Danapur Murder Case: 12 साल पुराने हत्याकांड में पत्नी और प्रेमी को उम्रकैद, दो आरोपी साक्ष्य के अभाव में बरी
दानापुर व्यवहार न्यायालय ने चंदन कुमार की हत्या के करीब 12 साल पुराने मामले में शुक्रवार को फैसला सुनाया। जिला अपर एवं सत्र न्यायाधीश-प्रथम कुमार गुंजन की अदालत ने चंदन की पत्नी अनिशा देवी और पप्पू कुमार को हत्या का दोषी मानते हुए आजीवन सश्रम कारावास की सजा सुनाई।
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व्यवहार न्यायालय, दानापुर की अदालत ने पति की हत्या के करीब 12 साल पुराने मामले में शुक्रवार को फैसला सुनाते हुए पत्नी और उसके प्रेमी को दोषी करार दिया। जिला अपर एवं सत्र न्यायाधीश-प्रथम कुमार गुंजन की अदालत ने हत्या की दोषी अनिशा देवी और पप्पू कुमार को आजीवन सश्रम कारावास की सजा सुनाई। अदालत ने दोनों पर 50-50 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। वहीं, साक्ष्य के अभाव में दो अन्य आरोपित उमेर यादव और भीम यादव को रिहा कर दिया गया।
2014 में हुई थी चंदन कुमार की हत्या
प्रभारी अपर लोक अभियोजक रामेश्वर प्रसाद ने बताया कि मामला नौबतपुर थाना कांड संख्या 346/14 और सेशन ट्रायल संख्या 755/17 से संबंधित है। रेगनिया बाग, नौबतपुर निवासी चंदन कुमार की हत्या का आरोप उसकी पत्नी अनिशा देवी, उसके कथित प्रेमी पप्पू कुमार, उमेर यादव और भीम यादव पर लगाया गया था। मृतक के पिता सुदर्शन प्रसाद ने नौबतपुर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी।
2008 में हुई थी चंदन और अनिशा की शादी
प्राथमिकी के अनुसार, वर्ष 2008 में चंदन कुमार की शादी दुल्हिन बाजार थाना क्षेत्र के सिंघाड़ा कोपा निवासी उमेर यादव की पुत्री अनिशा देवी से हुई थी। शादी के बाद दोनों के बीच संबंध अच्छे नहीं रहे। इसी दौरान अनिशा देवी का पप्पू कुमार के साथ कथित रूप से प्रेम संबंध हो गया। आरोप था कि चंदन कुमार ने अपनी पत्नी को पप्पू कुमार के साथ आपत्तिजनक स्थिति में देख लिया था और इसकी जानकारी अपने पिता को दी थी। इसका विरोध करने पर चंदन के साथ मारपीट किए जाने का भी आरोप लगाया गया था।
हत्या से एक दिन पहले हुआ था समझौता
मामले के अनुसार, पति-पत्नी के बीच विवाद को लेकर 13 जुलाई 2014 को दोनों पक्षों के बीच समझौता भी हुआ था। हालांकि, आरोप है कि इसके अगले ही दिन 14 जुलाई 2014 को अनिशा देवी ने पप्पू कुमार और अन्य लोगों के साथ मिलकर चंदन कुमार के साथ मारपीट की और उसकी हत्या कर दी। परिजनों की ओर से यह भी आरोप लगाया गया था कि हत्या को आत्महत्या का रूप देने का प्रयास किया गया। प्राथमिकी में कमरे के बाहर से ताला लगाए जाने की बात भी कही गई थी।
अदालत ने साक्ष्यों के आधार पर सुनाया फैसला
मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने अभियोजन और बचाव पक्ष की दलीलों को सुना तथा रिकॉर्ड पर उपलब्ध साक्ष्यों का परीक्षण किया। इसके बाद अदालत ने अनिशा देवी और पप्पू कुमार को हत्या का दोषी करार देते हुए दोनों को आजीवन सश्रम कारावास की सजा सुनाई।
अदालत ने दोनों दोषियों पर 50-50 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया। वहीं, मामले में पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिलने के कारण उमेर यादव और भीम यादव को रिहा कर दिया गया।