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Jharkhand News: 'सरकार गंभीर है, फैसला भी होगा',JPSC-JSSC आंदोलन के बीच सीएम हेमंत सोरेन ने दिया भरोसा
Tue, 04 Aug 2026 04:50 PM IST
आशुतोष प्रताप सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
Published by: आशुतोष प्रताप सिंह
Updated Tue, 04 Aug 2026 04:50 PM IST
सार
झारखंड में जेपीएससी और अन्य भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर जारी छात्र आंदोलन के बीच मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि सरकार प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों की मांगों और सवालों को गंभीरता से देख रही है तथा उचित समय पर निर्णय लिया जाएगा।
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मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
झारखंड में जेपीएससी और अन्य भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी को लेकर जारी छात्र आंदोलन के बीच मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि सरकार प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों की सभी मांगों और सवालों को गंभीरता से देख रही है। उचित समय पर सरकार की ओर से निर्णय लिया जाएगा। वहीं, दूसरी ओर आंदोलन कर रहे छात्रों ने सीआईडी जांच पर सवाल उठाते हुए झारखंड से बाहर के सेवानिवृत्त हाईकोर्ट जजों की स्वतंत्र समिति से जांच कराने की मांग तेज कर दी है।
सरकार गंभीर, उचित समय पर होगा फैसला: हेमंत सोरेन
रांची में पत्रकारों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि सरकार प्रदर्शनकारी छात्रों की मांगों और चिंताओं को पूरी गंभीरता से देख रही है। उन्होंने कहा, "पूरी गंभीरता और गहन समीक्षा के साथ उनकी मांगों और सवालों पर विचार किया जा रहा है। उचित समय पर सरकार निर्णय की घोषणा करेगी। मुझे विश्वास है कि उसके बाद प्रदर्शनकारी संतुष्ट होंगे।"
जांच एजेंसियां हर पहलू की कर रही हैं जांच
मुख्यमंत्री ने कहा कि जांच एजेंसियां कथित अनियमितताओं के हर पहलू की गहन जांच कर रही हैं। उन्होंने कहा, "जांच टीम पूरी सक्रियता के साथ काम कर रही है। जहां भी किसी तरह की गड़बड़ी हुई है या होने की आशंका है, उसकी पूरी जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद सरकार भी आवश्यक निर्णय लेगी।"
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छात्रों ने सीआईडी जांच पर उठाए सवाल
29 जुलाई से रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे अभ्यर्थियों ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार पूरे मामले को दबाने की कोशिश कर रही है। छात्रों का कहना है कि सीआईडी से जांच कराने के बजाय झारखंड से बाहर के सेवानिवृत्त हाईकोर्ट न्यायाधीशों की स्वतंत्र समिति से पूरे मामले की जांच कराई जाए। इससे पहले छात्र सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) से जांच कराने की भी मांग कर चुके हैं। उनका आरोप है कि भर्ती घोटाले में बड़े पैमाने पर वित्तीय लेन-देन हुआ है।
रघुवर दास ने मुख्यमंत्री से की छात्रों से बातचीत की अपील
पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने भी मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से आंदोलनकारी छात्रों से सीधे बातचीत करने की अपील की है। जमशेदपुर में प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने कहा कि उन्होंने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर छात्रों से संवाद करने और उनकी मांगों पर उचित कार्रवाई करने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि यह पत्र उन्होंने किसी राजनीतिक उद्देश्य से नहीं, बल्कि छात्र आंदोलनों की भावना को समझने वाले व्यक्ति के रूप में लिखा है।
'बिना वजह सड़क पर नहीं उतरे छात्र'
रघुवर दास ने कहा कि छात्र बिना कारण आंदोलन नहीं कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि भर्ती परीक्षाओं में भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के गंभीर आरोप लगे हैं। ऐसे में सरकार को छात्रों से बातचीत करनी चाहिए और सीबीआई जांच की मांग पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।
धरनास्थल पर सुविधाओं की कमी का आरोप
पूर्व मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे छात्रों को धरनास्थल पर टेंट, पेयजल और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं कराई जा रही हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि छात्रों की मांगों की अनदेखी जारी रही तो यह आंदोलन आगे चलकर जन आंदोलन का रूप ले सकता है।
NEET पेपर लीक का दिया उदाहरण
रघुवर दास ने नीट पेपर लीक मामले का उदाहरण देते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने तत्काल परीक्षा रद्द की, सीबीआई जांच के आदेश दिए और कुछ ही दिनों में दोबारा परीक्षा भी आयोजित कराई। उन्होंने सवाल उठाया कि झारखंड में इसी तरह की कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही है।
CID की कार्रवाई जारी, अब तक 11 गिरफ्तार
कथित भर्ती अनियमितताओं की जांच कर रही सीआईडी अब तक 11 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। बढ़ते विरोध प्रदर्शन के बीच झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) ने 25 से 27 जुलाई तक प्रस्तावित संयुक्त सिविल सेवा मुख्य परीक्षा को "अपरिहार्य कारणों" का हवाला देते हुए स्थगित कर दिया था।
पूर्व JPSC अध्यक्ष से चार बार पूछताछ, 18 ठिकानों पर छापेमारी
सीआईडी ने 28 जुलाई से अब तक पूर्व जेपीएससी अध्यक्ष एल. खियांगते से चार बार पूछताछ की है। इसके अलावा भर्ती अनियमितताओं की जांच के तहत रांची, पलामू, हजारीबाग, बोकारो और धनबाद में 18 अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी भी की गई है।
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सरकार गंभीर, उचित समय पर होगा फैसला: हेमंत सोरेन
रांची में पत्रकारों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि सरकार प्रदर्शनकारी छात्रों की मांगों और चिंताओं को पूरी गंभीरता से देख रही है। उन्होंने कहा, "पूरी गंभीरता और गहन समीक्षा के साथ उनकी मांगों और सवालों पर विचार किया जा रहा है। उचित समय पर सरकार निर्णय की घोषणा करेगी। मुझे विश्वास है कि उसके बाद प्रदर्शनकारी संतुष्ट होंगे।"
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जांच एजेंसियां हर पहलू की कर रही हैं जांच
मुख्यमंत्री ने कहा कि जांच एजेंसियां कथित अनियमितताओं के हर पहलू की गहन जांच कर रही हैं। उन्होंने कहा, "जांच टीम पूरी सक्रियता के साथ काम कर रही है। जहां भी किसी तरह की गड़बड़ी हुई है या होने की आशंका है, उसकी पूरी जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद सरकार भी आवश्यक निर्णय लेगी।"
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छात्रों ने सीआईडी जांच पर उठाए सवाल
29 जुलाई से रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे अभ्यर्थियों ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार पूरे मामले को दबाने की कोशिश कर रही है। छात्रों का कहना है कि सीआईडी से जांच कराने के बजाय झारखंड से बाहर के सेवानिवृत्त हाईकोर्ट न्यायाधीशों की स्वतंत्र समिति से पूरे मामले की जांच कराई जाए। इससे पहले छात्र सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) से जांच कराने की भी मांग कर चुके हैं। उनका आरोप है कि भर्ती घोटाले में बड़े पैमाने पर वित्तीय लेन-देन हुआ है।
रघुवर दास ने मुख्यमंत्री से की छात्रों से बातचीत की अपील
पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने भी मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से आंदोलनकारी छात्रों से सीधे बातचीत करने की अपील की है। जमशेदपुर में प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने कहा कि उन्होंने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर छात्रों से संवाद करने और उनकी मांगों पर उचित कार्रवाई करने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि यह पत्र उन्होंने किसी राजनीतिक उद्देश्य से नहीं, बल्कि छात्र आंदोलनों की भावना को समझने वाले व्यक्ति के रूप में लिखा है।
'बिना वजह सड़क पर नहीं उतरे छात्र'
रघुवर दास ने कहा कि छात्र बिना कारण आंदोलन नहीं कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि भर्ती परीक्षाओं में भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के गंभीर आरोप लगे हैं। ऐसे में सरकार को छात्रों से बातचीत करनी चाहिए और सीबीआई जांच की मांग पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।
धरनास्थल पर सुविधाओं की कमी का आरोप
पूर्व मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे छात्रों को धरनास्थल पर टेंट, पेयजल और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं कराई जा रही हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि छात्रों की मांगों की अनदेखी जारी रही तो यह आंदोलन आगे चलकर जन आंदोलन का रूप ले सकता है।
NEET पेपर लीक का दिया उदाहरण
रघुवर दास ने नीट पेपर लीक मामले का उदाहरण देते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने तत्काल परीक्षा रद्द की, सीबीआई जांच के आदेश दिए और कुछ ही दिनों में दोबारा परीक्षा भी आयोजित कराई। उन्होंने सवाल उठाया कि झारखंड में इसी तरह की कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही है।
CID की कार्रवाई जारी, अब तक 11 गिरफ्तार
कथित भर्ती अनियमितताओं की जांच कर रही सीआईडी अब तक 11 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। बढ़ते विरोध प्रदर्शन के बीच झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) ने 25 से 27 जुलाई तक प्रस्तावित संयुक्त सिविल सेवा मुख्य परीक्षा को "अपरिहार्य कारणों" का हवाला देते हुए स्थगित कर दिया था।
पूर्व JPSC अध्यक्ष से चार बार पूछताछ, 18 ठिकानों पर छापेमारी
सीआईडी ने 28 जुलाई से अब तक पूर्व जेपीएससी अध्यक्ष एल. खियांगते से चार बार पूछताछ की है। इसके अलावा भर्ती अनियमितताओं की जांच के तहत रांची, पलामू, हजारीबाग, बोकारो और धनबाद में 18 अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी भी की गई है।