, ओटीपी या अन्य गोपनीय विवरण हासिल कर लिया जाता था। इसके अलावा, खुद को फोनपे और पेटीएम का प्रतिनिधि बताकर इनाम या कैशबैक का लालच देकर भी ठगी की जाती थी। पुलिस ने सभी आरोपितों के खिलाफ साइबर ठगी से संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। अधिकारियों का कहना है कि गिरोह के अन्य सदस्यों और इनके नेटवर्क की पड़ताल की जा रही है।