Jharkhand: सीएम आवास घेरने निकले ABVP कार्यकर्ताओं की पुलिस से धक्का-मुक्की, बैरिकेड तोड़ने की कोशिश; बवाल
रांची में मुख्यमंत्री आवास की ओर मार्च कर रहे एबीवीपी कार्यकर्ताओं की पुलिस से धक्का-मुक्की हो गई। बैरिकेड तोड़ने की कोशिश पर 8-10 कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया।
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झारखंड के मुख्यमंत्री आवास के पास शुक्रवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच उस समय धक्का-मुक्की हो गई, जब प्रदर्शनकारी बैरिकेड्स तोड़कर आगे बढ़ने की कोशिश कर रहे थे। पुलिस ने इस दौरान 8 से 10 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया। भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध में एबीवीपी ने 11 अगस्त को झारखंड विधानसभा मार्च का भी आह्वान किया है।
एबीवीपी की झारखंड इकाई ने भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों के समर्थन में मुख्यमंत्री आवास तक मार्च निकाला था। यह मार्च रांची स्थित डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय से शुरू हुआ। एक पुलिस अधिकारी ने बताया, "एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने पुलिस से धक्का-मुक्की की और मुख्यमंत्री आवास के पास बैरिकेड्स तोड़ने की कोशिश की। 8 से 10 कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया है और उन्हें लालपुर थाना ले जाया जाएगा। हिरासत में लिए गए लोगों में एबीवीपी के पदाधिकारी प्रदीप शेखावत, पशुपतिनाथ उपमन्यु और प्रकाश टूटी शामिल हैं।
पुलिस उपाधीक्षक (मुख्यालय) अजय आर्यन ने बताया कि एबीवीपी कार्यकर्ता डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय से मुख्यमंत्री आवास तक विरोध मार्च निकाल रहे थे। किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए उन्हें सिदो-कान्हू पार्क के पास रोक दिया गया। एबीवीपी के प्रदेश सचिव प्रकाश टूटी ने कहा कि संगठन ने इस मुद्दे पर 11 अगस्त को 'विधानसभा मार्च' का आह्वान किया है।
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उन्होंने कहा कि हम प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ मजबूती से खड़े हैं। शनिवार को हमने उनकी जायज मांगों के समर्थन में मुख्यमंत्री आवास तक मार्च निकाला। इस मार्च के माध्यम से हमने उनकी आवाज बुलंद की। हमारे कई सवाल हैं और मुख्यमंत्री को उनका जवाब देना चाहिए। इसी मुद्दे को लेकर एबीवीपी ने 11 अगस्त को विधानसभा मार्च करने का फैसला किया है। उन्होंने राज्यभर के छात्रों, महिलाओं और युवाओं से बड़ी संख्या में इस कार्यक्रम में शामिल होने की अपील भी की। हिरासत में लिए गए एक एबीवीपी नेता ने आरोप लगाया कि पुलिस "छात्रों की आवाज दबाने पर आमादा है।
उन्होंने कहा, "हमें पुलिस से कोई समस्या नहीं है। हमारी लड़ाई सरकार और उसकी नीतियों से है। पिछले दो सप्ताह से अधिक समय से छात्र और नौकरी के अभ्यर्थी रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में प्रदर्शन कर रहे हैं। वे 14वीं जेपीएससी परीक्षा रद्द करने की मांग कर रहे हैं, लेकिन राज्य सरकार उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दे रही। हमने आंदोलनरत छात्रों के समर्थन में यह मार्च निकाला था।"
प्रदर्शन के दौरान एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के इस्तीफे और 14वीं जेपीएससी परीक्षा रद्द करने की मांग को लेकर नारेबाजी की। जब प्रदर्शनकारी मुख्यमंत्री आवास से करीब 500 मीटर पहले पहुंचे, तो पुलिस ने उन्हें बैरिकेड्स पार करने से रोकने की कोशिश की, जिससे दोनों पक्षों के बीच धक्का-मुक्की हो गई। झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ चल रहा आंदोलन शनिवार को 15वें दिन में प्रवेश कर गया। राज्य सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई वार्ता बेनतीजा रहने के कारण गतिरोध अब भी बना हुआ है।