R-Day: 'झारखंड को अपराधमुक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध पुलिस, 2025 में 32 नक्सली मारे गए', बोलीं DGP तदाशा मिश्रा
Ranchi News: गणतंत्र दिवस के मौके पर झारखंड की डीजीपी तदाशा मिश्रा ने राज्य को अपराधमुक्त बनाने के लिए पुलिस के प्रतिबद्ध होने की बात कही। उन्होंने बताया कि 2025 में पुलिस ने 32 नक्सलियों को मार गिराया, 326 को गिरफ्तार किया और 38 ने आत्मसमर्पण किया। नशा, साइबर अपराध और आतंक से जुड़े मामलों में भी बड़ी कार्रवाई की गई।
विस्तार
झारखंड पुलिस की महानिदेशक तदाशा मिश्रा ने कहा कि राज्य पुलिस झारखंड को अपराधमुक्त बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। सोमवार को रांची स्थित पुलिस मुख्यालय में राष्ट्रीय ध्वज फहराने के बाद आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डीजीपी ने वर्ष 2025 में नक्सल विरोधी अभियानों और अन्य अपराध नियंत्रण से जुड़ी उपलब्धियों की जानकारी दी।
नक्सल विरोधी अभियान में बड़ी सफलता का दावा
डीजीपी तदाशा मिश्रा ने बताया कि कई चुनौतियों के बावजूद झारखंड पुलिस ने वर्ष 2025 में कुल 326 नक्सलियों को गिरफ्तार किया। इस दौरान 38 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया, जबकि पुलिस मुठभेड़ों में 32 नक्सली मारे गए। उन्होंने इसे माओवादी हिंसा के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करार दिया।
राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर एटीएस की कार्रवाई
उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में एंटी टेररिज्म स्क्वॉड ने 30 कुख्यात अपराधियों को गिरफ्तार किया। इनमें प्रतिबंधित संगठन हिज्ब-उत-तहरीर से जुड़े पांच सक्रिय सदस्य भी शामिल थे। डीजीपी के अनुसार यह कार्रवाई आंतरिक सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
नशा कारोबार के खिलाफ सख्त कदम
डीजीपी ने कहा कि मादक पदार्थों के अवैध कारोबार के खिलाफ भी पुलिस की कार्रवाई प्रभावी रही। वर्ष 2025 में 706 नशीले पदार्थों से जुड़े मामले दर्ज किए गए, जिनमें 883 आरोपियों को जेल भेजा गया। इस दौरान 58.77 करोड़ रुपये मूल्य के मादक पदार्थ जब्त किए गए। उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई केवल कानून प्रवर्तन नहीं, बल्कि युवाओं को विनाशकारी भविष्य से बचाने का प्रयास है।
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साइबर अपराध पर बढ़ती निगरानी
डिजिटल युग में साइबर अपराध को बड़ी चुनौती बताते हुए डीजीपी मिश्रा ने कहा कि वर्ष 2025 में 1,413 साइबर अपराध के मामले दर्ज किए गए। इनमें 1,268 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने 90 लाख रुपये नकद जब्त किए, 38.67 करोड़ रुपये फ्रीज किए और 1.48 करोड़ रुपये से अधिक की राशि पीड़ितों को वापस कराई।
प्रतिबिंब एप से नेटवर्क तोड़ने का दावा
डीजीपी ने बताया कि प्रतिबिंब एप के जरिए 140 अतिरिक्त मामलों का खुलासा हुआ, जिनमें 642 अपराधियों की गिरफ्तारी की गई। इस दौरान 1,008 मोबाइल फोन और 1,332 सिम कार्ड जब्त किए गए, जिससे कई साइबर अपराध नेटवर्क की रीढ़ टूटने का दावा किया गया।
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