JPSC-JSSC Protest: ‘शरीर डिहाइड्रेट हो गया, अंग साथ नहीं दे रहे’, भूख हड़ताल पर बैठे देवेंद्र नाथ महतो बोले
रांची में JPSC-JSSC नियुक्ति परीक्षाओं को लेकर छात्रों का आंदोलन जारी है। भूख हड़ताल पर बैठे छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने अपनी बिगड़ती तबीयत को लेकर चिंता जताई है। उन्होंने बताया कि डॉक्टरों के अनुसार उनका ब्लड शुगर और ब्लड प्रेशर कम है, शरीर डिहाइड्रेट हो गया है और उन्हें बोलने में भी काफी परेशानी हो रही है।
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झारखंड में JPSC-JSSC नियुक्ति परीक्षाओं को लेकर छात्रों का आंदोलन लगातार जारी है। रांची में आंदोलन के दौरान भूख हड़ताल पर बैठे छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो की तबीयत बिगड़ गई है। उन्होंने कहा कि उन्हें बोलने में काफी परेशानी हो रही है। डॉक्टरों ने उनका ब्लड शुगर और ब्लड प्रेशर कम बताया है। उनका कहना है कि शरीर में पानी की कमी हो गई है और अब शरीर के अंग भी साथ नहीं दे पा रहे हैं। देवेंद्र नाथ महतो ने सरकार से छात्रों की मांगों पर जल्द सकारात्मक कार्रवाई की अपील की है।
‘बोलने में काफी दिक्कत हो रही, शरीर के अंग साथ नहीं दे रहे’
छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने अपनी स्वास्थ्य स्थिति के बारे में बताया कि उन्हें बोलने में काफी कठिनाई हो रही है। उन्होंने कहा, “डॉक्टर ने कहा कि मेरा ब्लड शुगर और ब्लड प्रेशर कम है। पूरा शरीर डिहाइड्रेट हो गया है। मेरे शरीर के अंग साथ नहीं दे पा रहे हैं।” उन्होंने बताया कि सरकार के अधिकारियों के साथ छात्रों की मुलाकात के संबंध में वह खुद नहीं गए थे, बल्कि कुछ छात्र प्रतिनिधि अधिकारियों से मिले थे। छात्रों ने सरकार के सामने अपनी मांगों की सूची रखी है।
‘सरकार ने मांगों को जायज बताया, विचार करने का भरोसा दिया’
देवेंद्र नाथ महतो के अनुसार, अधिकारियों के साथ हुई बातचीत में सरकार की ओर से छात्रों की मांगों को जायज बताया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने इन मांगों पर विचार करने का भरोसा दिया है। आंदोलनकारी छात्रों की प्रमुख मांगों में टीडीपीएल (TDPL) द्वारा ली गई JPSC और JSSC की सभी नियुक्ति परीक्षाओं को रद्द करना, कथित अनियमितताओं के दोषियों की गिरफ्तारी और पूरे मामले की CBI/ED से जांच कराना शामिल है। इसके अलावा छात्रों की ओर से JPSC के साथ-साथ JSSC के पदाधिकारियों की कथित घोटाले में संलिप्तता की भी निष्पक्ष जांच की मांग की जा रही है।
स्वास्थ्य मंत्री से छात्रों की स्थिति पर हस्तक्षेप की मांग
इधर, विधानसभा में स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी से मुलाकात कर छात्र आंदोलन की वर्तमान स्थिति से अवगत कराया गया। इस दौरान भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों की लगातार बिगड़ती तबीयत और उनकी गंभीर स्थिति की जानकारी मंत्री को दी गई। मंत्री से आग्रह किया गया कि वे आंदोलन स्थल पर जाकर भूख हड़ताल कर रहे छात्रों से मुलाकात करें और उनकी स्वास्थ्य स्थिति का जायजा लें। साथ ही छात्रों की मांगों पर जल्द सकारात्मक और सार्थक वार्ता कराकर समस्या का समाधान करने तथा उनकी भूख हड़ताल समाप्त कराने की अपील की गई। छात्रों की ओर से कहा गया कि छात्रों का जीवन और उनका भविष्य सर्वोपरि है, इसलिए उनकी मांगों और आवाज को गंभीरता से सुना जाना चाहिए।
जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम पहुंचा बीजेपी प्रतिनिधिमंडल
इसी बीच बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू के नेतृत्व में पार्टी का एक प्रतिनिधिमंडल रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम पहुंचा और आंदोलनकारी छात्रों से मुलाकात की। छात्रों से बातचीत के बाद आदित्य साहू ने राज्य सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सरकार को समझना चाहिए कि युवा शक्ति सबसे बड़ी शक्ति होती है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के पास छात्रों को नौकरी देने का अधिकार है, लेकिन नौकरी छीनने का अधिकार नहीं है।
आदित्य साहू ने राहुल गांधी पर भी साधा निशाना
आदित्य साहू ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के समर्थन से चलने वाली सरकार में छात्रों के साथ अन्याय और अत्याचार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि झारखंड सरकार कांग्रेस के रास्ते पर चलते हुए भूखे-प्यासे छात्रों के साथ अन्याय कर रही है। उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी का भी जिक्र करते हुए कहा कि दिल्ली में छात्रों के आंदोलन के दौरान राहुल गांधी ने छात्रों से बातचीत की थी। आदित्य साहू ने कहा कि अगर राहुल गांधी छात्रों के मुद्दे को लेकर गंभीर हैं तो उन्हें सरकार से बात करनी चाहिए और CBI जांच की मांग करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर CBI जांच नहीं होती है तो उनकी पार्टी सरकार से समर्थन वापस लेकर छात्रों के समर्थन में धरने पर बैठे।
CBI जांच और परीक्षाएं रद्द करने की मांग पर अड़े छात्र
JPSC-JSSC नियुक्ति परीक्षाओं को लेकर आंदोलन कर रहे छात्र कथित अनियमितताओं की जांच और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। छात्र संगठनों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस और सकारात्मक कार्रवाई नहीं होती, आंदोलन जारी रहेगा।
वहीं, देवेंद्र नाथ महतो की बिगड़ती तबीयत ने आंदोलन को और गंभीर बना दिया है। अब सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती छात्रों की मांगों पर बातचीत के साथ-साथ भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों के स्वास्थ्य की स्थिति को संभालना भी है।